Saharanpur : दोनों टेस्ट पास, 1350 के बदले 4000 दिए, फिर भी गलत लाइसेंस,परिवहन विभाग की बड़ी लापरवाही
युवक का कहना है कि लाइसेंस बनवाने में उसने करीब ₹4000 खर्च किए, जबकि सरकारी शुल्क केवल ₹1350 है। इसमें ₹1000 पक्का लाइसेंस और ₹350 लर्निंग लाइसें
सहारनपुर : जिले में परिवहन विभाग की लापरवाही का बड़ा मामला सामने आया है। यहाँ एक युवक ने ड्राइविंग टेस्ट सेंटर में टू-व्हीलर और एलएमवी (हल्के मोटर वाहन/कार) दोनों की परीक्षा दी और दोनों में पूरे अंक लेकर पास हुआ। टेस्ट रिपोर्ट में साफ लिखा है कि अभ्यर्थी ने 100 में से 100 अंक पाए। इसके बावजूद जब स्थायी ड्राइविंग लाइसेंस जारी हुआ तो उसमें केवल टू-व्हीलर की श्रेणी दर्ज थी, जबकि एलएमवी की श्रेणी गायब रही।
युवक का कहना है कि लाइसेंस बनवाने में उसने करीब ₹4000 खर्च किए, जबकि सरकारी शुल्क केवल ₹1350 है। इसमें ₹1000 पक्का लाइसेंस और ₹350 लर्निंग लाइसेंस की फीस तय है। ज्यादा पैसे खर्च करने के बाद भी गलत लाइसेंस जारी होना विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े करता है।
दरअसल, सरकार ने ड्राइविंग लाइसेंस प्रक्रिया को ऑनलाइन और पारदर्शी बनाने के लिए कई कदम उठाए हैं, ताकि लोगों को सुविधा मिले और भ्रष्टाचार कम हो। लेकिन इस मामले से साफ है कि निचले स्तर पर बैठे कर्मचारी ही गड़बड़ी कर रहे हैं और लोगों को परेशानी झेलनी पड़ रही है। अब पीड़ित युवक सही लाइसेंस की मांग कर रहा है और चाहता है कि अधिकारी तुरंत गलती सुधारें। यह मामला साबित करता है कि सरकार की मंशा साफ है, लेकिन विभाग के लापरवाह कर्मचारी ही व्यवस्था को बिगाड़ रहे हैं।
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