Sambhal : 'झंडा नहीं, जज्बात जलाए गए' - महिला बिल, बंगाल चुनाव और यूपी सियासत पर सांसद का बीजेपी पर तीखा हमला
सांसद ने ‘नारी वंदन अधिनियम’ का जिक्र करते हुए कहा कि 28 सितंबर 2023 को संसद से सर्वसम्मति से पास होने के बावजूद बीजेपी ने लगभग तीन साल तक इसे लागू करने की दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाया। उन्होंने आरोप लगाया कि हाल ही में लाए ग
Report : उवैस दानिश, सम्भल
देश की राजनीति एक बार फिर गरमा गई है। महिला आरक्षण, विरोध प्रदर्शन, बंगाल चुनाव और यूपी 2027 की तैयारियों को लेकर सपा सांसद धर्मेंद्र यादव ने भारतीय जनता पार्टी पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने साफ कहा कि सड़कों पर उतरने वाले कथित महिला संगठन असल में बीजेपी से जुड़े लोग हैं, जो माहौल बनाने की कोशिश कर रहे हैं।
सांसद ने ‘नारी वंदन अधिनियम’ का जिक्र करते हुए कहा कि 28 सितंबर 2023 को संसद से सर्वसम्मति से पास होने के बावजूद बीजेपी ने लगभग तीन साल तक इसे लागू करने की दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाया। उन्होंने आरोप लगाया कि हाल ही में लाए गए संविधान संशोधन के जरिए बिना जनगणना और परिसीमन के आरक्षण लागू कर सीटों के समीकरण बिगाड़ने की कोशिश की जा रही थी, जिसका विपक्ष ने पुरजोर विरोध किया।
झंडा जलाना नहीं, भावनाओं पर हमला
अपर्णा यादव द्वारा समाजवादी पार्टी का झंडा जलाने के मामले पर सांसद ने तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि यह केवल एक झंडा नहीं, बल्कि समाजवादियों के त्याग, तपस्या और नेताजी के जज्बातों का प्रतीक है। उन्होंने बीजेपी पर ऐसे संस्कार देने का आरोप लगाया।
बंगाल और यूपी चुनाव पर बड़ा दावा
बंगाल चुनाव को लेकर सांसद ने दावा किया कि ममता बनर्जी ऐतिहासिक जीत के साथ चौथी बार मुख्यमंत्री बनेंगी। वहीं यूपी 2027 चुनाव में अखिलेश यादव के नेतृत्व में “अब तक का सबसे बड़ा बहुमत” मिलने का भरोसा जताया।
ओमप्रकाश राजभर और योगी पर तंज
ओमप्रकाश राजभर के बयान को सांसद ने गैर-गंभीर बताते हुए मीडिया को भी आड़े हाथों लिया। वहीं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के पैदल मार्च पर कटाक्ष करते हुए कहा कि वो भविष्य के लिए प्रैक्टिस कर रहे हैं।
नफरत की राजनीति बंगाल में नहीं चलेगी
योगी आदित्यनाथ के बंगाल में दिए बयान पर सांसद ने कहा कि बीजेपी केवल नफरत की राजनीति करती है, लेकिन बंगाल के लोग इसका जवाब देंगे और बीजेपी का “सफाया” कर देंगे।
मजदूरों के मुद्दे पर सरकार घिरी
नोएडा में मजदूरों के प्रदर्शन पर सांसद ने सरकार को घेरते हुए कहा कि सत्ता पक्ष को साजिश बताने के बजाय मजदूरों की समस्याएं सुननी चाहिए। उन्होंने कहा कि मजदूरों की मांगें पूरी तरह जायज हैं, लेकिन सरकार संवेदनशीलता दिखाने के बजाय दमन की नीति अपना रही है। कुल मिलाकर, इस बयान ने साफ कर दिया है कि आने वाले चुनावों से पहले राजनीतिक बयानबाजी और आरोप-प्रत्यारोप का दौर और तेज होने वाला है।
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