सम्भल का जामा मस्जिद विवाद: सुप्रीम कोर्ट के स्टे से फिर टली सुनवाई, 26 मई तय अगली तारीख।

सम्भल के बहुचर्चित हरि मंदिर–जामा मस्जिद विवाद में एक बार फिर सुनवाई टल गई है। सिविल जज सीनियर डिवीजन कोर्ट में आज सुनवाई

Apr 22, 2026 - 17:41
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सम्भल का जामा मस्जिद विवाद: सुप्रीम कोर्ट के स्टे से फिर टली सुनवाई, 26 मई तय अगली तारीख।
सम्भल का जामा मस्जिद विवाद: सुप्रीम कोर्ट के स्टे से फिर टली सुनवाई, 26 मई तय अगली तारीख।

उवैस दानिश, सम्भल 

सम्भल के बहुचर्चित हरि मंदिर–जामा मस्जिद विवाद में एक बार फिर सुनवाई टल गई है। सिविल जज सीनियर डिवीजन कोर्ट में आज सुनवाई की तारीख थी, लेकिन सुप्रीम कोर्ट के स्थगन (स्टे) आदेश के चलते कोई कार्यवाही नहीं हो सकी। अब इस मामले की अगली सुनवाई 26 मई 2026 को होगी।

क्या है पूरा मामला?

यह विवाद सम्भल की सिविल जज सीनियर डिवीजन कोर्ट में दायर वाद से जुड़ा है। इस वाद के खिलाफ जामा मस्जिद कमेटी पहले हाईकोर्ट पहुंची थी, लेकिन वहां उनकी याचिका खारिज हो गई। इसके बाद कमेटी ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया, जहां से फिलहाल स्टे आदेश जारी है। यही वजह है कि निचली अदालत में लगातार तारीखें पड़ रही हैं और केस आगे नहीं बढ़ पा रहा।

आज क्या हुआ कोर्ट में?

आज की सुनवाई में भी पहले की तरह कोई ‘केस वर्क’ नहीं हुआ। सुप्रीम कोर्ट में मामला विचाराधीन होने के कारण निचली अदालत ने सुनवाई आगे बढ़ाते हुए 26 मई की तारीख तय कर दी।

क्या बोले जामा मस्जिद पक्ष के वकील?

जामा मस्जिद पक्ष के वकील शकील अहमद वारसी ने बताया कि मामला अभी सुप्रीम कोर्ट में लंबित है और वहां से कोई अंतिम आदेश नहीं आया है। हाईकोर्ट में उनकी रिवीजन याचिका खारिज होने के बाद ही सुप्रीम कोर्ट में अपील की गई है।

वादी पक्ष का क्या कहना है?

वादी पक्ष के वकील श्रीगोपाल शर्मा के मुताबिक, सुप्रीम कोर्ट का स्टे आदेश लागू होने के चलते निचली अदालत में कोई कार्यवाही संभव नहीं है। उन्होंने बताया कि सुप्रीम कोर्ट में आदेश अभी ‘रिजर्व’ है और जब तक वहां से कोई स्पष्ट निर्णय नहीं आता, तब तक केस आगे नहीं बढ़ेगा।

अब आगे क्या?

फिलहाल सभी की नजरें सुप्रीम कोर्ट के अगले कदम पर टिकी हैं। जब तक स्टे हटता या कोई स्पष्ट आदेश नहीं आता, तब तक सम्भल की इस संवेदनशील और चर्चित लड़ाई में केवल तारीखें ही पड़ती रहेंगी। अब 26 मई की तारीख इस केस के लिए अहम मानी जा रही है, जहां आगे की दिशा तय हो सकती है।

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