Siddharthnagar News: मंडलायुक्त और DIG ने इंडो-नेपाल बॉर्डर का किया दौरा, अवैध गतिविधियों पर लगाम के लिए दिए कड़े निर्देश

शुक्रवार दोपहर करीब 12 बजे मंडलायुक्त अखिलेश कुमार सिंह और DIG दिनेश कुमार पी भारी पुलिस बल और प्रशासनिक अधिकारियों के साथ बढ़नी बॉर्डर पर पहुंचे। दोनों अधिका....

By INA News Desk
May 23, 2025 - 23:57
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Siddharthnagar News: मंडलायुक्त और DIG ने इंडो-नेपाल बॉर्डर का किया दौरा, अवैध गतिविधियों पर लगाम के लिए दिए कड़े निर्देश

By INA News Siddharthnagar.

सिद्धार्थनगर: बस्ती मंडल के मंडलायुक्त अखिलेश कुमार सिंह और DIG दिनेश कुमार पी ने शुक्रवार को इंडो-नेपाल सीमा पर स्थित बढ़नी और खुनुवा बॉर्डर का दौरा कर सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया। इस दौरान दोनों उच्चाधिकारियों ने सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी), खुफिया ब्यूरो (आईबी), और कस्टम विभाग के अधिकारियों के साथ एक संयुक्त बैठक की, जिसमें सीमा क्षेत्र में अवैध गतिविधियों, जैसे मानव तस्करी, नशीली दवाओं, अवैध शराब, और अतिक्रमण पर सख्ती से रोकथाम के लिए कड़े निर्देश दिए गए। इस मैराथन बैठक में सीमा की सुरक्षा को और मजबूत करने के लिए व्यापक रणनीति बनाई गई, जिसमें संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखने और तस्करी के खिलाफ संयुक्त अभियान चलाने पर जोर दिया गया।

बॉर्डर का दौरा और निरीक्षण

शुक्रवार दोपहर करीब 12 बजे मंडलायुक्त अखिलेश कुमार सिंह और DIG दिनेश कुमार पी भारी पुलिस बल और प्रशासनिक अधिकारियों के साथ बढ़नी बॉर्डर पर पहुंचे। दोनों अधिकारियों ने नो-मैन्स लैंड सहित सीमा क्षेत्र का गहन निरीक्षण किया और वहां अतिक्रमण, अवैध निर्माण, और अन्य संदिग्ध गतिविधियों की स्थिति का जायजा लिया।इसके बाद, एसएसबी के बढ़नी कैंप के सभागार में एक संयुक्त बैठक आयोजित की गई, जो लगभग ढाई घंटे तक चली। इस बैठक में जिला मजिस्ट्रेट (डीएम) डॉ. राजा गणपति आर, पुलिस अधीक्षक (एसपी) डॉ. अभिषेक महाजन, एसएसबी कमांडेंट उज्जवल दत्ता, असिस्टेंट कमांडेंट संजय केपी, आईबी और कस्टम विभाग के अधिकारी, साथ ही अन्य प्रशासनिक और पुलिस अधिकारी मौजूद रहे।

बैठक में प्रमुख निर्देश

बैठक में मंडलायुक्त और DIG ने सीमा क्षेत्र में अवैध गतिविधियों पर अंकुश लगाने के लिए कई महत्वपूर्ण निर्देश जारी किए। इनमें शामिल हैं:

  1. अवैध अतिक्रमण पर कार्रवाई: अंतरराष्ट्रीय सीमा से 15 किलोमीटर के दायरे में अवैध अतिक्रमण करने वालों का डाटा तैयार करने और ऐसे निर्माणों को ध्वस्त करने का निर्देश दिया गया। साथ ही, नवनिर्मित घरों, दुकानों, और मकानों की वैधता की जांच करने को कहा गया।
  2. तस्करी पर सख्ती: नशीली दवाओं, अवैध शराब, अनाज, खाद, और अन्य मादक पदार्थों की तस्करी पर रोक लगाने के लिए एसएसबी, कस्टम, और पुलिस को संयुक्त अभियान चलाने का आदेश दिया गया। नेपाल से भारत आने वाले सभी वाहनों की सघन चेकिंग और बिना वैध कागजात के प्रवेश पर रोक लगाने के निर्देश दिए गए।
  3. दोहरी नागरिकता और नव धनाढ्य व्यक्तियों की जांच: बॉर्डर क्षेत्र में दोहरी नागरिकता वाले व्यक्तियों की सूची तैयार कर उनके खिलाफ कार्रवाई करने और नव धनाढ्य व्यक्तियों के व्यापार और आय के स्रोतों की गहन जांच करने का निर्देश दिया गया।
  4. पुराने मामलों का सत्यापन: पिछले 15 वर्षों में मादक पदार्थ, शराब, गो-तस्करी, नकली मुद्रा (एफआईसीएन), सोना, और चांदी की तस्करी से जुड़े मामलों के अभियुक्तों की सूची तैयार कर उनका सत्यापन करने और सक्रिय अपराधियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने का आदेश दिया गया।
  5. सीमा पर आधुनिकीकरण: बॉर्डर क्षेत्र की पुलिस चौकियों को आधुनिक बनाने के लिए सीसीटीवी कैमरे, बैठने की व्यवस्था, और अन्य सुविधाओं को सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
  6. खुफिया तंत्र को मजबूत करना: स्थानीय खुफिया इकाई (एलआईयू) को अपने सूचना तंत्र को और मजबूत करने और संदिग्ध गतिविधियों की नियमित जानकारी अधिकारियों को देने का निर्देश दिया गया।

बढ़नी के बाद दोनों अधिकारी खुनुवा बॉर्डर पहुंचे, जहां उन्होंने सीमा क्षेत्र की सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया और वहां तैनात अधिकारियों को समान निर्देश दिए। इस दौरान उन्होंने सीमा पर तैनात जवानों से बातचीत की और उनकी समस्याओं को समझा। अधिकारियों ने जोर देकर कहा कि सीमा पर किसी भी तरह की ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी और सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जानी चाहिए।इस दौरे और बैठक में कई वरिष्ठ अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे, जिनमें अतिरिक्त जिला मजिस्ट्रेट (एडीएम) गौरव श्रीवास्तव, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (एएसपी) प्रशांत कुमार, उपजिलाधिकारी (एसडीएम) शोहरतगढ़ राहुल सिंह, सर्किल ऑफिसर (सीओ) शोहरतगढ़ सुजीत राय, थाना प्रभारी चिल्हिया दुर्गा प्रसाद, थाना प्रभारी ढेबरुआ गौरव सिंह, बढ़नी चौकी प्रभारी अनिरुद्ध सिंह, एसएसबी के भूपेंद्र सिंह, और जिला सूचना अधिकारी विमलेश कुमार शामिल थे। इसके अलावा, पीएसी के जवान भी भारी संख्या में मौजूद रहे, जो सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने के लिए तैनात किए गए थे।

इंडो-नेपाल सीमा उत्तर प्रदेश के लिए सामरिक और सामाजिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है। यह सीमा न केवल व्यापार और आवागमन का केंद्र है, बल्कि मानव तस्करी, नशीली दवाओं, और अन्य अवैध गतिविधियों का भी गढ़ रही है। मंडलायुक्त और DIG का यह दौरा और उनकी सख्ती इस बात का संकेत है कि प्रशासन सीमा पर सुरक्षा और कानून-व्यवस्था को लेकर गंभीर है। यह कदम न केवल अवैध गतिविधियों पर अंकुश लगाएगा, बल्कि स्थानीय लोगों में विश्वास भी जगाएगा कि प्रशासन उनकी सुरक्षा के लिए प्रतिबद्ध है।

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