Sitapur : लखनऊ में आंग्ल नव-वर्ष कवि गोष्ठी संपन्न, कवियों ने राष्ट्र की उन्नति और अस्मिता पर कविताएं सुनाईं
प्रेरणा परिवार के संस्थापक और प्रेरणा पत्रिका के संपादक शाहजहांपुर से आए व्यंग्यकार विजय तन्हा ने कहा: बढ़े देश का विश्व में नित-नूतन उत्कर्ष। मंगलमय हो
Report : संदीप चौरसिया INA NEWS सीतापुर
लखनऊ के भारतीय स्टेट बैंक कॉलोनी, जानकीपुरम में राष्ट्रीय कवि संगम लखनऊ उत्तर इकाई और प्रेरणा परिवार के संयुक्त आयोजन में आंग्ल नव-वर्ष कवि गोष्ठी हुई। इसकी अध्यक्षता राष्ट्रीय कवि संगम के राष्ट्रीय मंत्री और साहित्य भूषण कमलेश मौर्य मृदु ने की। गोष्ठी का शुभारंभ करते हुए प्रतापगढ़ से आए आशुतोष तिवारी आशु ने मंगल कामनाएं देते हुए कविता सुनाई: हमेशा की तरह देश फिर से बीस हो जाये। धरा पर भारती का फिर से उन्नत शीश हो जाये। मनोरथ है यही भगवान से नव वर्ष पर मेरी, जहां भर में सभी से हिन्द ये छब्बीस हो जाये।
प्रेरणा परिवार के संस्थापक और प्रेरणा पत्रिका के संपादक शाहजहांपुर से आए व्यंग्यकार विजय तन्हा ने कहा: बढ़े देश का विश्व में नित-नूतन उत्कर्ष। मंगलमय हो सभी को अंग्रेजी नववर्ष। बाराबंकी से आए काव्य कल्याणी पत्रिका के संस्थापक और हास्य-व्यंग्य कवि संदीप अनुरागी ने नववर्ष की बधाई देते हुए सुनाया: बढ़े दबदबा विश्व में भारत का हर ओर। छब्बीस में भारत बने दुनिया में सिरमौर।
संचालन और अध्यक्षता करते हुए कमलेश मौर्य मृदु ने राष्ट्रीय अस्मिता पर जोर देते हुए नववर्ष की शुभकामनाएं दीं: नव-वर्ष में हर्ष मिले सबको निज राष्ट्र को कीर्ति अपार मिले। जिन्हें राष्ट्र की अस्मिता से नहीं प्यार उन्हें तगड़ी फटकार मिले। मृदु पाक व बांग्ला में उत्पात मचाते उन्हें दुत्कार मिले। गजवा का जो देखते स्वप्न उन्हें बहत्तर हूरों का उपहार मिले। कार्यक्रम में भारतीय स्टेट बैंक लखनऊ में विधि अधिकारी संदर्भ मौर्य ने सभी का स्वागत किया और रोशनी कुशवाहा ने आभार प्रकट किया।
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