Sitapur : लोक संस्कृति पर हमें गर्व करना चाहिए तभी बचेगी।
प्रख्यात साहित्यकार साहित्य भूषण कमलेश मौर्य "मृदु" द्वारा प्रस्तुत सरस्वती वंदना से लोक विमर्श 2025 का शुभारंभ हुआ। यह द्विदिवसीय आयोजन लोक संस्कृति शोध संस्थान उ
Report : संदीप चौरसिया INA NEWS सीतापुर
बिसवां -सीतापुर : प्रख्यात साहित्यकार साहित्य भूषण कमलेश मौर्य "मृदु" द्वारा प्रस्तुत सरस्वती वंदना से लोक विमर्श 2025 का शुभारंभ हुआ। यह द्विदिवसीय आयोजन लोक संस्कृति शोध संस्थान उत्तर प्रदेश द्वारा किया गया। उत्तर प्रदेश हिन्दी संस्थान लखनऊ के निराला सभागार में आयोजित इस समारोह की अध्यक्षता पूर्व सूचनाधिकारी शाखा बंद्योपाध्याय ने की। मुख्य अतिथि चिन्मय मिशन लखनऊ के प्रमुख संत कौशिक चैतन्य ब्रह्मचारी व विशिष्ट अतिथि लखनऊ विश्वविद्यालय में अधिष्ठाता विज्ञान संकाय प्रोफेसर शीला मिश्रा व शोध संस्थान की सचिव सुधा द्विवेदी सहित मंचस्थ अतिथियों ने मां शारदे की प्रतिमा पर माल्यार्पण व दीप प्रज्ज्वलित किया।
प्रो.शीला मिश्रा ने लोक संस्कृति संरक्षण विषय पर अपने विचार रखते हुए लोक संस्कृति को सनातन भारतीय संस्कृति का आधार बताते हुए उसके संरक्षण हेतु जन जन को आगे आने का आह्वान किया। मुख्य अतिथि ओम चैतन्य ब्रह्मचारी ने कहा लोक संस्कृति में लोकमंगल की भावना निहित है। अध्यक्षीय उद्बोधन में वंद्योपाध्याय ने कहा लोक संस्कृति पर हमें गर्व करना चाहिए तभी बचेगी। कार्यक्रम का संचालन अर्चना गुप्ता ने किया। कार्यक्रम का समापन श्रीमती निवेदिता भट्टाचार्य द्वारा प्रस्तुत सांस्कृतिक प्रस्तुतियों से हुआ जिसको सभी ने सराहा। शोधसंस्थान के अध्यक्ष जीतेश श्रीवास्तव ने अतिथियों का स्वागत किया व सह संयोजक एस के गोपाल ने आभार व्यक्त किया।
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