अजब गजब: सोलन में स्टंटबाजी की सनक ने नदी में फंसाई 30 लाख की टोयोटा हिलक्स, JCB से निकाली गई कार। 

हिमाचल प्रदेश के सोलन जिले के साधुपुल में स्टंटबाजी का एक हैरतअंगेज मामला सामने आया है, जहां कुछ युवकों ने महज कुछ दिन पहले खरीदी...

Jun 18, 2025 - 12:55
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अजब गजब:  सोलन में स्टंटबाजी की सनक ने नदी में फंसाई 30 लाख की टोयोटा हिलक्स, JCB से निकाली गई कार। 

सोलन : हिमाचल प्रदेश के सोलन जिले के साधुपुल में स्टंटबाजी का एक हैरतअंगेज मामला सामने आया है, जहां कुछ युवकों ने महज कुछ दिन पहले खरीदी गई 30 लाख रुपये की नई टोयोटा हिलक्स कार को अश्विनी खड्ड (नदी) में उतार दिया। यह साहसिक लेकिन गैरकानूनी हरकत तब मुसीबत बन गई, जब कार नदी के बीच में फंस गई। ड्राइवर ने किसी तरह कूदकर अपनी जान बचाई, लेकिन कार को निकालने के लिए जेसीबी (JCB) की मदद लेनी पड़ी। इस घटना ने स्थानीय प्रशासन की सख्ती को एक बार फिर उजागर किया, क्योंकि नदी-नालों में वाहनों के प्रवेश पर पहले से ही प्रतिबंध लगाया गया था।

यह घटना 16 जून 2025 की दोपहर को सोलन जिले के साधुपुल क्षेत्र में अश्विनी खड्ड के पास हुई। स्थानीय सूत्रों और पुलिस के अनुसार, कुछ युवक, जो संभवतः पर्यटक थे, अपनी नई टोयोटा हिलक्स पिकअप ट्रक के साथ साधुपुल के पास पहुंचे। टोयोटा हिलक्स, जो अपनी ऑफ-रोड क्षमता के लिए जानी जाती है, को युवकों ने स्टंटबाजी के लिए अश्विनी खड्ड की उथली नदी में उतारने का फैसला किया। यह क्षेत्र अपने प्राकृतिक सौंदर्य और नदी के किनारे की शांति के लिए प्रसिद्ध है, लेकिन नदी में वाहनों का प्रवेश सख्ती से प्रतिबंधित है।

X पर वायरल हुए एक वीडियो में देखा जा सकता है कि हिलक्स कार नदी के बीच में गहरे गड्ढे में फंस गई। ड्राइवर ने स्थिति बिगड़ते देख कार से कूदकर अपनी जान बचाई। कार के फंसने के बाद स्थानीय लोगों ने पुलिस और प्रशासन को सूचित किया। सोलन पुलिस और स्थानीय प्रशासन की एक टीम तुरंत मौके पर पहुंची। कार को निकालने के लिए एक जेसीबी मशीन बुलाई गई, लेकिन गहरे कीचड़ और पथरीली नदी के कारण कार को निकालने में कई घंटे लग गए।

हिमाचल प्रदेश प्रशासन ने नदी-नालों में वाहनों के प्रवेश पर पहले से ही सख्त प्रतिबंध लगा रखा है। यह नियम पर्यावरण संरक्षण, पर्यटकों की सुरक्षा, और नदी तंत्र की स्वच्छता बनाए रखने के लिए लागू किया गया था। सोलन के उपायुक्त (DC) मनीष गर्ग ने इस घटना की पुष्टि करते हुए कहा, “नदी-नालों में वाहनों का प्रवेश पूरी तरह प्रतिबंधित है। यह नियम सभी के लिए है, चाहे स्थानीय लोग हों या पर्यटक। इस तरह की लापरवाही न केवल पर्यावरण को नुकसान पहुंचाती है, बल्कि जानलेवा भी हो सकती है।”

प्रशासन ने इस घटना के बाद साधुपुल और आसपास के क्षेत्रों में निगरानी बढ़ाने का फैसला किया है। सोलन पुलिस ने भी चेतावनी जारी की है कि नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी, जिसमें वाहन जब्ती और जुर्माना शामिल है। पुलिस ने इस मामले में शामिल व्यक्तियों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 279 (लापरवाही से वाहन चलाना" target="_blank" rel="noopener noreferrer"> और पर्यावरण संरक्षण अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है।

  • टोयोटा हिलक्स और स्टंटबाजी

टोयोटा हिलक्स एक मजबूत पिकअप ट्रक है, जो अपनी ऑफ-रोड क्षमता और शक्तिशाली इंजन के लिए जाना जाता है। भारत में इसकी कीमत 30 लाख रुपये से शुरू होती है, और यह उन लोगों के बीच लोकप्रिय है जो साहसिक गतिविधियों और ऑफ-रोड ड्राइविंग का शौक रखते हैं। हालांकि, इस घटना ने यह दिखाया कि ऐसी महंगी और शक्तिशाली गाड़ियों का गलत इस्तेमाल कितना खतरनाक हो सकता है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि साधुपुल जैसे पर्यटन स्थलों पर अक्सर युवा पर्यटक अपनी गाड़ियों के साथ स्टंटबाजी करने की कोशिश करते हैं। एक स्थानीय निवासी रमेश ठाकुर ने बताया, “यहां हर साल पर्यटक आते हैं और नदी के किनारे गाड़ियां ले जाते हैं। प्रशासन ने कई बार चेतावनी दी, लेकिन कुछ लोग नहीं मानते। इस बार तो हद हो गई, इतनी महंगी गाड़ी नदी में फंस गई।”

हिमाचल प्रदेश में पर्यटकों की लापरवाही की घटनाएं कोई नई बात नहीं हैं। हाल ही में, 17 जून 2025 को सोलन के कुमारहट्टी में पंजाब से आए एक बाइकर्स ग्रुप का एक युवक ओवरस्पीड में डिवाइडर और पार्किंग में खड़ी कार से टकरा गया। इस हादसे में युवक गंभीर रूप से घायल हो गया। इसी तरह, जनवरी 2025 में लाहौल-स्पीति में एक विदेशी पर्यटक चंद्रा नदी की जमी हुई बर्फ पर फोटो खींचने के दौरान बर्फ टूटने से नदी में गिर गया था, जिसे स्थानीय प्रशासन ने बमुश्किल बचाया।ये घटनाएं दर्शाती हैं कि हिमाचल जैसे संवेदनशील पर्यटन स्थलों पर नियमों की अनदेखी कितनी खतरनाक हो सकती है। पर्यावरणविदों का कहना है कि नदी-नालों में वाहनों का प्रवेश न केवल प्रदूषण फैलाता है, बल्कि स्थानीय पारिस्थितिकी तंत्र को भी नुकसान पहुंचाता है। इस घटना का वीडियो स्थानीय लोगों द्वारा रिकॉर्ड किया गया और X पर तेजी से वायरल हो गया।

@news24tvchannel ने लिखा, “हिमाचल प्रदेश: सोलन में स्टंट के चक्कर में नदी में फंसी 30 लाख की नई कार। ड्राइवर ने कूदकर जान बचाई, जेसीबी की मदद से निकाला गया बाहर। प्रशासन ने नदी-नालों में गाड़ियों पर प्रतिबंध लगाया था।” @JantantraTv ने भी इसी तरह की जानकारी साझा की, जिसमें सुरक्षा और नियमों के पालन पर जोर दिया गया। X यूजर्स ने इस घटना पर मिली-जुली प्रतिक्रियाएं दीं। कुछ ने इसे हास्यप्रद बताया, तो कुछ ने पर्यटकों की लापरवाही पर गुस्सा जताया। @rabishpost ने लिखा, “साधुपुल में पर्यटकों की खतरनाक हरकत – कानून की उड़ाई धज्जियां, स्टंट के चक्कर में नदी में उतारी नई महंगी कार।” कई यूजर्स ने प्रशासन से सख्त कार्रवाई और नियमों को और प्रभावी करने की मांग की। अश्विनी खड्ड जैसी नदियां हिमाचल के पारिस्थितिकी तंत्र का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं। इनमें वाहनों का प्रवेश न केवल प्रदूषण फैलाता है, बल्कि मछलियों और अन्य जलीय जीवों के लिए भी खतरा पैदा करता है। पर्यावरण विशेषज्ञ डॉ. अनिल शर्मा ने कहा, “नदी में गाड़ियां ले जाना पर्यावरण के लिए घातक है। तेल रिसाव और मिट्टी का कटाव जैसी समस्याएं बढ़ सकती हैं। प्रशासन को ऐसे क्षेत्रों में सख्ती और जागरूकता अभियान चलाने की जरूरत है।” सुरक्षा के लिहाज से भी यह घटना चेतावनी है। अगर ड्राइवर समय रहते कार से न कूदता, तो यह हादसा जानलेवा हो सकता था। सोलन पुलिस ने पर्यटकों से अपील की है कि वे नदी-नालों और प्रतिबंधित क्षेत्रों में वाहन न ले जाएं। सोलन के साधुपुल में 30 लाख रुपये की टोयोटा हिलक्स के नदी में फंसने की घटना एक सबक है कि स्टंटबाजी और नियमों की अनदेखी कितनी महंगी पड़ सकती है।

विडियो-  https://youtube.com/shorts/ypVGS1QNAXI?si=C16JWgCOmeM7CEy8

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