Sultanpur News: सुल्तानपुर में IAS नौकरी के नाम पर 38 लाख की ठगी, अधिवक्ता सहित सात के खिलाफ मुकदमा दर्ज
लक्ष्मणपुर निवासी प्रांजल त्रिपाठी ने बताया कि 2022 में उन्होंने यूपीएससी की प्रारंभिक परीक्षा दी थी। इस दौरान उनकी मुलाकात कूरेभार के पिपरी साईं नाथपुर निवासी ...
By INA News Sultanpur.
सुल्तानपुर : जिले में IAS की नौकरी दिलाने का झांसा देकर एक अधिवक्ता, उनके पुत्र और उनके सहयोगियों ने 38 लाख रुपये की ठगी की। शिकायत के आधार पर पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर नगर कोतवाली में सात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। मामले की जांच शुरू हो चुकी है, और प्रारंभिक तौर पर यह संदिग्ध प्रतीत हो रहा है।
लक्ष्मणपुर निवासी प्रांजल त्रिपाठी ने बताया कि 2022 में उन्होंने यूपीएससी की प्रारंभिक परीक्षा दी थी। इस दौरान उनकी मुलाकात कूरेभार के पिपरी साईं नाथपुर निवासी अधिवक्ता बजरंग द्विवेदी के पुत्र प्रणव द्विवेदी से हुई। प्रणव ने उनके परिवार का विश्वास जीत लिया और दावा किया कि उसके केंद्रीय मंत्रियों से संबंध हैं। उसने कहा कि वह कई लोगों को IAS और PCS बनवा चुका है। 18 जनवरी 2023 को प्रणव ने लखनऊ में प्रांजल को यूपीएससी मेन्स और इंटरव्यू का फर्जी एडमिट कार्ड सौंपा, जिसमें उनकी फोटो लगी थी। इसके बाद प्रणव ने अलग-अलग खातों में पैसे मंगवाए। उसने अपने पिता बजरंग द्विवेदी के खाते में 26.50 लाख, पड़ोसी मनीष दूबे के खाते में 7 लाख, मित्र श्रेयांश अग्रहरि के खाते में 80 हजार और दीपक पटेल की दुकान पर 2 लाख रुपये ट्रांसफर करवाए। इसके अलावा गूगल पे के जरिए 10,500 रुपये की ठगी की।
प्रणव ने अपने सहयोगी राज मिश्रा के माध्यम से भारत सरकार की फर्जी मुहर वाला नियुक्ति पत्र भी दिया, जिसमें 22 जून 2023 को नियुक्ति की तारीख अंकित थी। हालांकि, वह नियुक्ति दिलाने में विफल रहा। अगस्त 2024 में प्रणव ने मनीष दूबे को कूरेभार पेट्रोल पंप पर एक और फर्जी नियुक्ति पत्र दिलवाया। प्रणव ने प्रांजल को CDO, DM और SDM जैसे पदों पर नियुक्ति का लालच दिया और शिकायत करने पर मंत्रियों और उनके पुत्रों के नाम पर परिवार की हत्या की धमकी दी।
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दिसंबर 2024 में प्रणव ने प्रांजल की बलेनो कार को गिरवी रखने का प्रस्ताव रखा और एक योजना बनाई, जिसमें बड़े ट्रांजैक्शन स्टेटमेंट के लिए 12-14 लाख रुपये का लेन-देन दिखाया गया। प्रणव के पिता बजरंग ने इस स्टेटमेंट के आधार पर पैसे लौटाने का दावा किया, लेकिन प्रणव ने फर्जी RTGS स्लिप भेजकर धोखा दिया। आरोपियों ने प्रांजल को कई बार लखनऊ में होटल और दीपक तिवारी के फ्लैट पर हफ्तों तक रुकवाया। प्रांजल के अनुसार, आरोपियों ने उनके परिवार से करोड़ों रुपये की ठगी की, जो कर्ज और गहने बेचकर जुटाए गए थे। प्रणव ने आधी रात को पैसे के लिए बुलाया और फर्जी एग्रीमेंट बनाकर पैसे न लौटाने की धमकी दी।
प्रांजल ने सभी चैट, स्क्रीनशॉट, कॉल रिकॉर्डिंग और बैंक स्टेटमेंट के साक्ष्य पुलिस को सौंपे। पुलिस अधीक्षक कुंवर अनुपम सिंह के निर्देश पर प्रणव द्विवेदी, बजरंग द्विवेदी, मनीष दूबे, आशीष दूबे, राज मिश्रा, श्रेयांश अग्रहरि और दीपक पटेल के खिलाफ धोखाधड़ी, जालसाजी और आपराधिक धमकी की धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया।
अपर पुलिस अधीक्षक अखंड प्रताप सिंह ने बताया कि नगर कोतवाली में 38 लाख रुपये की ठगी का मामला दर्ज हुआ है। विवेचना शुरू है, और प्रारंभिक जांच में मामला संदिग्ध लग रहा है। साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई होगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि अभी तक किसी संगठित गिरोह के शामिल होने के संकेत नहीं मिले हैं।
यह मामला नौकरी के नाम पर ठगी के बढ़ते मामलों को उजागर करता है। हाल के वर्षों में उत्तर प्रदेश में फर्जी दस्तावेजों और झूठे वादों के जरिए ठगी के कई मामले सामने आए हैं। पुलिस ने इस मामले में आरोपियों की तलाश शुरू कर दी है, और जांच के परिणामों से इस ठगी के पूरे नेटवर्क का खुलासा होने की उम्मीद है।
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