Hardoi : हरदोई में पीके पान मसाला गोदाम पर जीएसटी का तीसरा छापा, व्यापारियों में दहशत और आक्रोश

हरदोई का इंडस्ट्रियल एरिया पान मसाला और तंबाकू उत्पादों का केंद्र है। यहां 50 से अधिक यूनिट हैं, जो उत्तर प्रदेश के अलावा बिहार, मध्य प्रदेश और राजस्थान को सप्लाई करती हैं। पीके पान मसाला 19

Sep 29, 2025 - 16:19
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Hardoi : हरदोई में पीके पान मसाला गोदाम पर जीएसटी का तीसरा छापा, व्यापारियों में दहशत और आक्रोश
Hardoi : हरदोई में पीके पान मसाला गोदाम पर जीएसटी का तीसरा छापा, व्यापारियों में दहशत और आक्रोश

उत्तर प्रदेश के हरदोई जिले में पान मसाला व्यवसाय से जुड़े पीके पान मसाला के गोदाम पर स्टेट जीएसटी की टीम ने छापेमारी की। यह छापा पिछले छह महीनों में तीसरी बार पड़ा है, जिससे इंडस्ट्रियल एरिया के व्यापारियों में दहशत का माहौल है। शहर के इंडस्ट्रियल एरिया स्थित गोदाम पर जॉइंट कमिश्नर सुशील कुमार सिंह के नेतृत्व में दर्जनों अधिकारी पहुंचे। छापे के दौरान गोदाम के अंदर दस्तावेजों की जांच की गई और माल की गिनती शुरू हो गई। व्यापारियों का कहना है कि लगातार छापों से उनका कारोबार प्रभावित हो रहा है और वे अब प्रदेश के बाहर व्यवसाय करने पर विचार कर रहे हैं। योगी सरकार अन्य राज्यों के व्यापारियों को आकर्षित करने का प्रयास कर रही है, लेकिन स्थानीय व्यापारियों को लग रहा है कि जीएसटी विभाग का यह अभियान शोषण का रूप ले रहा है। मीडिया से बात करने पर अधिकारियों ने कहा कि जांच चल रही है, अभी कुछ कहना उचित नहीं।छापेमारी सुबह 10 बजे शुरू हुई। स्टेट जीएसटी की टीम वर्दी में गोदाम पर पहुंची और प्रवेश द्वार पर ताले जड़ दिए। जॉइंट कमिश्नर सुशील कुमार सिंह ने खुद मौके का निरीक्षण किया। टीम में 20 से अधिक अधिकारी थे, जिन्होंने बिल, इनवॉइस और स्टॉक रजिस्टर की जांच शुरू की। पीके पान मसाला हरदोई का प्रमुख ब्रांड है, जो स्थानीय स्तर पर सैकड़ों लोगों को रोजगार देता है। गोदाम में हजारों कार्टन पान मसाला भरे पड़े थे। अधिकारियों ने मशीनरी और उत्पादन रिकॉर्ड भी चेक किए। छापे के दौरान गोदाम के मैनेजर को हिरासत में लिया गया और उनसे पूछताछ की गई। स्थानीय लोगों ने बताया कि छापा करीब चार घंटे चला, जिसके बाद टीम दस्तावेज लेकर चली गई। अभी तक कोई जब्ती की जानकारी नहीं दी गई है, लेकिन अनुमान है कि जीएसटी चोरी के आरोप लग सकते हैं।यह छापा अप्रैल 2025 से चली जांच का हिस्सा है। अप्रैल में पहली बार स्टेट जीएसटी ने पीके पान मसाला के गोदाम पर छापा मारा था, जिसमें 50 लाख रुपये की जीएसटी चोरी का अनुमान लगाया गया। जून में दूसरा छापा पड़ा, जब केंद्रीय जीएसटी की टीम ने शामिल होकर जांच की। तब 1.2 करोड़ रुपये का नुकसान बताया गया। अब तीसरा छापा स्टेट जीएसटी ने ही किया है। अधिकारियों का कहना है कि पान मसाला उद्योग में पैकिंग मशीनों का रजिस्ट्रेशन न करने और छाया आपूर्ति श्रृंखला चलाने के आरोप हैं। केंद्र सरकार ने अगस्त 2025 में अधिसूचना जारी की थी कि पान मसाला और तंबाकू उत्पादों की पैकिंग मशीनों को जीएसटी में रजिस्टर करना अनिवार्य है। 1 अक्टूबर 2025 से इसकी अवज्ञा पर एक लाख रुपये तक का जुर्माना लगेगा। जीएसटी काउंसिल ने सितंबर 2025 में पान मसाला पर जीएसटी दर 40 प्रतिशत कर दी, जो पहले 28 प्रतिशत थी। यह बढ़ोतरी कर चोरी रोकने के लिए की गई है।हरदोई का इंडस्ट्रियल एरिया पान मसाला और तंबाकू उत्पादों का केंद्र है। यहां 50 से अधिक यूनिट हैं, जो उत्तर प्रदेश के अलावा बिहार, मध्य प्रदेश और राजस्थान को सप्लाई करती हैं। पीके पान मसाला 1990 के दशक से चल रहा है और स्थानीय अर्थव्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा है। लगातार छापों से व्यापारियों में भय है। इंडस्ट्रियल एरिया के एक व्यापारी ने नाम न छापने की शर्त पर कहा, 'हमारे कारोबार पर असर पड़ रहा है। माल की आवक-जावक रुक गई है। अगर ऐसे ही चले तो हम बाहर शिफ्ट हो जाएंगे।' व्यापारी संघ के अध्यक्ष ने बताया कि 6 महीने में 20 से अधिक छापे पड़े हैं, जो संयोग नहीं लगते। वे कहते हैं कि योगी सरकार व्यापार सुगमता की बात करती है, लेकिन जमीनी स्तर पर छापे व्यापारियों को डरा रहे हैं। संघ ने जिला प्रशासन से मुलाकात की मांग की है।स्टेट जीएसटी विभाग का कहना है कि छापे कर चोरी रोकने के लिए हैं। जॉइंट कमिश्नर सुशील कुमार सिंह ने मीडिया से कहा कि जांच पूरी होने पर विस्तार से जानकारी दी जाएगी। विभाग ने बताया कि पान मसाला क्षेत्र में 40 प्रतिशत जीएसटी लागू होने के बाद चोरी के मामले बढ़े हैं। ई-वे बिल की कमी और बोगस फर्मों का इस्तेमाल आम है। उत्तर प्रदेश में जीएसटी संग्रह 2025 में 1.5 लाख करोड़ रुपये पहुंच गया, लेकिन पान मसाला जैसे सेक्टर में लीकेज की शिकायतें हैं। केंद्र सरकार ने मई-जून 2025 में जीएसटी एसआरएम-1 और 2 फॉर्म जारी किए, जो मशीनों के इनपुट-आउटपुट की रिपोर्टिंग के लिए हैं। हरदोई जैसे जिलों में विशेष अभियान चल रहा है।व्यापारियों का आक्रोश सोशल मीडिया पर भी दिख रहा है। ट्विटर पर #SaveUPBusiness ट्रेंड कर रहा है, जहां व्यापारी छापों को हेरफेर का परिणाम बता रहे हैं। एक पोस्ट में लिखा गया कि 'जीएसटी छापे व्यापार को बर्बाद कर रहे हैं।' कानपुर में 19 अक्टूबर 2025 को भी पान मसाला कारोबारी पर जीएसटी रेड पड़ी, जहां फैक्ट्री सील कर दी गई। वहां बोगस कंपनियों से कर चोरी का आरोप लगा। गुड़गांव में जून 2025 में एक पान मसाला फर्म पर 5 करोड़ की चोरी का मामला सामने आया। उत्तर प्रदेश में पान मसाला उद्योग पर नजर रखी जा रही है, क्योंकि तंबाकू उत्पादों पर उच्च कर है। जीएसटी काउंसिल ने सितंबर 2025 में सिन गुड्स पर 40 प्रतिशत कर लगाया, जिसमें पान मसाला शामिल है।

हरदोई जिला प्रशासन ने शांति बनाए रखने के निर्देश दिए हैं। डीएम ने कहा कि छापे कानूनी हैं और व्यापारियों को सहयोग मिलेगा। लेकिन व्यापारी संघ ने चेतावनी दी कि अगर छापे न रुके तो आंदोलन होगा। स्थानीय स्तर पर 200 से अधिक परिवार पान मसाला से जुड़े हैं। छापों से मजदूर बेरोजगार हो रहे हैं। एक मजदूर ने कहा, 'हमारा रोजगार खतरे में है।' योगी सरकार ने एक जुलाई 2025 से व्यापार सुगमता पोर्टल लॉन्च किया, जहां व्यापारियों को लाइसेंस आसानी से मिलते हैं। लेकिन जीएसटी छापे इस प्रयास को कमजोर कर रहे हैं।

यह अभियान पूरे उत्तर प्रदेश में चल रहा है। लखनऊ, कानपुर और आगरा में भी पान मसाला यूनिटों पर नजर है। जीएसटी विभाग ने 2025 में 500 करोड़ की चोरी का अनुमान लगाया। व्यापारियों ने कहा कि वे कर चोरी नहीं कर रहे, लेकिन जांच का तरीका कठोर है। जॉइंट कमिश्नर ने कहा कि पारदर्शिता बनी रहेगी। छापे के बाद गोदाम पर सिक्योरिटी बढ़ा दी गई। मीडिया टीम को अंदर जाने नहीं दिया गया।

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