Sitapur: प्राचीन चित्रकूट आश्रम में स्थापित भगवान लक्ष्मण की मूर्ति को अराजक तत्वों ने किया खंडित।
हर वर्ष फाल्गुन मांस में होने वाली 84 कोसी परिक्रमा के दसवें पड़ाव प्राचीन चित्रकूट आश्रम पर स्थापित भगवान राम , लक्ष्मण , सीता की मूर्तियों
रिपोर्ट- संदीप चौरसिया
मिश्रित/सीतापुर। हर वर्ष फाल्गुन मांस में होने वाली 84 कोसी परिक्रमा के दसवें पड़ाव प्राचीन चित्रकूट आश्रम पर स्थापित भगवान राम , लक्ष्मण , सीता की मूर्तियों में से आज लक्ष्मण की मूर्ती टूटी होने की सूचना से क्षेत्र में सनसनी फैल गई हैं । सूचना पाकर क्षेत्राधिकारी मिश्रित और प्रभारी निरीक्षक सहित अपराध निरीक्षक पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचकर छानबीन शुरू कर दी है । क्षेत्र के कई प्रधान और ग्रामीण भी आश्रम पर पहुंच कर मूर्ति कैसे टूटी इस बात को लेकर आपसी विचार विमर्श कर रहे है । सूचना पाकर नायब तहसीलदार मिश्रित अजय कुमार और उपजिलाधिकारी शैलेंद्र कुमार मिश्र ने भी मौके पर पहुंच कर मूर्ति टूटने की घटना का जायजा लिया है।
कोतवाल प्रदीप सिंह व अपराध निरीक्षक अखिलेश सिंह ने लक्ष्मण जी की टूटी मूर्ति को अपने कब्जे में ले लिया है । क्षेत्र में कोई अप्रिय घटना घटित न होने पाए इस लिए क्षेत्राधिकारी नेहा त्रिपाठी के निर्देश पर पुलिस बल छानबीन करने में तत्परता से जुट गई है । मंदिर पर मौजूद पुजारी राम प्रकाश उर्फ शंकर उर्फ काली बाबा ने बताया है । कि मुख्य पुजारी संजय हैं । जो यहां उपस्थित नहीं है । लग भग 2 वर्ष पहले भी मंदिर के बरामदे में स्थापित गणेश और लक्ष्मी जी की मूर्तियां खंडित कर दी गई थी । जिसकी सूचना तत्कालीन कोतवाली पुलिस को दी गई थी । परंतु उन खंडित मूर्तियों का राज आज तक राज ही बना हुआ है । और आज भगवान लक्ष्मण जी की मूर्ति दूसरी बार पुनः खंडित कर दी गई है । यह चित्रकूट आश्रम चितवा नाला के समीप भिठौली ग्राम पंचायत क्षेत्र के जंगली इलाके में स्थित है । जिस पर दिन के समय चरवाहों के अलावा लोग नदारत ही बने रहते हैं । दोपहर में यहां पर पूरी तरह से सन्नाटा ही बना रहता है । मंदिर पुजारी अपने कार्यों के लिए घरों को चले जाते है । इसी आश्रम के समीप ही ग्राम सेमरा निवासी एक व्यक्ति का ईंट भट्ठा भी संचालित हो रहा हैं ।
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