Lucknow: जलशक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह ने गंडक संगठन के अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की।
प्रदेश के जलशक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह ने आज यहाँ तेलीबाग स्थित परिकल्प भवन में विभागीय उच्च अधिकारियों के साथ विस्तृत समीक्षा
- परियोजनाओं की वास्तविक प्रगति और गुणवत्ता के मूल्यांकन हेतु निर्माण से पहले तथा निर्माण पूर्ण होने के पश्चात के फोटोग्राफ एवं वीडियो का अवलोकन किया
- जलशक्ति मंत्री परियोजनाओं का स्वयं करेंगे स्थलीय निरीक्षण एवं स्थानीय नागरिकों से सीधे संवाद कर फीडबैक प्राप्त करेंगे
- जलशक्ति मंत्री ने अधिकारियों को अपने कार्यक्षेत्र में परियोजनाओं के नियमित भौतिक निरीक्षण तथा कार्यों की स्थिति एवं गुणवत्ता के संबंध में विस्तृत सत्यापन रिपोर्ट प्रस्तुत करने के दिए निर्देश
- परियोजनाओं के भौतिक सत्यापन की प्रक्रिया पारदर्शी और प्रभावी ढंग से पूरी की जाए तथा समय-समय पर अद्यतन रिपोर्ट शासन को उपलब्ध कराई जाए - प्रमुख सचिव सिंचाई अनिल गर्ग
लखनऊ: प्रदेश के जलशक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह ने आज यहाँ तेलीबाग स्थित परिकल्प भवन में विभागीय उच्च अधिकारियों के साथ विस्तृत समीक्षा बैठक की। मंत्री ने विभाग द्वारा संचालित बाढ़ सुरक्षा एवं नदी तट संरक्षण संबंधी परियोजनाओं की प्रगति की गहन समीक्षा करते हुए अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। समीक्षा बैठक के दौरान मंत्री जी ने विगत नौ वर्षों में विभाग द्वारा बाढ़ से बचाव के लिए कराए गए विभिन्न कार्यों एवं परियोजनाओं का विस्तृत जायजा लिया। उन्होंने इन परियोजनाओं के पूर्ण होने से क्षेत्रीय स्तर पर प्राप्त हुए लाभों की जानकारी ली तथा संबंधित अधिकारियों से परियोजनाओं के प्रभाव और उपयोगिता के संबंध में विस्तृत प्रस्तुतीकरण प्राप्त किया।
जलशक्ति मंत्री ने स्पष्ट रूप से निर्देश दिए कि बाढ़ सुरक्षा से संबंधित सभी परियोजनाओं में गुणवत्ता, पारदर्शिता और समयबद्धता सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। कार्यों के निष्पादन में किसी भी प्रकार की लापरवाही या विलंब स्वीकार्य नहीं होगा। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि सभी परियोजनाओं को निर्धारित मानकों के अनुरूप और समय सीमा के भीतर पूर्ण कराया जाए, जिससे प्रदेश के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों को स्थायी राहत मिल सके।
परियोजनाओं के भौतिक सत्यापन एवं स्थलीय निरीक्षण पर जोर दिया गया एवं बैठक में परियोजनाओं के भौतिक सत्यापन की प्रक्रिया पर विशेष ध्यान दिया गया। परियोजनाओं के प्रारम्भ से पूर्व तथा निर्माण पूर्ण होने के पश्चात फोटोग्राफ एवं वीडियो लेने के लिए निर्देशित किया जिससे कार्यों की वास्तविक प्रगति और गुणवत्ता का मूल्यांकन किया जा सके। इस अवसर पर श्री स्वतंत्र देव सिंह ने निर्देश दिए कि पूर्ण हो चुकी परियोजनाओं का वे स्वयं भी स्थलीय निरीक्षण करेंगे। निरीक्षण के दौरान वे स्थानीय नागरिकों से सीधे संवाद कर परियोजनाओं के पूर्ण होने से हुए लाभों के संबंध में फीडबैक प्राप्त करेंगे, ताकि योजनाओं के वास्तविक प्रभाव का समुचित आकलन किया जा सके। मंत्री जी ने विभागीय अधिकारियों को भी निर्देशित किया कि वे अपने-अपने कार्यक्षेत्र में परियोजनाओं का नियमित भौतिक निरीक्षण सुनिश्चित करें तथा कार्यों की स्थिति एवं गुणवत्ता के संबंध में विस्तृत सत्यापन रिपोर्ट प्रस्तुत करें।
गुणवत्ता और समयबद्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। बैठक में प्रमुख सचिव, सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग श्री अनिल गर्ग जी ने अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि सभी बाढ़ सुरक्षा एवं तटबंध सुरक्षा की परियोजनाओं का क्रियान्वयन निर्धारित तकनीकी मानकों के अनुरूप किया जाए। उन्होंने अधिकारियों को कार्यों की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान देने तथा परियोजनाओं की प्रगति की नियमित मॉनिटरिंग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने यह भी निर्देशित किया कि सभी परियोजनाओं के भौतिक सत्यापन की प्रक्रिया पारदर्शी और प्रभावी ढंग से पूरी की जाए तथा समय-समय पर अद्यतन रिपोर्ट शासन को उपलब्ध कराई जाए।
बैठक में विभागीय अधिकारियों ने विभिन्न परियोजनाओं की वर्तमान स्थिति, प्रगति तथा आगामी कार्ययोजना के संबंध में मंत्री जी को अवगत कराया। बैठक में प्रमुख अभियंता एवं विभागाध्यक्ष, सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग, प्रमुख अभियंता (परिकल्प एवं नियोजन ), सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग सहित विभाग के मुख्य अभियंता एवं गोरखपुर मंडल, आज़मगढ़ मंडल तथा बस्ती मंडल के अधीक्षण अभियंता, अधिशासी अभियंता एवं सहायक अभियंताओं ने सहभागिता की।
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