यशस्वी जायसवाल ने ताबड़तोड़ बल्लेबाज़ी करते हुए अपना पहला वनडे शतक जड़ा, भारत को 9 विकेट से दिलाई सीरीज
दक्षिण अफ्रीका की पारी 270 रनों पर समाप्त हुई, जिसमें सात विकेट गिरे। भारत की ओर से अर्शदीप सिंह ने 2 विकेट लिए, जबकि हर्षित राणा ने 1 विकेट हासिल किया। कुलदीप यादव
भारतीय क्रिकेट टीम और दक्षिण अफ्रीका के बीच तीन मैचों की वनडे सीरीज का निर्णायक तीसरा मुकाबला विशाखापत्तनम के डॉ. वाई.एस. राजशेखर रेड्डी एकाना क्रिकेट स्टेडियम में खेला गया, जहां युवा सलामी बल्लेबाज यशस्वी जायसवाल ने ताबड़तोड़ बल्लेबाजी करते हुए अपना पहला वनडे शतक जड़ा। यह उनका चौथा वनडे मैच था, जिसमें उन्होंने नाबाद 116 रनों की पारी खेली, जो 121 गेंदों पर 12 चौकों और 2 छक्कों से सजी थी। जायसवाल ने कॉर्बिन बॉश के 36वें ओवर की दूसरी गेंद पर एक रन लेकर शतक पूरा किया, जो 111 गेंदों में आया। इस शानदार प्रदर्शन के दम पर भारत ने 271 रनों का लक्ष्य 39.5 ओवरों में 9 विकेट शेष रहते हासिल कर लिया और सीरीज 2-1 से जीत ली। दक्षिण अफ्रीका ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 50 ओवरों में 270 रन बनाए, जिसमें क्विंटन डी कॉक के 106 रनों का शतक शामिल था। भारत को टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी का फैसला सही साबित हुआ, जहां प्रसिद्ध कृष्णा और कुलदीप यादव ने क्रमशः 4-4 विकेट लिए। जायसवाल को इस मैच का प्लेयर ऑफ द मैच चुना गया।
मैच की शुरुआत 6 दिसंबर 2025 को दोपहर 1 बजे हुई, जब दक्षिण अफ्रीका ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी चुनी। कप्तान टेंबा बावुमा ने बल्लेबाजी का फैसला लिया, जो पिच की परिस्थितियों को देखते हुए सही लगा। दक्षिण अफ्रीकी पारी की शुरुआत क्विंटन डी कॉक और टोनी डी जोरजी ने की, लेकिन डी जोरजी जल्दी आउट हो गए। डी कॉक ने आक्रामक शुरुआत की और भारत के गेंदबाजों पर दबाव बनाया। उन्होंने 106 रनों की पारी खेली, जो 95 गेंदों पर 9 चौकों और 4 छक्कों से सजी थी। उनकी विकेट 25वें ओवर में प्रसिद्ध कृष्णा ने लिया। डेवाल्ड ब्रेविस ने 54 रनों का योगदान दिया, जबकि एडेन मार्कराम ने 68 रनों की उपयोगी पारी खेली। मार्कराम और ब्रेविस के बीच चौथे विकेट के लिए 101 रनों की साझेदारी हुई, जो दक्षिण अफ्रीका को संभालने में मददगार रही। हालांकि, मध्य ओवरों में कुलदीप यादव ने अपनी फिरकी से खेल को पलट दिया, जहां उन्होंने डोनाल्ड फेरिर को आउट किया।
दक्षिण अफ्रीका की पारी 270 रनों पर समाप्त हुई, जिसमें सात विकेट गिरे। भारत की ओर से अर्शदीप सिंह ने 2 विकेट लिए, जबकि हर्षित राणा ने 1 विकेट हासिल किया। कुलदीप यादव ने 4 विकेट लेते हुए मैच का टर्निंग पॉइंट प्रदान किया, जहां उनकी गेंदबाजी ने दक्षिण अफ्रीकी बल्लेबाजों को परेशान किया। प्रसिद्ध कृष्णा ने अपनी तेज गति से डी कॉक जैसे बल्लेबाज को निशाना बनाया। पिच पर हल्की नमी थी, लेकिन बल्लेबाजी के अनुकूल रही। दक्षिण अफ्रीका का स्कोर 270 पर रुका, जो विशाखापत्तनम की पिच पर 80 रनों से कम माना गया, विशेषकर शाम को ओस के प्रभाव को देखते हुए। भारत ने लक्ष्य का पीछा रोहित शर्मा और यशस्वी जायसवाल के साथ शुरू किया। रोहित ने आक्रामक शुरुआत की और पहले ही ओवर में चौका लगाया।
यशस्वी जायसवाल ने चौथे वनडे में अपना पहला शतक जड़ते हुए सभी प्रारूपों में सेंचुरी लगाने वाले छठे भारतीय बल्लेबाज बन गए। वे विराट कोहली, रोहित शर्मा, शुभमन गिल, केएल राहुल और सुरेश रैना की सूची में शामिल हो गए। जायसवाल ने टेस्ट में 7 शतक और टी20आई में 1 शतक पहले ही लगा चुके थे। इस शतक से पहले उनकी वनडे स्कोर 15, 18 और 22 रन थे। विशाखापत्तनम में उन्होंने धैर्यपूर्ण शुरुआत की, जहां पहले 75 गेंदों में अर्धशतक पूरा किया। उसके बाद वे आक्रामक हो गए और 36 गेंदों में अगला अर्धशतक जड़ दिया। जायसवाल की पारी में 12 चौके और 2 छक्के थे, जिसमें लंगी नगिड़ी पर एक सीधा छक्का प्रमुख था। उन्होंने स्ट्राइक रेट 96 का रखा, जो चेज के दौरान उपयोगी साबित हुआ।
भारत का पीछा सुचारू रूप से चला। रोहित शर्मा ने 75 रनों की पारी खेली, जो 75 गेंदों पर 7 चौकों और 3 छक्कों से सजी थी। रोहित और जायसवाल के बीच पहले विकेट के लिए 120 रनों की साझेदारी हुई, जो भारत को मजबूत आधार प्रदान की। रोहित का विकेट 21वें ओवर में मार्को जानसेन ने लिया। उसके बाद विराट कोहली ने जायसवाल के साथ दूसरे विकेट के लिए 151 रनों की साझेदारी की। कोहली ने नाबाद 65 रनों की पारी खेली, जो 45 गेंदों पर 8 चौकों और 1 छक्के से बनी। कोहली ने 144 के स्ट्राइक रेट से बल्लेबाजी की और अंतिम ओवरों में तेजी लाई। जायसवाल ने शतक पूरा करने के बाद एक और छक्का और दो चौके लगाए, जो लक्ष्य तक पहुंचने में सहायक सिद्ध हुए। भारत ने 39.5 ओवरों में लक्ष्य हासिल किया।
दक्षिण अफ्रीकी गेंदबाजी ने शुरुआत में अच्छा प्रदर्शन किया, लेकिन ओस ने उनके प्रयासों को कमजोर कर दिया। मार्को जानसेन ने 2 विकेट लिए, जबकि कॉर्बिन बॉश, केशव महाराज और लंगी नगिड़ी ने 1-1 विकेट हासिल किया। बॉश ने जायसवाल के शतक का गवाह बनाया, जब उन्होंने 36वें ओवर में गेंद डाली। दक्षिण अफ्रीका की फील्डिंग में कुछ गलतियां हुईं, जिसमें जायसवाल को दो मौके मिले। भारत की बल्लेबाजी लाइनअप में रुतुराज गायकवाड़, तिलक वर्मा और केएल राहुल बैटिंग के लिए तैयार थे, लेकिन जरूरत नहीं पड़ी। राहुल ने कप्तानी संभाली और टॉस जीतकर गेंदबाजी चुनी, जो सही साबित हुई। मैच में ओस ने चेज को आसान बनाया, जैसा कि पहले दो मैचों में दक्षिण अफ्रीका के पक्ष में हुआ था।
सीरीज का पहला मैच रांची में भारत ने 17 रनों से जीता था, जहां विराट कोहली ने 135 रनों का शतक लगाया। दूसरा मैच रायपुर में दक्षिण अफ्रीका ने 4 विकेट से जीत लिया, जहां एडेन मार्कराम के 110 रनों ने लक्ष्य का पीछा कराया। तीसरा मैच निर्णायक था, जहां भारत ने वापसी की। यशस्वी जायसवाल की पारी ने न केवल मैच जीताया, बल्कि उनकी वनडे क्षमता को प्रमाणित किया। जायसवाल ने मैच के बाद कहा कि वे रोहित शर्मा के साथ बल्लेबाजी की रणनीति पर चर्चा करते रहे और पारी को संतुलित रखने पर ध्यान दिया। उन्होंने शुरुआती असफलताओं से सीखा और आक्रामकता को समय पर अपनाया। कोहली ने अपनी पारी में कवर ड्राइव और छक्कों से पुरानी फॉर्म दिखाई। रोहित शर्मा ने 50 ओवरों के प्रारूप में अपनी आक्रामक शैली बरकरार रखी।
दक्षिण अफ्रीका की बल्लेबाजी में डी कॉक के अलावा ब्रेविस और मार्कराम ने योगदान दिया, लेकिन मध्यक्रम लड़खड़ाया। मैथ्यू ब्रेट्ज़के ने 68 रनों की पारी खेली, लेकिन कुलदीप की गेंदबाजी ने उन्हें रोक दिया। दक्षिण अफ्रीकी गेंदबाजों में जानसेन ने शुरुआती विकेट लिए, लेकिन ओस ने स्पिनर महाराज को प्रभावित किया। भारत की गेंदबाजी में प्रसिद्ध कृष्णा ने 4 विकेट लेते हुए डी कॉक को आउट किया, जबकि अर्शदीप ने स्विंग से शुरुआत में दबाव बनाया। हर्षित राणा ने मिश्रित ओवर डाले। मैच के बाद विराट कोहली को प्लेयर ऑफ द सीरीज चुना गया, जिन्होंने सीरीज में 302 रन बनाए। जायसवाल की पारी ने भारत को सीरीज में बरकरार रखा।
विशाखापत्तनम स्टेडियम में दर्शकों की संख्या अच्छी रही, जहां तटीय शहर की हवा ने मैच को रोमांचक बनाया। भारत ने इस जीत से 2025 की अंतिम वनडे सीरीज को जीता। जायसवाल का शतक सभी प्रारूपों में उनकी बहुमुखी प्रतिभा को दर्शाता है। दक्षिण अफ्रीका को इस हार से निराशा हुई, लेकिन उन्होंने प्रतिस्पर्धी क्रिकेट खेला। मैच में कोई बड़ा विवाद नहीं हुआ, और दोनों टीमों ने एक-दूसरे का सम्मान किया। जायसवाल की पारी 111 गेंदों पर पूरी हुई, लेकिन अंत में उन्होंने तेजी दिखाई। भारत का स्कोर 271/1 रहा, जिसमें जायसवाल 116* और कोहली 65* पर नाबाद रहे। यह जीत भारत के लिए महत्वपूर्ण थी, जो टेस्ट सीरीज में 0-2 से हारी थी। मैच समाप्ति पर जायसवाल ने हेलमेट उतारकर जश्न मनाया, जो उनके शतक का प्रतीक था। रोहित शर्मा ने ओपनिंग में मजबूत नींव रखी। कोहली ने मध्य ओवरों में रन रेट बढ़ाया। दक्षिण अफ्रीका ने लक्ष्य बचाने की कोशिश की, लेकिन भारत की बल्लेबाजी ने उन्हें पछाड़ दिया। सीरीज में कुल तीन मैच हुए, जहां भारत ने दो जीते।
What's Your Reaction?