गंभीर को रवि शास्त्री की कड़ी चेतावनी- यदि प्रदर्शन अच्छा नहीं रहा, तो उन्हें बतौर कोच निकाला भी जा सकता है, धैर्य और जिम्मेदारी से संभालें चुनौती।
भारतीय क्रिकेट टीम के मुख्य कोच गौतम गंभीर पर लगातार बढ़ता दबाव किसी से छिपा नहीं है, खासकर दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ हाल ही में समाप्त
भारतीय क्रिकेट टीम के मुख्य कोच गौतम गंभीर पर लगातार बढ़ता दबाव किसी से छिपा नहीं है, खासकर दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ हाल ही में समाप्त हुई 0-2 की घरेलू टेस्ट सीरीज हार के बाद। यह हार न केवल टीम की बल्कि गंभीर की कोचिंग क्षमता पर सवाल खड़े कर रही है, क्योंकि वे भारतीय क्रिकेट इतिहास के पहले कोच बन गए हैं जिन्होंने दो लगातार घरेलू टेस्ट सीरीज में वाइटवॉश झेला है। इससे पहले न्यूजीलैंड के खिलाफ 0-3 की हार हुई थी, जो घरेलू मैदान पर 2012 के बाद पहली ऐसी सीरीज थी। पूर्व भारतीय मुख्य कोच रवि शास्त्री ने एक इंटरव्यू के दौरान गंभीर को साफ शब्दों में चेतावनी देते हुए कहा कि इस स्थिति में घबराने से बेहतर है कि वे धैर्य और संयम बनाए रखें। शास्त्री ने जोर दिया कि यदि प्रदर्शन में सुधार नहीं आया तो बतौर कोच निकाले जाने का खतरा बना रहेगा, लेकिन साथ ही उन्होंने सलाह दी कि जिम्मेदारी पहले खुद लें और खिलाड़ियों को भी जवाबदेह बनाएं। गंभीर को इस चुनौती को समझदारी से संभालना होगा, क्योंकि अगला बड़ा लक्ष्य 2026 का टी20 विश्व कप है जहां टीम प्रबल दावेदार होगी।
दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ दो टेस्ट मैचों की सीरीज नवंबर 2025 में संपन्न हुई, जिसमें पहला मैच कोलकाता के ईडन गार्डन्स में और दूसरा गुवाहाटी में खेला गया। पहले टेस्ट में भारत ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी की लेकिन 362 रनों पर आउट हो गई, जबकि दक्षिण अफ्रीका ने 489 रनों का लक्ष्य चेज करते हुए मैच जीत लिया। दूसरे टेस्ट में स्थिति और खराब रही, जहां भारत पहली पारी में 100/1 से 130/7 तक सिमट गया और अंत में 201 रनों पर ऑलआउट हो गया। दक्षिण अफ्रीका ने 489 रनों की मजबूत पारी खेली, जिसके बाद भारत को 288 रनों का लक्ष्य मिला लेकिन वे 150 रनों पर ढेर हो गए। इस हार ने घरेलू मैदान पर दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ 25 वर्षों बाद सीरीज हार का रिकॉर्ड तोड़ा, जो पहले टेस्ट में 15 वर्षों बाद पहली हार थी। गंभीर ने हार के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि टीम को स्पिन गेंदबाजी के खिलाफ कमजोरी दूर करनी होगी, क्योंकि खिलाड़ी बचपन से ही स्पिन खेलते आए हैं। उन्होंने पिच का बचाव किया लेकिन बैटिंग कोलैप्स को स्वीकार किया।
गंभीर की कोचिंग अवधि जुलाई 2024 में शुरू हुई, जब उन्होंने राहुल द्रविड़ का स्थान लिया। इस दौरान उन्होंने पांच टेस्ट सीरीज की कप्तानी देखी, जिनमें से केवल एक घरेलू सीरीज वेस्टइंडीज के खिलाफ जीती गई। अन्य सीरीज में न्यूजीलैंड के खिलाफ 0-3, ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ विदेशी दौरा हार और अब दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ 0-2 की हार शामिल है। घरेलू मैदान पर यह लगातार दूसरी वाइटवॉश है, जो 2012 के बाद पहली बार हुआ। इससे टीम की रैंकिंग प्रभावित हुई और नंबर थ्री बैटिंग पोजीशन पर प्रयोग जैसे वॉशिंगटन सुंदर को प्रमोट करना विवादास्पद रहा। गुवाहाटी टेस्ट में सुंदर को नंबर थ्री पर भेजा गया लेकिन वे 48 रनों पर आउट हो गए, जबकि कुलदीप यादव ने 19 रन बनाए। मार्को जानसेन ने छह विकेट लिए। शास्त्री ने चयन नीति पर सवाल उठाते हुए कहा कि यह अव्यवस्था से भरी लग रही है और सेंस नहीं बनता।
रवि शास्त्री ने एक पॉडकास्ट इंटरव्यू में गंभीर की स्थिति पर खुलकर बात की। उन्होंने कहा कि यदि वे कोच होते तो पहले खुद जिम्मेदारी लेते और टीम मीटिंग में खिलाड़ियों को नहीं बख्शते। शास्त्री ने स्पष्ट किया कि वे गंभीर का बचाव नहीं कर रहे, बल्कि 100 प्रतिशत वे जिम्मेदार हैं। उन्होंने गुवाहाटी टेस्ट का उदाहरण दिया जहां 100/1 से 130/7 तक ढहना अस्वीकार्य है। शास्त्री ने सलाह दी कि संचार और मैन मैनेजमेंट स्किल्स महत्वपूर्ण हैं, ताकि खिलाड़ियों को मोटिवेट किया जा सके। उन्होंने कहा कि कोचिंग को एंजॉय करें, दबाव न लें। शास्त्री के अनुसार, यदि प्रदर्शन नहीं सुधरा तो निकाल दिया जा सकता है। उन्होंने अपनी कोचिंग अवधि का जिक्र किया जहां भारत ने ऑस्ट्रेलिया में दो सीरीज जीतीं और नंबर वन रैंकिंग 42 महीने बरकरार रखी।
गंभीर ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में अपनी भविष्य पर सवालों का जवाब देते हुए कहा कि वे चैंपियंस ट्रॉफी और एशिया कप जीत चुके हैं, और न्यूजीलैंड हार को जल्द भुला दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि टीम में पर्याप्त टैलेंट है लेकिन स्पिन के खिलाफ कमजोरी है। गंभीर ने व्हाइट बॉल क्रिकेट में सफलता का हवाला दिया जहां चैंपियंस ट्रॉफी और एशिया कप जीता गया। हालांकि, टेस्ट में असफलता से सीनियर खिलाड़ियों विराट कोहली और रोहित शर्मा के साथ उनके संबंधों पर भी सवाल उठे। रिपोर्ट्स में कहा गया कि गंभीर और इन दोनों के बीच मतभेद बढ़े हैं। बीसीसीआई वर्तमान में गंभीर का समर्थन कर रहा है लेकिन 2026 टी20 विश्व कप को महत्वपूर्ण परीक्षा मान रहा है। यदि टेस्ट में सुधार न आया तो 2027 ओडीआई विश्व कप से पहले बदलाव हो सकता है।
शास्त्री ने खिलाड़ियों को भी जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने कहा कि बैटिंग कोलैप्स के लिए खिलाड़ी भी उत्तरदायी हैं, क्योंकि वे स्पिन के आदी हैं। गुवाहाटी में पहली पारी में भारत 201 पर सिमट गया जबकि दक्षिण अफ्रीका ने 489 बनाए। शास्त्री ने कहा कि टीम मीटिंग में खिलाड़ियों को सख्ती से संबोधित करना चाहिए। उन्होंने गंभीर को सलाह दी कि यदि वे कोच होते तो हार की पूरी जिम्मेदारी खुद लेते। शास्त्री की कोचिंग में भारत ने 2017 से 2021 तक 65 प्रतिशत विन रेट हासिल किया। द्रविड़ के कार्यकाल में भी शुरुआती हार हुई लेकिन बाद में सुधार आया। गंभीर के तहत चयन में अस्थिरता रही, जैसे नंबर थ्री पर कई प्रयोग।
दक्षिण अफ्रीका सीरीज के बाद भारत ने पहला ओडीआई जीत लिया, जो 17 रनों से रायपुर में जीता गया। इससे व्हाइट बॉल में गंभीर की स्थिति मजबूत हुई। अगला ओडीआई 3 दिसंबर को रायपुर में है। टेस्ट में हार से टीम का मनोबल प्रभावित हुआ लेकिन ओडीआई में सुधार के संकेत मिले। गंभीर ने कहा कि टेस्ट में युवा खिलाड़ियों को समय चाहिए। बीसीसीआई चयनकर्ता अजित अगरकर पर भी सवाल उठे। शास्त्री ने कहा कि कोच और खिलाड़ी दोनों को जिम्मेदारी लेनी होगी। गंभीर का कार्यकाल 2026 टी20 विश्व कप तक है, जहां घरेलू मैदान का फायदा होगा।
गंभीर ने कोलकाता टेस्ट के बाद बैटर्स की आलोचना की और पिच का बचाव किया, जो दो दिन में खत्म हो गई। इससे विवाद हुआ। शास्त्री ने बैटिंग अप्रोच पर सवाल उठाया। गंभीर ने कहा कि वे दबाव में एंजॉय करेंगे। शास्त्री ने मैन मैनेजमेंट पर जोर दिया। टेस्ट में हार से घरेलू अजेय छवि टूटी। न्यूजीलैंड हार 2024 में हुई, दक्षिण अफ्रीका 2025 में। गंभीर के तहत पांच सीरीज में एक जीत। वेस्टइंडीज के खिलाफ घरेलू जीत अक्टूबर 2025 में। ऑस्ट्रेलिया दौरा हार 10 वर्ष बाद।
शास्त्री ने कहा कि यदि वे कोच होते तो खिलाड़ियों को टीम मीटिंग में सवालों के घेरे में लाते। उन्होंने गंभीर को सलाह दी कि घबराएं नहीं। बीसीसीआई गंभीर के रवैये से असंतुष्ट है, खासकर प्रेस कॉन्फ्रेंस में। गंभीर ने जिम्मेदारी ली लेकिन खिलाड़ियों पर दोष डाला। शास्त्री ने कहा कि कोच पहले खुद को दोष दें। टेस्ट में नंबर थ्री पर प्रयोग जैसे सुंदर को भेजना विवादास्पद। पहले टेस्ट में भी समान मुद्दे। दक्षिण अफ्रीका ने मजबूत प्रदर्शन किया। भारत को सुधार की जरूरत।
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