Lucknow : योगी सरकार का दिव्यांग कल्याण के लिए बड़ा कदम- सभी 18 मंडल मुख्यालयों पर पुनर्वास केंद्रों की स्थापना को मंजूरी

राज्यमंत्री नरेंद्र कश्यप ने कहा कि यह कदम दिव्यांगों के सम्मान, सुरक्षा और पूर्ण विकास की दिशा में उठाया गया है। उन्होंने बताया कि ये केंद्र सेवाओं को पारदर्शी, आसान, समय पर और कारगर बनाएंगे। पहले केंद्रों में अनुदान की कमी और

Dec 3, 2025 - 12:25
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Lucknow : योगी सरकार का दिव्यांग कल्याण के लिए बड़ा कदम- सभी 18 मंडल मुख्यालयों पर पुनर्वास केंद्रों की स्थापना को मंजूरी
Lucknow : योगी सरकार का दिव्यांग कल्याण के लिए बड़ा कदम- सभी 18 मंडल मुख्यालयों पर पुनर्वास केंद्रों की स्थापना को मंजूरी

उत्तर प्रदेश सरकार ने दिव्यांग व्यक्तियों की मदद और सशक्तीकरण को मजबूत बनाने के लिए एक महत्वपूर्ण फैसला लिया है। अब राज्य के हर मंडल मुख्यालय पर जिला दिव्यांग पुनर्वास केंद्र खोले जाएंगे। इन केंद्रों का संचालन पूरी तरह राज्य सरकार के संसाधनों से होगा। यह निर्णय कैबिनेट बैठक में लिया गया, जिससे दिव्यांग लोगों को स्थानीय स्तर पर बेहतर सुविधाएं मिल सकेंगी।

पहले केवल 37 जिलों में ही ऐसे केंद्र चल रहे थे, जिनमें से 11 मंडल मुख्यालयों पर थे। लेकिन अब सभी 18 मंडलों में ये केंद्र बनेंगे। इससे कुल केंद्रों की संख्या बढ़कर 55 हो जाएगी। इन केंद्रों में दिव्यांगों की पहचान, सर्वेक्षण, शिविरों का आयोजन, सहायक साधनों की मरम्मत, कृत्रिम अंगों का निर्माण और लगाना, चलने-फिरने का प्रशिक्षण, उपकरण बांटना जैसी सेवाएं एक ही जगह पर उपलब्ध होंगी।

इसके अलावा दिव्यांगता रोकने के लिए जागरूकता कार्यक्रम, शुरुआती पहचान और त्वरित मदद, सरकारी योजनाओं का आसान लाभ, प्रमाण पत्र और यूनिक पहचान पत्र जारी करने की प्रक्रिया भी यहां संभाली जाएगी। परामर्श, शारीरिक चिकित्सा, बोलने की थेरेपी जैसी चिकित्सा सेवाएं भी दी जाएंगी। इससे दिव्यांग व्यक्ति और उनके परिवार को दूर न जाना पड़ेगा।

राज्यमंत्री नरेंद्र कश्यप ने कहा कि यह कदम दिव्यांगों के सम्मान, सुरक्षा और पूर्ण विकास की दिशा में उठाया गया है। उन्होंने बताया कि ये केंद्र सेवाओं को पारदर्शी, आसान, समय पर और कारगर बनाएंगे। पहले केंद्रों में अनुदान की कमी और कर्मचारियों के लिए कम वेतन के कारण समस्याएं थीं, लेकिन अब राज्य सरकार ही सब कुछ संभालेगी।

इन केंद्रों के पहले साल के लिए प्रति केंद्र करीब 50 लाख रुपये और उसके बाद 31 लाख रुपये का खर्च होगा। पहले साल कुल नौ करोड़ और बाद में 5.50 करोड़ रुपये लगेंगे। खर्च बजट से पूरा होगा। यह फैसला दिव्यांगों को आत्मनिर्भर बनाने में मदद करेगा।

विश्वसनीय स्रोतों से मिली जानकारी के अनुसार, यह निर्णय मुख्यमंत्री की समीक्षा के बाद लिया गया। इससे प्रदेश में 15 लाख से अधिक दिव्यांगों को फायदा होगा, जो यूनिक पहचान पोर्टल पर दर्ज हैं। सरकार का लक्ष्य है कि हर दिव्यांग को शिक्षा, कौशल और पुनर्वास की सुविधा मिले।

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