Special: युवा संवाद- नदियाँ प्यासी हैं, भूगर्भ जल संरक्षण और सांस्कृतिक चेतना पर आधारित। 

भातखंडे संस्कृति विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. मांडवी सिंह ने कहा कि “नदियाँ हमारे पर्यावरण का अभिन्न अंग हैं और आज जल संरक्षण पर कार्य करना नितांत आवश्यक....

By INA News Desk
Apr 29, 2025 - 14:58
65 Views
Special: युवा संवाद- नदियाँ प्यासी हैं, भूगर्भ जल संरक्षण और सांस्कृतिक चेतना पर आधारित। 

लखनऊ: परमपरागत खेलों, कला, संस्कृति, साहित्य और पर्यावरण को वैश्विक स्तर पर बढ़ावा देने वाली संस्था पिथियन काउंसिल ऑफ इंडिया, भातखंडे संस्कृति विश्वविद्यालय, लखनऊ एवं उत्तर प्रदेश जल बिरादरी के संयुक्त तत्वावधान में युवा कॉन्क्लेव का आयोजन किया। कार्यक्रम जयशंकर प्रसाद सभागार, भातखंडे परिसर में संपन्न हुआ। कार्यक्रम के मुख्य वक्ता मैगसेसे पुरस्कार विजेता जल पुरुष डॉ. राजेंद्र सिंह ने युवाओं, विशेष रूप से दिव्यांग युवाओं से संवाद करते हुए जल संरक्षण और भूमि और नदी पुनर्जीवन के महत्व पर विस्तार से चर्चा की।

भातखंडे संस्कृति विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. मांडवी सिंह ने सभी अतिथियों का स्वागत करते हुए कहा कि “नदियाँ हमारे पर्यावरण का अभिन्न अंग हैं और आज जल संरक्षण पर कार्य करना नितांत आवश्यक हो गया है।” इस अवसर पर पिथियन काउंसिल ऑफ इंडिया की उपाध्यक्ष डॉ. मीनू खरे तथा कार्यकारी पदाधिकारी डॉ. शेफाली गुप्ता और शोभित गुप्ता ने सभी अतिथियों को अंगवस्त्र भेंट कर सम्मानित किया। विशिष्ट वक्ताओं में रमेश चंद शर्मा, पारसनाथ प्रसाद, डॉ. राम बहादुर मिश्र, डॉ. अर्जुन पांडेय, रत्नेश गौतम और डॉ. अभिमन्यु पांडेय ने जल संरक्षण के अपने महत्वपूर्ण अनुभव युवाओं के साथ साझा किए।

Also Read- Lucknow News: 'ब्रांड यूपी' का यूएन में भी बजा डंका, महिला अफसर ने दुनिया को बताया, योगी राज में कैसे बदला उत्तर प्रदेश

डॉ. मीनू खरे ने कहा कि नदियाँ आज वेंटिलेटर पर हैं और भूगर्भ जल का गिरता स्तर इस संकट का मुख्य कारण है। उन्होंने यह भी आश्वासन दिया कि पिथियन काउंसिल भविष्य में भी इसी प्रकार के जागरूकता कार्यक्रमों के माध्यम से अधिक से अधिक युवाओं तक पहुँचेगी। डॉ. अर्जुन पांडेय ने अमेठी जल बिरादरी द्वारा आगामी जल साक्षरता अभियान (27 अप्रैल से 2 मई 2025) के उद्देश्यों और गतिविधियों की जानकारी दी।

कार्यक्रम में प्रो. अंकित के निर्देशन में विश्वविद्यालय की छात्राओं द्वारा जल संरक्षण पर आधारित गीत भी प्रस्तुत किए गए। धन्यवाद ज्ञापन भी प्रो. सृष्टि माथुर ने किया। कार्यक्रम का संचालन श्वेता राजवंशी ने किया।आयोजन में विश्वविद्यालय के शिक्षक, छात्र एवं स्टाफ के सदस्य बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।

What's Your Reaction?

like

dislike

love

funny

angry

sad

wow

Advertisement
Advertisement