कोलकाता: रेप-मर्डर मामले में केंद्र ने काम पर वापस लौटने की अपील की, विवाद जारी।
- जांच कर रही सीबीआई टीम शनिवार को आरजी कर मेडिकल कॉलेज जांच के लिए पहुंची
कोलकाता। कोलकाता के आरजी कर मेडिकल कॉलेज और अस्पताल में महिला डॉक्टर से दुष्कर्म-हत्या के मामले में इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए), रेजिडेंट डॉक्टर्स एसोसिएशन (आरडीए) समेत डॉक्टरों के कई संगठनों की तरफ से जारी देशव्यापी हड़ताल का असर दिखने लगा है। केंद्र सरकार ने इस मामले में सक्रियता दिखाते हुए डॉक्टरों से जल्द से जल्द काम पर लौटने की अपील की है। उधर, कोलकाता के आरजी कर मेडिकल कॉलेज में महिला ट्रेनी डॉक्टर से दुष्कर्म और हत्या के मामले पर लगातार विवाद गहराता जा रहा है।
मेडिकल कॉलेज के डॉक्टर और छात्र सड़क पर उतरकर लगातार विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। वहीं, इस मामले में हर दिन नए चौंकाने वाले खुलासे हो रहे हैं। अब मृतका की महिला ने पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि पुलिस ने परिवार पर दबाव बनाए रखा था और नौ अगस्त, जिस दिन उनकी बेटी का शव मिला था, उस दिन उन्हें परेशान किया गया। महिला ने कहा कि उन्होंने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को बताया था कि दुष्कर्म और हत्या के आरोप में गिरफ्तार किया गया नागरिक स्वयंसेवक संजय रॉय मुख्य आरोपी नहीं है। इस अपराध में कोई और भी शामिल है। जबतक बेटी का शव नहीं मिला, तब तक हमें बहुत परेशानियों का सामना करना पड़ा। उन्होंने हम पर दबाव बनाए रखा। पुलिस ने मेरी बेटी की कार को भी नुकसान पहुंचाने की कोशिश की। मैंने कहा कि मेरी बेटी का निधन हो गया है, कृपया उसकी कार को नुकसान न पहुंचाएं। पीड़िता की मां ने यह भी आरोप लगाया कि पुलिस ने मामले को भटकाने की कोशिश की थी।
जब्ती सूची तैयार किए जाने के दौरान उन्हें दवाएं और नुस्खे दिखाए और बताया कि उनकी बेटी बीमार थी। महिला ने आगे कहा, 'जब जब्ती सूची तैयार की जा रही थी तब मैं मौजूद थी। पुलिस ने मेरी बेटी के बैग से कुछ रिपोर्ट निकालीं। वे मामले को भटकाने की कोशिश कर रहे थे। उन्होंने मुझसे कहा कि आपकी बेटी बीमार थी। उसके पास से बहुत सारी दवाएं और रिपोर्ट मिली हैं। मैंने पुलिस को बताया कि उसे किसी ने काट लिया था, जिसके निशान के कारण मेरी बेटी दवाई ले रही थी। इसके बाद वे मामले को नहीं भटका सके। कोलकाता स्थित आरजी कर मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल के पूर्व प्राचार्य डॉ. संदीप घोष से महिला डॉक्टर की हत्या के मामले में आज फिर पूछताछ हुई। सीबीआई ने लगातार दूसरे दिन डॉ. संदीप घोश से पूछताछ की।
एजेंसी अस्पताल के पूर्व प्राचार्य को पूछताछ के लिए शुक्रवार को अपने साथ ले गई थी और उनसे देर रात तीन बजे तक पूछताछ की गई थी। एक अधिकारी ने बताया कि घोष को यहां 'सीजीओ कॉम्प्लेक्स' स्थित सीबीआई के कार्यालय के एक कमरे में रात साढ़े नौ बजे तक बैठाया गया, जिसके बाद उनसे पूछताछ शुरू हुई। शुक्रवार देर रात तक पूछताछ के कुछ ही घंटों बाद घोष दूसरी बार पूछताछ के लिए शनिवार सुबह साढ़े बजे के करीब सीबीआई कार्यालय पहुंचे। अधिकारी ने बताया कि पूछताछ के पहले दौर में पूर्व प्राचार्य घोष से महिला चिकित्सक की मौत की खबर मिलने के बाद उनकी पहली प्रतिक्रिया के बारे में पूछा गया कि उन्होंने परिवार को सूचित करने का निर्देश किसे दिया था तथा कैसे और किसने पुलिस से संपर्क किया था। अधिकारी के मुताबिक, घोष से साप्ताहिक 'रोस्टर' के बारे में भी पूछा गया, जिसके अनुसार पीड़िता की 36 घंटे या कभी-कभी 48 घंटे तक की ड्यूटी लगाई गई थी। शव मिलने के दो दिन बाद इस्तीफा देने वाले डॉ. घोष ने अपने ऊपर हमला होने की आशंका जताई थी, जिसके बाद उनके वकील ने कलकत्ता उच्च न्यायालय से उन्हें सुरक्षा मुहैया कराए जाने का अनुरोध किया था। अदालत ने उन्हें एकल पीठ से संपर्क करने का निर्देश दिया था।
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डॉक्टर से दुष्कर्म और हत्या के मामले की जांच कर रही सीबीआई टीम शनिवार को आरजी कर मेडिकल कॉलेज जांच के लिए पहुंची है। सीबीआई के जॉइंट डायरेक्टर और एडिश्नल डायरेक्टर के नेतृत्व में एक टीम आज कोलकाता में सीजीओ कॉम्पलेक्स स्थित सीबीआई कार्यालय पहुंची। आरजी कर मेडिकल कॉलेज के पूर्व प्रिंसिपल संदीप घोष भी सीबीआई कार्यालय पहुंचे हैं। सीबीआई के अधिकारी आज उनसे पूछताछ करेंगे। कर्नाटक के स्वास्थ्य मंत्री दिनेश गुंडू राव ने कहा है, 'अस्पतालों में काम करने वाले लोगों, खासकर महिलाओं की सुरक्षा से जुड़ा यह एक गंभीर मुद्दा है। उनके लिए सुरक्षित माहौल होना चाहिए और मैंने मंगलवार को इस बारे में सभी एसोसिएशनों, डॉक्टरों, नर्सों की एक बैठक भी बुलाई है। गौरतलब है कि पश्चिम बंगाल में कोलकाता के आरजी कर मेडिकल कॉलेज अस्पताल में एक प्रशिक्षु महिला डॉक्टर की हत्या के मामले में देशभर के डॉक्टरों का गुस्सा उफान पर है।
इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) ने देशव्यापी हड़ताल की घोषणा की है। आईएमए ने देश के सभी डॉक्टरों को 24 घंटे के लिए सेवाएं वापस लेने की घोषणा की। आपात सेवाएं जारी रहेंगी। ओपीडी भी बंद रहेंगी और वैकल्पिक सर्जरी को भी टाल दिया जाएगा। स्वास्थ्य मंत्रालय ने शनिवार को कहा कि फोर्डा, आईएमए और सरकारी अस्पतालों के आरडीए की तरफ से बताई गई चिंताओं के मद्देनजर स्वास्थ्य मंत्रालय उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए एक कमेटी का गठन कर रह ाहै। यह कमेटी स्वास्थ्यकर्मियों की सुरक्षा को लेकर सभी संभव कदमों का ब्योरा देगी। इस कमेटी को सुझाव देने के लिए अलग-अलग प्रतिनिधियों और राज्य सरकारों का भी स्वागत है। मंत्रालय प्रदर्शन कर रहे डॉक्टरों से अपील करता है कि वह जनहित के लिए डेंगू-मलेरिया के बढ़ते केसों के मद्देनजर काम पर लौटें।
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