Deoband News: जिस मकान में हुआ धमाका वहां चल रही थी छोटे सिलिंडरों की रिफलिंग

मकान मालिक वसीम के विरुद्ध उक्त संबंधित धाराओं के अंतर्गत रिपोर्ट दर्ज कराई गई है। वहीं, पुलिस का कहना है कि दूसरे दिन भी मकान मालिक और उसके परिवार के सदस्यों के बारे में कोई जानकारी नहीं लगी है। उनकी तलाश की जा रही है।

Oct 20, 2024 - 21:15
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Deoband News: जिस मकान में हुआ धमाका वहां चल रही थी छोटे सिलिंडरों की रिफलिंग
प्रतीकात्मक चित्र

  • पूर्ति निरीक्षक की तहरीर पर दर्ज कराई रिपोर्ट से हुआ खुलासा
  • तल्हेड़ी बुजुर्ग में पनियाली मार्ग पर घर में रखे गैस सिलिंडरों में हुआ था धमाका

Deoband- Talheri Buzurg News INA.

पनियाली मार्ग पर जिस मकान में गैस सिलिंडरों में धमाका हुआ। वहां अवैध रुप से छोटे सिलिंडरों की रिफलिंग का कार्य किया जा रहा था। देवबंद पूर्ति निरीक्षक रुपल रानी की ओर से दर्ज कराई गई रिपोर्ट में इसका खुलासा हुआ है। शनिवार की शाम तल्हेड़ी बुजुर्ग का पनियाली मार्ग और उसके आसपास के गांवों में रहने वाले ग्रामीण तेज धमाकों की आवाज से दहल गए थे। दरअसल उक्त मार्ग पर वसीम और उसके चार भाई परिवार सहित दो मंजिला मकान में रहते हैं। परिवार के ही सदस्यों ने घर के बाहर फास्ट फूड और मुर्गा बेचने का काम किया हुआ है। शाम चार बजे अचानक घर में रखे गैस सिलिंडरों में आग लग गई और 18 से 20 सिलिंडर तेज आवाज के साथ फटने से इलाके में दहशत फैल गई थी। इसमें एक ग्रामीण झुलस भी गया था। मौके पर पहुंचे पुलिस व पूर्ति विभाग के अधिकारियों ने मामले की जांच शुरु की। पूर्ति निरीक्षक रुपल रानी ने बताया कि जांच के दौरान पाया गया कि वहां छोटा हाथी वाहन खड़ा था। जो पूरी तरह जला हुआ मिला। वहां मिले सिलिंडरों की गिनती करने पर 15 व्यवसायिक सिलिंडर, 52 छोटे घरेलू खाली सिलिंडर ठीक अवस्था में मिले।

जबकि 23 सिलिंडर क्षतिग्रस्त अवस्था में पाए गए। उन्होंने यह भी बताया कि मकान के भीतर से पांच रिफलिंग यंत्र, एक बड़ा कांटा, एक छोटा कांटा भी क्षतिग्रस्त हालत में मिला। जिससे पता चलता है कि यहां अवैध रुप से गैस सिलिंडरों की कालाबाजारी हो रही थी। रुपल रानी ने बताया कि यह द्रवित पेट्रोलियम गैस आदेश 2000 के प्रावधानों का सीधा उल्लंघन है और आवश्यक वस्तु अधिनियम 1995 की धारा 3\7 के अंतर्गत दंडनीय अपराध है। मकान मालिक वसीम के विरुद्ध उक्त संबंधित धाराओं के अंतर्गत रिपोर्ट दर्ज कराई गई है। वहीं, पुलिस का कहना है कि दूसरे दिन भी मकान मालिक और उसके परिवार के सदस्यों के बारे में कोई जानकारी नहीं लगी है। उनकी तलाश की जा रही है।

वसीम को कहां से मिलते थे गैस सिलिंडर जांच जरुरी
वसीम के घर में इतने गैस सिलिंडरों का होना कई तरह के सवाल पैदा करता है। आखिर उसे यह गैस सिलिंडर मिलते कहां से हैं। जाहिर से ही बात है कि इतने सिलिंडर किसी कनेक्शन पर तो मिलेंगे नहीं। इसलिए यह जानना बहुत जरुरी है कि इस कालाबाजारी के पीछे किसका हाथ है। मकान के पास एक गैस एजेंसी भी बताई गई है। क्यां यह सिलिंडर वहीं से लिए गए या इन्हें किसी ओर गैंस एजेंसी से खरीदा गया। इसकी जांच होना भी जरुरी है।

मामले को दबाने को खूब बांटा गया पैसा
शनिवार को घटना के बाद रविवार को जब ग्रामीण जला घर को देखने के लिए पहुंचे तो उन्होंने बताया कि पूरे मामले को दबाने के नाम पर खूब पैसा बांटा गया। आरोपी को पकड़ने के बाद इसकी बारीकी से जांच की जाए तो किस-किस पर पैसा गया। इसकी पूरी जानकारी मिल सकती है।

नगर में आबादी के बीच चल रही रिफलिंग,अधिकारी जानकर अंजान
नगर में भी अवैध रुप से छोटे सिलिंडरों की रिफलिंग का कार्य बे-रोकटोक किया जा रहा है। आबादी के बीचो बीच होने वाले इस अवैध कार्य से एक बड़ी आबादी कभी भी हादसे का शिकार हो सकता है। दारुल उलूम क्षेत्र में मस्जिद रशीदिया के आसपास सड़क और गली में कितने ही लोग रिफलिंग का कार्य कर रहे हैं। मोहल्ला बड़जियाउलहक, सरसटा बाजार, दारुल उलूम वक्फ क्षेत्र और मोहल्ला सराय में धडल्ले से रिफलिंग का कार्य लंबे समय से चल रहा है। इतना ही नहीं रिफलिंग करने वाले लोगों ने ग्राहकों को बुलाने के लिए सड़क किनारे छोटे सिलिंडर रखे हुए हैं। लेकिन यहां से गुजरने वाले अधिकारियों को आज तक इन पर नजर नहीं पड़ी,यह आश्चर्य की बात है।

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