कई परिवारों के लिए मुसीबत बनी फैमिली आईडी, कई लोग सरकारी योजनों के लाभ से हुए वंचित
शासन की ओर से सभी राशन कार्ड धारक परिवारों की राशन कार्ड संख्या को ही फैमिली आईडी माना गया है। शेष परिवारों को विभागीय वेबसाइट पर आनलाइन आवेदन एवं परिवार का ब्योरा उपलब्ध करवाते ही फैमिली आईडी जारी करने के निर्देश हैं।
Hardoi News INA.
वृद्धावस्था, निराश्रित महिला एवं दिव्यांग पेंशन चाहिए हो या स्वच्छ भारत मिशन से शौचालय निर्माण के लिए सहायता धनराशि, प्रधानमंत्री आवास योजना सहित अन्य सरकारी योजनाओं का लाभ पाने के लिए सरकार ने फैमिली आईडी को अनिवार्य कर दिया है, ऐसे में जो परिवार टूटकर बिखर चुके हैं या किसी कारण से अलग हो गए हैं, उनके सामने इस आईडी को बनवाने के लिए संकट आ गया है। किसी परिवार में यदि हाल ही में किसी सदस्य की शादी हुयी है या किसी कारण से वे अलग हो गए हैं तो ऐसे में उनके सामने फैमिली आईडी को बनवाने के लिए चप्पलें घिसना लाजमी है। शासन की ओर से सभी राशन कार्ड धारक परिवारों की राशन कार्ड संख्या को ही फैमिली आईडी माना गया है। शेष परिवारों को विभागीय वेबसाइट पर आनलाइन आवेदन एवं परिवार का ब्योरा उपलब्ध करवाते ही फैमिली आईडी जारी करने के निर्देश हैं। हालांकि ग्रामीण क्षेत्रों में जारी की गई फैमिली आईडी ग्राम पंचायत सचिव की रिपोर्ट लगाने के बाद ही प्रमाणित मानी जाती है। पर राशन कार्ड में शामिल परिवार को एक परिवार मानते हुए सचिवों के द्वारा अधिकांश फैमिली आईडी के आवेदन निरस्त किए जा रहे हैं। जिससे गरीब कल्याण के लिए शुरू की गई योजनाओं का लाभ जरूरतमंदों को नहीं मिल पा रहा है। जिला विकास अधिकारी कमलेश कुमार का कहना है कि इस प्रकार की कुछ समस्याओं की जानकारी प्राप्त हो रही है, समाधान के प्रयास किए जा रहे हैं। ऐसे कई मामले सामने आ चुके हैं जिनमें लोग पहले सरकारी योजनाओं का लाभ पा रहे थे लेकिन फैमिली आईडी न होने के एवज में उन्हें लाभ देना बंद कर दिया गया है और अब वे सरकारी दफ्तरों के चक्कर काट रहे हैं।
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