Sambhal: बिछौली में प्रशासन की सख्ती: अपीलेट कोर्ट के आदेश पर पाँच मकान ध्वस्त, सरकारी भूमि से हटाया गया अवैध कब्जा। 

सम्भल तहसील के ग्राम बिछौली में बुधवार को राजस्व प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई करते हुए सरकारी भूमि पर वर्षों से चले आ रहे अवैध कब्जों को हटाया।

By INA News Desk
Jan 14, 2026 - 15:08
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Sambhal: बिछौली में प्रशासन की सख्ती: अपीलेट कोर्ट के आदेश पर पाँच मकान ध्वस्त, सरकारी भूमि से हटाया गया अवैध कब्जा। 
बिछौली में प्रशासन की सख्ती: अपीलेट कोर्ट के आदेश पर पाँच मकान ध्वस्त, सरकारी भूमि से हटाया गया अवैध कब्जा। 

उवैस दानिश, सम्भल 

सम्भल तहसील के ग्राम बिछौली में बुधवार को राजस्व प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई करते हुए सरकारी भूमि पर वर्षों से चले आ रहे अवैध कब्जों को हटाया। अपीलेट कोर्ट के आदेश के अनुपालन में पाँच मकानों को बुलडोज़र चलाकर ध्वस्त किया गया। कार्रवाई के दौरान किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए भारी पुलिस बल तैनात रहा, जिससे पूरे क्षेत्र में प्रशासनिक सख्ती का संदेश गया।

मौके पर मौजूद तहसीलदार सम्भल धीरेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि जिस भूमि पर कार्रवाई की गई, वह 20 बीघे से अधिक क्षेत्रफल में फैली हुई है और अभिलेखों में स्कूल, खेल का मैदान, उद्यान, पंचायत घर तथा पशुचर (चरागाह) के रूप में दर्ज है। इस भूमि पर लंबे समय से अवैध कब्जे को लेकर न्यायालय में मुकदमे चल रहे थे। वर्ष 2022 में ट्रायल कोर्ट द्वारा बेदखली के आदेश पारित किए गए थे, जिनमें से पाँच मामलों में अपीलेट कोर्ट ने भी आदेश की पुष्टि की। इन्हीं आदेशों के तहत बुधवार को मौके पर कब्जा हटाने की कार्रवाई की गई। तहसीलदार ने बताया कि शेष मामलों में न्यायालय के अंतिम निर्णय के बाद ही आगे की कार्रवाई की जाएगी और सभी कदम विधिक प्रक्रिया के तहत उठाए जाएंगे। उन्होंने स्पष्ट किया कि प्रशासन किसी के साथ भेदभाव नहीं कर रहा है और केवल न्यायालय के आदेशों का पालन किया जा रहा है।

इससे पहले 13 जनवरी 2026 को तहसीलदार सम्भल द्वारा गठित टीम ने नायब तहसीलदार के नेतृत्व में ग्राम बिछौली में स्थित विभिन्न सरकारी गाटों का सीमांकन कराया था। इसमें गाटा संख्या 1242 (पशुचर), 1241 (उद्यान), 1240 व 1237 (खाद के गड्ढे), 1238 (रास्ता), 1236 (खेल का मैदान), 1235 (स्कूल) और 1234 (पंचायत घर) की भूमि पर किए गए अनधिकृत कब्जों को चिन्हित किया गया था। कार्रवाई के दौरान एक इमामबाड़े की भी पैमाइश कराई गई। अधिकारियों के अनुसार, इमामबाड़ा भी उसी भूमि परिधि में आता है, लेकिन कोई भी व्यक्ति स्वयं को उसका मुतवल्ली बताने सामने नहीं आया। ऐसे में अज्ञात के विरुद्ध मुकदमा दर्ज किए जाने की तैयारी है। प्रशासन ने स्पष्ट किया कि यदि कोई पक्ष या ग्राम प्रधान अपना वैध दावा प्रस्तुत करता है तो उसकी सुनवाई कर नियमानुसार निर्णय लिया जाएगा। प्रशासन ने दो टूक कहा कि सरकारी भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराने का अभियान आगे भी जारी रहेगा और न्यायालय के आदेशों के अनुरूप सख्त कार्रवाई की जाएगी।

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