Agra News: सपा सांसद रामजीलाल सुमन द्वारा विवादित बयान के बाद करणी सेना का प्रदर्शन, कुछ अराजक तत्वों ने गढ़ी 'तोड़फोड़ की राजनीति'

यह प्रदर्शन शांतिपूर्ण ढ़ंग से चल भी रहा था लेकिन उन पर अराजक लोगों ने पत्थर बरसाने शुरू कर दिए इसी बीच करणी सेना के लोग स्वयं का बचाव करने लगे, इसी मुद्दे को आधार बनाकर कुछ अन्य अराजक लोगों द्वारा पत्थ....

By INA News Desk
Mar 27, 2025 - 22:55
69 Views
Agra News: सपा सांसद रामजीलाल सुमन द्वारा विवादित बयान के बाद करणी सेना का प्रदर्शन, कुछ अराजक तत्वों ने गढ़ी 'तोड़फोड़ की राजनीति'

मुख्यांश-

  • सपा सांसद रामजीलाल सुमन के घर में तोड़फोड़ को लेकर अखिलेश और ओवैसी ने सरकार को घेरा
  • अगर ये तोड़फोड़ करने वाले मुस्लिम होते तो.....  MP रामजीलाल सुमन के घर तोड़फोड़ पर बोले ओवैसी
  • सुमन ने साफ कर दिया कि वह अपने बयान पर कायम हैं और किसी से माफी नहीं मांगेंगे

By INA News Agra.

राणा सांगा पर दिए गए विवादित बयान को लेकर सपा सांसद रामजीलाल सुमन विवादों में घिर गए हैं। इस बयान के विरोध में करणी सेना के कार्यकर्ताओं ने बुधवार को आगरा स्थित उनके आवास पर प्रदर्शन किया। इस दौरान कई वाहनों में तोड़फोड़ की गई और उनके घर पर हमला किया गया। इसके बावजूद, सुमन ने साफ कर दिया कि वह अपने बयान पर कायम हैं और किसी से माफी नहीं मांगेंगे। समाजवादी पार्टी के सांसद रामजीलाल सुमन ने जब से राणा सांगा को लेकर बयान दिया है, तभी से वह निशाने पर आ गए हैं। इस बीच कल यानी बुधवार के दिन करणी सेना के सैकड़ों लोगों ने आगरा स्थित सपा सांसद के घर पर हंगामा कर दिया था। इस दौरान करणी सेना के लोगों की पुलिस के साथ भी झड़प हो गई थी। राणा सांगा को लेकर दिए गए बयान के विरोध में सपा सांसद के आवास पर तोड़फोड़ भी की गयी थी।

पुलिस ने करणी सेना के कई लोगों को गिरफ्तार कर लिया था। वहीं कुछ लोगों का कहना है कि तोड़फोड़ करने वाले लोग करणी सेना के नहीं थे। सपा सांसद रामजीलाल सुमन द्वारा विवादित बयान के बाद उनका विरोध करते हुए करणी सेना के सैकड़ो लोग प्रदर्शन करने पहुंचे थे। यह प्रदर्शन शांतिपूर्ण ढ़ंग से चल भी रहा था लेकिन उन पर अराजक लोगों ने पत्थर बरसाने शुरू कर दिए इसी बीच करणी सेना के लोग स्वयं का बचाव करने लगे, इसी मुद्दे को आधार बनाकर कुछ अन्य अराजक लोगों द्वारा पत्थर फेंके गये और तोड़फोड़ की गयी।हालाँकि इस मामले में पुलिस ने कई लोगों को हिरासत में लिया है और उनसे पूंछतांछ की जा रही है। बताया यह भी जा रहा है कि ये अराजकता फ़ैलाने वाले लोग अप्रत्यक्ष रूप से विवादित बयान देने वाले सांसद के पक्षधर थे। इंस्पेक्टर हरीश पर्वत समेत कई पुलिसकर्मी घायल हो गए। फिलहाल, स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है और भारी पुलिस बल मौके पर तैनात है। बताया जा रहा है कि अराजक लोगों ने आवास के बाहर लगे गेट को तोड़ने की कोशिश की, जिसके बाद हालात काबू में करने के लिए पुलिस ने लाठीचार्ज किया। दरअसल, सांसद रामजीलाल सुमन के बयान से आक्रोशित करणी सेना के सैकड़ों कार्यकर्ता बुधवार दोपहर उनके आवास के बाहर पहुंच गए। इस दौरान बाहर भारी फोर्स तैनात थी।जब भीड़ ने सांसद के आवास में घुसने का प्रयास किया तो उनकी पुलिस से बहस हो गई। देखते ही देखते बहस झड़प में बदल गई। जिसके बाद पुलिस ने लाठीचार्ज कर दिया। इससे अफरा-तफरी मच गई। बताया जाता है कि करणी सेना के कार्यकर्ताओं ने राज्यसभा सांसद रामजीलाल सुमन के उस बयान पर विरोध जताया, जिसमें उन्होंने मेवाड़ के राजा राणा संग्राम सिंह (राणा सांगा) को संसद में 'गद्दार' कहा था। इस बयान के बाद करणी सेना में भारी आक्रोश था और संगठन के कार्यकर्ताओं ने सुमन के आवास के बाहर प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान अराजकता फैलने के कारण हालात बेकाबू हो गए और सांसद के घर पर तोड़फोड़ शुरू कर दी गयी।पुलिस के रोकने पर झड़प हो गई, जिसमें कई पुलिसकर्मी और प्रदर्शनकारी घायल हो गए। पुलिस ने मौके से करीब 29 प्रदर्शनकारियों को गिरफ्तार किया, जिन्हें आगरा के हरीपर्वत थाना ले जाया गया। इनमें से 12 को एत्मादुद्दौला थाने और 17 को ट्रांसपोर्ट नगर पुलिस चौकी भेज दिया गया। हालांकि, देर रात सभी गिरफ्तार आरोपियों को थाने से ही जमानत पर रिहा कर दिया गया। जमानत मिलने के बाद करणी सेना के कार्यकर्ताओं ने थाने के बाहर नारेबाजी की और सोशल मीडिया पर वीडियो रील व तस्वीरें साझा कीं।

उधर समाजवादी पार्टी (सपा) प्रमुख अखिलेश यादव ने इस मामले पर कहा कि उनकी पार्टी मेवाड़ के राजा राणा सांगा की वीरता और राष्ट्रभक्ति पर कोई प्रश्नचिन्ह नहीं लगा रही। इस घटना के बाद अखिलेश यादव ने बीजेपी पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी किसी भी समाज का अपमान करने में विश्वास नहीं रखती, बल्कि हर वर्ग को समान सम्मान दिलाने के लिए प्रतिबद्ध है। 

उन्होंने आगे कहा कि, “हमारे सांसद रामजी लाल सुमन ने सिर्फ एकतरफा लिखे गए इतिहास और उसकी व्याख्या का उदाहरण देने की कोशिश की है। हमारा उद्देश्य राजपूत समाज या किसी अन्य समुदाय का अपमान करना नहीं है। इतिहास की घटनाओं को वर्तमान लोकतांत्रिक व्यवस्था का आधार नहीं बनाया जा सकता। तत्कालीन राजनैतिक निर्णय उस समय की परिस्थितियों के अनुसार लिए जाते थे। भाजपा को समाज में दरार पैदा करने की नीति छोड़कर जनता के रोजगार, स्वास्थ्य और सुरक्षा जैसे वास्तविक मुद्दों पर ध्यान देना चाहिए।” 

अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट करते हुए लिखा, “समाजवादी पार्टी सामाजिक न्याय और समतामूलक समाज की स्थापना में विश्वास करती है। हमारा मकसद किसी इतिहास पुरुष का अपमान करना नहीं है। सपा मेवाड़ के राजा राणा सांगा (rana sanga) की वीरता और राष्ट्रभक्ति पर कोई सवाल नहीं उठा रही है। बीजेपी हमेशा इतिहास के कुछ मुद्दों को राजनीतिक लाभ उठाने और समाज को जाति-धर्म के आधार पर बांटने के लिए इस्तेमाल करती आई है।”

लिखा कि आगरा में मुख्यमंत्री जी के उपस्थित रहते हुए भी, पीडीए के एक सांसद के घर पर कुछ लोगों द्वारा तोड़फोड़ की हिंसक वारदात जब रोकी नहीं जा सकती है, तो फिर ज़ीरो टॉलरेंस तो ज़ीरो होना ही है। क्या मुख्यमंत्री जी का प्रभाव क्षेत्र दिन पर दिन घट रहा है या फिर ‘आउटगोइंग सीएम’ की अब कोई सुन नहीं रहा है। अगर वो अभी भी मुख्यमंत्री हैं तो तुंरत कार्रवाई करें और दोषियों को AI से पहचानकर दंडित करें, नहीं तो मान लिया जाएगा कि पीडीए सांसद के खिलाफ़ ये सब उनकी अनुमति से हुआ है। निंदनीय!

एक अन्य वीडियो शेयर करते हुए उन्होंने कहा कि आगरा में तोड़फोड़ की वारदात में शासन-प्रशासन की साठगांठ की आरोपियों ने खुद ही खोल दी गाँठ, मुख्यमंत्री जी और क्या सबूत चाहिए आपको… अब क्या ये रिपोर्ट भी बदलवाएँगे? लगता है यूपी सरकार कोई और चला रहा है।

इस बयान के बाद सफाई देते हुए सपा सांसद का कहना है कि मुझे दुख है कि मेरे इस वक्तव्य से कुछ लोगों की भावनाएं आहत हुईं हैं, जबकि मेरा ऐसा कोई इरादा नहीं था। मुझे इसका खेद है। मैं सभी जाति, वर्गों एवं संप्रदायों का सम्मान करता हूं। उन्होंने लिखा है कि राजपूत समाज के गाैरव की अनेक गाथाएं हैं। सामाजिक संरचना में उनका योगदान उल्लेखनीय है।  

सपा सांसद रामजी लाल सुमन ने जारी पत्र में कहा है कि राज्यसभा में वक्तव्य के दाैरान उनके कहने का आशय ये था कि हमें इतिहास के दबे मुर्दों को पुनर्जीवित नहीं करना चाहिए। इसके विपरीत मेरे वक्तव्य की मूल भावना छोड़कर अनेक विवाद उत्पन्न किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि उनका राजनीतिक जीवन समाजवादी विचारधारा के मूल्यों के प्रति समर्पित रहा है।

दूसरी ओर ओवैसी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'X' पर लिखा है, 'अगर ये तोड़फोड़ करने वाले एम (मुस्लिम) होते तो भाजपा की योगी सरकार की क्या प्रतिक्रिया होती? लाठीचार्ज, गोलीबारी, गिरफ्तारी फिर देशद्रोह, एक सरकारी कर्मचारी पर हमला, बुलडोजर और शाम 6 से 9 बजे तथाकथित राष्ट्रवादी उन्हें एम (मुस्लिम) राजा के एजेंट कहते लेकिन माशाअल्लाह ऐसा कुछ नहीं हुआ।'

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