Sambhal: बुलडोजर कार्रवाई को लेकर AIMIM का तीखा हमला, बोले “न्याय नहीं, संविधान कुचलने का प्रतीक बन गया है बुलडोजर।
बुलडोजर की कार्रवाई को लेकर ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) ने प्रशासन और सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं
उवैस दानिश, सम्भल
सम्भल: बुलडोजर की कार्रवाई को लेकर ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) ने प्रशासन और सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। एक बयान में पार्टी वक्ता ने कहा कि सम्भल से चला बुलडोजर अब पूरे हिंदुस्तान में गरज रहा है और यह खास तौर पर मुस्लिम समुदाय को निशाना बनाकर चलाया जा रहा है।
वक्ता ने कहा कि बुलडोजर केवल मस्जिदों, मदरसों और खानकाहों पर ही नहीं चल रहा, बल्कि इसके जरिए संविधान को कुचलने की कोशिश की जा रही है। आज हालात ऐसे हो गए हैं कि बुलडोजर ही न्याय का प्रतीक बनता जा रहा है। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या देश में गलत जगह पर बने सभी धार्मिक स्थल केवल मुसलमानों के ही हैं? क्या ग्राम समाज या सरकारी भूमि पर बने ढांचे सिर्फ मुस्लिम समुदाय के ही हैं? उन्होंने आरोप लगाया कि चाहे बिजली की चेकिंग हो या अवैध निर्माण के नाम पर कार्रवाई, प्रशासन की नजर सिर्फ मुस्लिम मोहल्लों और इबादतगाहों पर ही जाती है।
क्या दूसरे धर्मों के सभी लोग पूरी तरह नियमों का पालन कर रहे हैं—इस पर कभी समान रूप से जांच क्यों नहीं होती? AIMIM वक्ता ने कहा कि मुसलमानों को टारगेट कर देशभर में हताश और निराश करने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि उनकी पार्टी और उसके राष्ट्रीय अध्यक्ष बैरिस्टर असदुद्दीन ओवैसी लगातार इस “बुलडोजर राजनीति” के खिलाफ आवाज उठाते रहेंगे और कानूनी व लोकतांत्रिक तरीके से संघर्ष जारी रहेगा। प्रशासन द्वारा न्यायालय के आदेश पर कार्रवाई के दावे पर वक्ता ने कहा कि कई मामलों में न्यायालय का आदेश आने से पहले ही कार्रवाई कर दी जाती है और प्रभावित लोगों को इतना कम समय दिया जाता है कि वे अदालत तक पहुंच भी नहीं पाते। उन्होंने कहा कि न्यायपालिका पर उन्हें पूरा भरोसा है और यदि उचित समय दिया जाए तो न्याय अवश्य मिलेगा। अंत में वक्ता ने कहा कि AIMIM संविधान को बचाने वाली ताकत है और संविधान को कमजोर करने वाली हर कोशिश का डटकर मुकाबला किया जाएगा।
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