Baitul : मुलताई में माँ ताप्ती के घाटों पर तर्पण के लिए उमड़े श्रद्धालु, पितृ दोष से मुक्ति की है मान्यता

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, माँ ताप्ती सूर्यदेव की पुत्री और शनिदेव व यम की बहन हैं। इस पवित्र संबंध के कारण ताप्ती में स्नान और तर्पण का विशेष महत्व है। कहा जा

By INA News Desk
Sep 16, 2025 - 20:08
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Baitul : मुलताई में माँ ताप्ती के घाटों पर तर्पण के लिए उमड़े श्रद्धालु, पितृ दोष से मुक्ति की है मान्यता
मुलताई में माँ ताप्ती के घाटों पर तर्पण के लिए उमड़े श्रद्धालु, पितृ दोष से मुक्ति की है मान्यता
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Report : शशांक सोनकपुरिया, बैतूल- मध्यप्रदेश

मध्य प्रदेश के बैतूल जिले की पवित्र नगरी मुलताई में सूर्यपुत्री माँ ताप्ती के उद्गम स्थल पर पितृ पक्ष की शुरुआत के साथ श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी है। सोमवार को ब्रह्म मुहूर्त से ही ताप्ती नदी के घाटों पर लोग अपने पूर्वजों को तर्पण अर्पित करने पहुंच रहे हैं।मान्यता है कि ताप्ती के पवित्र जल में तर्पण करने से पूर्वजों की आत्मा को शांति मिलती है और परिवार पितृ दोष, अकाल मृत्यु जैसी समस्याओं से मुक्त होता है। इस आस्था के चलते मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र और विदर्भ से हर दिन सैकड़ों श्रद्धालु यहाँ पहुँच रहे हैं।

माँ ताप्ती की महिमा

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, माँ ताप्ती सूर्यदेव की पुत्री और शनिदेव व यम की बहन हैं। इस पवित्र संबंध के कारण ताप्ती में स्नान और तर्पण का विशेष महत्व है। कहा जाता है कि इस नदी के जल में स्नान और तर्पण करने से हजार गुना पुण्य प्राप्त होता है।पौराणिक कथाओं में उल्लेख है कि देवर्षि नारद ने भी ताप्ती के जल में स्नान कर कुष्ठ रोग से मुक्ति पाई थी।

तर्पण की विधि

श्रद्धालु ब्रह्म मुहूर्त में ताप्ती नदी में स्नान करते हैं। इसके बाद कुश, काले तिल, चावल और फूल लेकर अपने पूर्वजों का स्मरण करते हुए जल अर्पित करते हैं। घाटों पर मौजूद पंडित वैदिक मंत्रोच्चार के साथ यह विधि शास्त्रों के अनुसार संपन्न कराते हैं। मुलताई के ताप्ती घाट पितृ पक्ष में आस्था का प्रमुख केंद्र बन जाते हैं।ताप्ती नदी के जल में खनिज लवण और क्षारीय तत्व मौजूद हैं, जो अस्थियों को जल्दी विलीन करने में मदद करते हैं। यह वैज्ञानिक तथ्य ताप्ती की आध्यात्मिक महत्ता को और मजबूत करता है। श्रद्धालुओं का मानना है कि ताप्ती नदी केवल जल का प्रवाह नहीं, बल्कि मोक्ष और आस्था का प्रतीक है।पंडित गणेश त्रिवेदी( महाराज)

पितृ पक्ष में मुलताई के ताप्ती घाटों पर रोजाना सैकड़ों श्रद्धालु पहुँच रहे हैं। मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र और विदर्भ के लोग यहाँ तर्पण और अन्य रीति-रिवाजों के लिए आते हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि इस बार पितृ पक्ष में श्रद्धालुओं की संख्या पिछले वर्षों की तुलना में अधिक है। ताप्ती घाटों पर वैदिक मंत्रों और आस्था का अद्भुत संगम देखने को मिल रहा है।

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