Baitul Murder : सूरगांव हत्याकांड- 350 रुपये के लिए बुजुर्ग की हत्या, आरोपी गिरफ्तार
17 सितंबर की सुबह देवराव आलोने रोज की तरह अपने खेत पर घास काटने गए थे। लेकिन कुछ ही देर बाद खेत से उनकी लाश मिलने की खबर ने गांव को स्तब्ध कर
Report : शशांक सोनकपुरिया, बैतूल- मध्यप्रदेश
मध्यप्रदेश के बैतूल जिले के सूरगांव में हुई एक क्रूर हत्या ने पूरे गांव को हिलाकर रख दिया। खेत पर घास काटने गए एक बुजुर्ग की लाश खून से लथपथ मिलने से इलाके में सनसनी फैल गई। पुलिस ने इस मामले की गहन जांच की और हत्या के पीछे का चौंकाने वाला सच सामने लाया। आरोपी ने 350 रुपये की मामूली उधारी के लिए यह जघन्य अपराध किया।
17 सितंबर की सुबह देवराव आलोने रोज की तरह अपने खेत पर घास काटने गए थे। लेकिन कुछ ही देर बाद खेत से उनकी लाश मिलने की खबर ने गांव को स्तब्ध कर दिया। उनके सिर और सीने पर गहरे जख्म थे, जिससे साफ था कि यह हादसा नहीं, बल्कि हत्या थी। सूचना मिलते ही बैतूल बाजार थाने की प्रभारी अंजना धुर्वे अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचीं। पुलिस अधीक्षक वीरेंद्र जैन भी तुरंत सूरगांव पहुंचे और पीड़िता के परिवार से पूछताछ शुरू की।
पुलिस ने डॉग स्क्वॉड, साइबर सेल और सीन ऑफ क्राइम विशेषज्ञों की मदद से साक्ष्य जुटाए। जांच के दौरान शक की सुई गांव के ही कचरू उर्फ कचरया बेनाइत पर गई। पुलिस ने उसे हिरासत में लिया और सख्त पूछताछ की। आखिरकार कचरू ने अपना जुर्म कबूल कर लिया। उसने बताया कि उसने देवराव को 350 रुपये उधार दिए थे। बार-बार मांगने पर भी देवराव ने पैसे लौटाने से इनकार किया और गाली-गलौज की। गुस्से में आकर कचरू ने खेत में रखे हंसिए से देवराव के सिर पर वार किया और पैर से उनकी छाती पर प्रहार किया, जिससे उनकी मौत हो गई।
हत्या के बाद कचरू ने सबूत मिटाने के लिए खून से सना हंसिया और कपड़े नदी किनारे फेंक दिए। लेकिन पुलिस की सतर्क जांच ने उसकी सारी कोशिशें नाकाम कर दीं। कचरू के बताए स्थान से हंसिया और कपड़े बरामद कर लिए गए।
इस मामले को सुलझाने में बैतूल पुलिस की कई इकाइयों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। पुलिस अधीक्षक वीरेंद्र जैन के नेतृत्व में एएसपी कमला जोशी, एसडीओपी सुनील लाटा, थाना प्रभारी अंजना धुर्वे, डॉग स्क्वॉड और साइबर सेल की टीम ने मिलकर इस गुत्थी को सुलझाया और आरोपी को जेल भेज दिया।
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