Hardoi: हरदोई में महिला आयोग अध्यक्ष बबीता चौहान का बड़ा बयान, बुर्का–नकाब पर सख्त रुख, बोलीं—'घर में ज़्यादा जरूरत, यूपी सुरक्षित हाथों में'।
उत्तर प्रदेश राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष बबीता चौहान ने हरदोई दौरे के दौरान बुर्का और नकाब को लेकर बड़ा और विवादित बयान देकर राजनीतिक
हरदोई। उत्तर प्रदेश राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष बबीता चौहान ने हरदोई दौरे के दौरान बुर्का और नकाब को लेकर बड़ा और विवादित बयान देकर राजनीतिक व सामाजिक हलकों में हलचल मचा दी। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि उत्तर प्रदेश सुरक्षित हाथों में है, यहां महिलाओं को नकाब और बुर्का पहनने की कोई आवश्यकता नहीं है।
- “जिस थाली में खाया, उसी में छेद”—चव्हाण पर तीखा हमला
- नकाब पहनकर आयोग आने वाली महिलाओं पर सवाल
- नकाब-बुर्के की आड़ में अपराध होने का दावा
- “नकाब पहनने वाली महिलाएं घर में ज्यादा असुरक्षित”
- यूपी को बताया महिलाओं के लिए सुरक्षित राज्य
नकाब पर सवाल के जवाब में बबीता चौहान का बयान
नकाब को लेकर पूछे गए सवाल पर महिला आयोग अध्यक्ष ने कहा कि आयोग में जब कोई महिला शिकायत लेकर आती है और नकाब पहनकर बैठती है, तो सच और झूठ समझना कठिन हो जाता है। उन्होंने कहा कि कई मामलों में चेहरे के हाव-भाव से भी सच्चाई सामने आती है।
हरदोई दौरे के दौरान मीडिया से बातचीत करतीं उत्तर प्रदेश राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष बबीता चौहान।
“नकाब-बुर्के की आड़ में बढ़ रहे अपराध”
बबीता चौहान ने कहा कि सोशल मीडिया और नेशनल मीडिया पर लगातार ऐसे वीडियो सामने आ रहे हैं, जिनमें नकाब और बुर्के की आड़ में चोरी और अन्य अपराध किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि कई शहरों में ज्वेलर्स तक ने नकाब-बुर्का पहनकर आने वालों की एंट्री पर रोक लगाने वाले बोर्ड लगाए हैं।
“घर के अंदर ज्यादा असुरक्षित महिलाएं”
महिला आयोग अध्यक्ष ने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि उनके पास आने वाली कई शिकायतों में सामने आया है कि नकाब और बुर्का पहनने वाली महिलाएं अपने घरों में ज्यादा असुरक्षित होती हैं। घरेलू हिंसा, बहुविवाह और पारिवारिक उत्पीड़न जैसे मामले अधिक सामने आते हैं।
“अगर जरूरत है तो घर में है, बाहर नहीं”
अंत में उन्होंने दो टूक कहा— “अगर नकाब और बुर्के की जरूरत है, तो वह घर के अंदर है। उत्तर प्रदेश पूरी तरह सुरक्षित हाथों में है, यहां किसी नकाब या बुर्के की जरूरत नहीं है।”
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