Sambhal: सफाई कर्मचारियों के वेतन पर बवाल: ₹18,000 की मांग तेज, घोटाले के आरोप के साथ बड़े आंदोलन की चेतावनी।
जिला अस्पताल परिसर में इकट्ठा हुए सफाई कर्मचारियों के मुद्दे ने अब तूल पकड़ लिया है। राष्ट्रीय दलित पिछड़ा वर्ग (भारत) के राष्ट्रीय अध्यक्ष प्रदीप
उवैस दानिश, सम्भल
सम्भल। जिला अस्पताल परिसर में इकट्ठा हुए सफाई कर्मचारियों के मुद्दे ने अब तूल पकड़ लिया है। राष्ट्रीय दलित पिछड़ा वर्ग (भारत) के राष्ट्रीय अध्यक्ष प्रदीप सिरसवाल ने सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि आउटसोर्सिंग सफाई कर्मचारियों के साथ बड़ा अन्याय हो रहा है।
उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री Narendra Modi और मुख्यमंत्री Yogi Adityanath द्वारा ₹18,000 वेतन की घोषणा के बावजूद नगरपालिका परिषदों और जिला अस्पतालों में कार्यरत सफाई कर्मचारियों को मात्र ₹12,000 के आसपास वेतन दिया जा रहा है, जिसमें हाल ही में सिर्फ ₹12 की बढ़ोतरी हुई है। प्रदीप सिरसवाल ने आरोप लगाया कि अधिकारियों और ठेकेदारों की मिलीभगत से कर्मचारियों का वेतन रोका गया, EPF काटा गया लेकिन खातों में जमा नहीं किया गया। उन्होंने कहा कि यदि निष्पक्ष जांच कराई जाए तो हर मंडल में करोड़ों रुपये के घोटाले सामने आ सकते हैं। संगठन की मांग है कि सभी आउटसोर्सिंग सफाई कर्मचारियों को ₹18,000 वेतन दिया जाए, संविदा कर्मचारियों को स्थायी किया जाए, बीमा की सुविधा मिले और मृत्यु के बाद आश्रितों को नौकरी दी जाए। साथ ही कई महीनों से बकाया वेतन का तत्काल भुगतान किया जाए। इस संबंध में प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री को ईमेल के माध्यम से शिकायत भेजी गई है। चेतावनी देते हुए सिरसवाल ने कहा कि अगर जल्द समाधान नहीं हुआ तो प्रदेश स्तर पर बड़ा आंदोलन होगा। उन्होंने साफ कहा जब तक पूरा वेतन नहीं मिलेगा, न काम करेंगे, न करने देंगे।
Also Read- Lucknow : योगी सरकार में कौशल विकास मिशन का बड़ा कदम, पहले दिन 99,075 प्रशिक्षण लक्ष्य आवंटित
What's Your Reaction?









