मध्य प्रदेश में कैलाश विजयवर्गीय के विवादित बयान पर कांग्रेस का आक्रोश- राहुल-प्रियंका के भाई-बहन रिश्ते पर टिप्पणी से भड़का हंगामा

कैलाश विजयवर्गीय मध्य प्रदेश की राजनीति के एक प्रमुख चेहरे हैं। वे इंदौर से सांसद रह चुके हैं और वर्तमान में शिवराज सिंह चौहान सरकार में कैबिनेट मंत्री हैं। उनकी राज

Sep 27, 2025 - 18:31
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मध्य प्रदेश में कैलाश विजयवर्गीय के विवादित बयान पर कांग्रेस का आक्रोश- राहुल-प्रियंका के भाई-बहन रिश्ते पर टिप्पणी से भड़का हंगामा
मध्य प्रदेश में कैलाश विजयवर्गीय के विवादित बयान पर कांग्रेस का आक्रोश- राहुल-प्रियंका के भाई-बहन रिश्ते पर टिप्पणी से भड़का हंगामा

मध्य प्रदेश के नगरीय विकास मंत्री और भाजपा के वरिष्ठ नेता कैलाश विजयवर्गीय ने गुरुवार को शाजापुर में एक कार्यक्रम के दौरान कांग्रेस नेता राहुल गांधी और उनकी बहन प्रियंका गांधी वाड्रा के सार्वजनिक स्नेह पर ऐसी टिप्पणी की, जिसने पूरे राजनीतिक हलकों में हंगामा मचा दिया। विजयवर्गीय ने कहा कि पुराने जमाने में लोग बहन के गांव का पानी तक नहीं पीते थे, लेकिन आजकल विपक्ष के नेता चौराहों पर अपनी बहन को चुंबन कर लेते हैं। उन्होंने इसे विदेशी संस्कृति का प्रभाव बताते हुए भारतीय संस्कारों पर सवाल उठाया। इस बयान को कांग्रेस ने महिलाओं और भाई-बहन के पवित्र रिश्ते का अपमान बताया। शुक्रवार को राज्य भर में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने विरोध प्रदर्शन किए, पुतला दहन किया और माफी की मांग की। इंदौर, मुरैना, बुरहानपुर और भोपाल जैसे शहरों में सड़कों पर उतरे कांग्रेसी ने भाजपा पर नारी सम्मान के प्रति असंवेदनशील होने का आरोप लगाया। विवाद बढ़ने पर विजयवर्गीय ने सफाई दी कि उन्होंने रिश्तों की पवित्रता पर सवाल नहीं उठाया, बल्कि संस्कृतियों की तुलना की थी। लेकिन कांग्रेस ने इसे खारिज करते हुए कहा कि यह भाजपा की साजिश है। यह घटना नवरात्रि के दौरान हुई, जिसने इसे और संवेदनशील बना दिया।

कैलाश विजयवर्गीय मध्य प्रदेश की राजनीति के एक प्रमुख चेहरे हैं। वे इंदौर से सांसद रह चुके हैं और वर्तमान में शिवराज सिंह चौहान सरकार में कैबिनेट मंत्री हैं। उनकी राजनीतिक यात्रा संघ परिवार से शुरू हुई, जहां वे राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रचारक रहे। बाद में वे भाजपा में शामिल हुए और कई महत्वपूर्ण पद संभाले। विजयवर्गीय अपने तीखे बयानों के लिए जाने जाते हैं। अतीत में भी उन्होंने विपक्ष पर कई विवादास्पद टिप्पणियां की हैं, जैसे 2018 में दिग्विजय सिंह पर 'मौलवी' कहना। इस बार उनका बयान शाजापुर के एक सामाजिक समारोह में आया, जहां वे मुख्य अतिथि थे। मंच पर मध्य प्रदेश के उच्च शिक्षा मंत्री इंदर सिंह परमार और विधायक अरुण भीमावाद भी मौजूद थे। विजयवर्गीय ने राहुल गांधी का नाम लिए बिना कहा, 'हमारे समय में बहन के गांव का पानी नहीं पीते थे। लेकिन आज विपक्ष के नेता सार्वजनिक स्थानों पर बहन को किस कर देते हैं। क्या कभी किसी ने अपनी बहन या बेटी को ऐसा किया? यह पश्चिमी संस्कृति का असर है।' यह बयान राहुल और प्रियंका के हालिया सार्वजनिक कार्यक्रमों का जिक्र कर रहा था, जहां दोनों ने एक-दूसरे को गाल पर चुंबन दिया था।

राहुल गांधी लोकसभा में विपक्ष के नेता हैं और कांग्रेस के प्रमुख चेहरा। उनकी बहन प्रियंका गांधी वाड्रा वायनाड से सांसद हैं और पार्टी की महासचिव। दोनों भाई-बहन का रिश्ता राजनीतिक रूप से मजबूत माना जाता है। प्रियंका ने 2019 से सक्रिय राजनीति में कदम रखा और उत्तर प्रदेश में कांग्रेस को मजबूत करने में भूमिका निभाई। राहुल की भारत जोड़ो यात्रा और न्याय यात्रा में प्रियंका का साथ रहा। भाजपा अक्सर गांधी परिवार पर हमलावर रही है, लेकिन इस बार का बयान व्यक्तिगत और सांस्कृतिक स्तर पर था। कांग्रेस ने इसे तुरंत पकड़ लिया। मध्य प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने शुक्रवार को भोपाल में कहा, 'नवरात्रि के पवित्र दिनों में कैलाश विजयवर्गीय ने मां दुर्गा की पूजा के बीच भाई-बहन के रिश्ते को अपमानित किया। यह भाजपा की मानसिकता है, जो महिलाओं को नीचा दिखाती है।' पटवारी ने कहा कि विजयवर्गीय मुख्यमंत्री बनने की होड़ में मानसिक संतुलन खो चुके हैं।

कांग्रेस का विरोध प्रदर्शन राज्य के कई जिलों में फैल गया। इंदौर, विजयवर्गीय का गृह नगर, में पूर्व मंत्री सज्जन सिंह वर्मा के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने उनका पुतला फूंका। वर्मा ने कहा, 'देश की महिलाओं में आक्रोश है। विजयवर्गीय जैसे लोग संस्कार सिखाने की बात करते हैं, लेकिन खुद असभ्य हैं।' मुरैना में जिला कांग्रेस कमेटी ने सड़क पर प्रदर्शन किया। कार्यकर्ताओं ने नारे लगाए, 'विजयवर्गीय मुंह काला करो, महिलाओं का अपमान बंद करो।' बुरहानपुर में जिला कांग्रेस और महिला कांग्रेस ने देर रात पुतला दहन किया। शहर कांग्रेस अध्यक्ष रिंकू टांक ने कहा, 'भाजपा नेताओं के बयान महिलाओं की गरिमा को ठेस पहुंचाते हैं। सनातन धर्म का अपमान है।' भोपाल में पटवारी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस की और माफी की मांग की। उज्जैन, ग्वालियर और जबलपुर में भी छोटे-छोटे धरने हुए। कांग्रेस ने सोशल मीडिया पर BoycottVijayvargiya कैंपेन चलाया। एक वीडियो में पटवारी ने कहा, 'भाई-बहन का स्नेह पवित्र है। इसे गंदा करने वाले भाजपा के संस्कार हैं।'

विवाद बढ़ने पर भाजपा ने सफाई दी। विजयवर्गीय ने शुक्रवार को इंदौर में कहा, 'मैं रिश्तों की पवित्रता पर सवाल नहीं उठा रहा। भाई-बहन और पिता-बेटी का बंधन सबसे पवित्र है। मैंने सिर्फ भारतीय और विदेशी संस्कृति की तुलना की थी। बयान को तोड़-मरोड़कर पेश किया गया।' उन्होंने जोड़ा, 'मैं भी अपनी बहन का सिर चूमता हूं, लेकिन सार्वजनिक प्रदर्शन का मतलब अलग है।' मध्य प्रदेश के कैबिनेट मंत्री विजय शाह ने विजयवर्गीय का समर्थन किया। खंडवा में एक कार्यक्रम में शाह ने कहा, 'राहुल का बयान भारतीय संस्कृति पर हमला है। क्या मैं सार्वजनिक रूप से अपनी बहन को चुंबन दूंगा? हम इसका विरोध करेंगे।' शाह ने इसे सांस्कृतिक मुद्दा बताया। भाजपा प्रवक्ता ने कहा कि कांग्रेस हमेशा व्यक्तिगत हमलों से बचने के लिए विवाद खड़ी करती है। लेकिन विपक्ष ने इसे खारिज किया। सपा नेता ने कहा, 'भाजपा की भाषा घटिया है।' एनसीपी ने भी निंदा की।

यह विवाद मध्य प्रदेश की राजनीति को गर्मा रहा है। राज्य में 2023 के विधानसभा चुनावों के बाद भाजपा सत्ता में है, लेकिन कांग्रेस ने उपचुनावों में अच्छा प्रदर्शन किया। नवरात्रि के दौरान यह बयान भाजपा के लिए नुकसानदेह साबित हो सकता है। महिलाओं के मुद्दों पर कांग्रेस ने हमेशा भाजपा को घेरा है। पटवारी ने कहा, 'महिलाओं की सुरक्षा और सम्मान पर भाजपा की असलियत सामने आ गई।' सोशल मीडिया पर बहस तेज है। एक यूजर ने लिखा, 'भाई-बहन का स्नेह अपराध है? भाजपा का दोगला चरित्र।' दूसरे ने कहा, 'विजयवर्गीय साहब, संस्कार सिखाओ तो सही, अपमान मत करो।' विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसे बयान राजनीतिक लाभ के लिए होते हैं, लेकिन समाज को बांटते हैं। एक राजनीतिक विश्लेषक ने कहा, 'नवरात्रि में मां की आराधना के बीच यह बयान अनुचित है। भाजपा को सावधान रहना चाहिए।'

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