Hardoi News: कोर्ट में घटना से मुकरने वालों के खिलाफ कसा शिकंजा, आर्थिक सहायत की होगी वसूली। 

दो साल में दुष्कर्म, छेड़छाड़ की घटना से मुकरने वाले 50 मामले आए सामने, अपर जिला जज ने वसूली के लिए डीएम को लिखा पत्र... 

Apr 3, 2025 - 11:48
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Hardoi News: कोर्ट में घटना से मुकरने वालों के खिलाफ कसा शिकंजा, आर्थिक सहायत की होगी वसूली। 

हरदोई। पुलिस के सामने अपने ही दिए बयानों से कोर्ट में मुकरने वाली महिलाओं व किशोरियों के खिलाफ प्रशासन ने शिकंजा कसा है। कोर्ट बयानों से मुकरने वाले 50 मामलों में अपर जिला जज (कोर्ट संख्या 15) श्रद्धा तिवारी ने आर्थिक सहायत की होगी वसूली के लिए डीएम को पत्र लिखा है।

दुष्कर्म और छेड़छाड़ जैसे मामलों में रिपोर्ट दर्ज होने और आरोप पत्र दाखिल होने पर शासन से मिली आर्थिक सहायता अब वापस करनी होगी। आर्थिक सहायता की वसूली की प्रक्रिया गोपनीय रूप से शुरू हो गई है। दो वित्तीय वर्ष के दौरान ऐसे 50 मामले सामने आ चुके हैं।

महिलाओं के उत्पीड़न को लेकर सरकार का सख्त रुख है। दुष्कर्म और छेड़छाड़ जैसी घटनाओं में पीड़िताओं को आर्थिक मदद भी दी जाती है। इसके लिए उत्तर प्रदेश रानी लक्ष्मी बाई महिला सम्मान कोष योजना संचालित है। इसके अलावा समाज कल्याण विभाग की ओर से भी पीड़िता के अनुसूचित जाति अथवा अनुसूचित जनजाति का होने पर सहायता दी जाती है।

वर्ष 2023-24 में 37 24-25 में 13 ऐसे मामले सामने आए जिनमें सुनवाई के दौरान पीड़िता व उसके परिजन ही अपने हुई घटना से मुकर गए। ऐसे लोगों से शासन स्तर पर तकरीबन 1.5 करोड़ रुपये की वसूली की अंदरखाने तैयारी चल रही है 

  • उच्च न्यायालय दे चुका है वसूली के आदेश

उच्च न्यायालय लखनऊ की ओर से इसी तरह के मामलों में शासन से मिलने वाली आर्थिक मदद की वसूली कराए जाने का आदेश पूर्व में दिया जा चुका है। हरिओम शर्मा बनाम उत्तर प्रदेश सरकार के 31 मई 2022 को जारी आदेश में इसका उल्लेख भी है। इस आदेश में कहा गया था कि पक्षद्रोही अभियोजन कथानक का समर्थन न करने वाले पीड़ित वादी को सरकार की ओर से दी गई वित्तीय धनराशि की वसूली कर सरकारी कोष में जमा कराया जाए।

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  • पॉक्सो एक्ट की धारा चार और धारा छह में तीन लाख रुपये की सहायता दी जाती है। एक लाख रुपये रिपोर्ट दर्ज होने के 15 दिन के अंदर और आरोप पत्र दाखिल होने के एक माह के अंदर दो लाख रुपये दिए जाते हैं।
  • सामूहिक दुष्कर्म (376 घ) में सात लाख रुपये की सहायता दी जाती है। रिपोर्ट दर्ज होने के 15 दिन के अंदर और शेष धनराशि आरोप पत्र दाखिल होने के एक माह के अंदर दी जाती है।

हां, मेरे न्यायालय में सुनवाई के दौरान ऐसे मामले आए हैं, जिनमें वादी पक्षद्रोही हो गए। इन लोगों ने रिपोर्ट दर्ज कराकर शासन से आर्थिक मदद भी ली। इन लोगों से शासन की ओर से मिली आर्थिक मदद की वसूली कराने के लिए जिलाधिकारी को पत्र भेजा है। - 

श्रद्धा तिवारी, अपर जिला जज (कोर्ट संख्या 15 पॉक्सो एक्ट)

मंगला प्रसाद सिंह , जिलाधिकारी, हरदोई 

दुष्कर्म और छेड़छाड़ जैसे मामलों में रिपोर्ट दर्ज कराने के बाद घटना से मुकर जाना बेहद गलत है। इसका मतलब है कि शासन से आर्थिक मदद लेने और विरोधियों को फंसाने के उद्देश्य से पूरी साजिश रची गई। अपर जिला जज श्रद्धा तिवारी की ओर से ऐसे 50 मामलों की सूची मिली है। निश्चित रूप से सभी से आर्थिक मदद की वसूली कराई जाएगी। -

 एमपी सिंह, डीएम

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