मौत का तांडव: पद्मा नदी में गिरी सवारियों से भरी बस, 23 ने गंवाई जान, रेस्क्यू ऑपरेशन जारी।

बांग्लादेश के दक्षिण-पश्चिमी जिले राजबाड़ी में स्थित दौलतदिया फेरी टर्मिनल नंबर 3 पर बुधवार शाम करीब 5:15 बजे एक भीषण दुर्घटना घटी। राजबाड़ी

Mar 26, 2026 - 13:01
 0  7
मौत का तांडव: पद्मा नदी में गिरी सवारियों से भरी बस, 23 ने गंवाई जान, रेस्क्यू ऑपरेशन जारी।
मौत का तांडव: पद्मा नदी में गिरी सवारियों से भरी बस, 23 ने गंवाई जान, रेस्क्यू ऑपरेशन जारी।
  • फेरी पर चढ़ते समय हुआ बड़ा हादसा: दौलतदिया घाट पर बस और जहाज की टक्कर के बाद नदी में समाईं दर्जनों जिंदगियां
  • ईद की खुशियां मातम में बदलीं: ढाका लौट रहे यात्रियों के साथ हुआ खौफनाक हादसा, दिल चीर देने वाला वीडियो वायरल

बांग्लादेश के दक्षिण-पश्चिमी जिले राजबाड़ी में स्थित दौलतदिया फेरी टर्मिनल नंबर 3 पर बुधवार शाम करीब 5:15 बजे एक भीषण दुर्घटना घटी। राजबाड़ी से ढाका जा रही एक यात्री बस जैसे ही नदी पार करने के लिए एक विशाल फेरी (नौका) पर चढ़ने की कोशिश कर रही थी, तभी वह अनियंत्रित होकर सीधे पद्मा नदी के गहरे पानी में जा गिरी। चश्मदीदों के मुताबिक, बस खचाखच भरी हुई थी और उसमें करीब 40 से 50 यात्री सवार थे। बस के गिरते ही वहां मौजूद लोगों में अफरा-तफरी मच गई। पानी का बहाव तेज होने के कारण बस देखते ही देखते सतह से ओझल होकर लगभग 30 से 80 फीट की गहराई में चली गई, जिससे यात्रियों को बचने का संभलने का न्यूनतम समय भी नहीं मिल पाया।

हादसे की प्रारंभिक जांच में एक चौंकाने वाला कूटनीतिक और तकनीकी कारण सामने आया है। टर्मिनल सुपरवाइजर के अनुसार, जिस समय बस पोंटून (तैरते हुए प्लेटफॉर्म) से फेरी की ओर बढ़ रही थी, तभी एक अन्य छोटी यूटिलिटी फेरी ने पोंटून को जोरदार टक्कर मार दी। इस अचानक हुए झटके से चालक ने स्टीयरिंग से अपना नियंत्रण खो दिया और बस का संतुलन बिगड़ गया। चूंकि बस चढ़ाई पर थी, इसलिए वह पीछे की ओर लुढ़कते हुए सीधे नदी के गहरे पानी में गोता लगा गई। बस के पानी में गिरते ही स्थानीय नाविकों और लाइफगार्ड्स ने रस्सियों और ट्यूबों की मदद से बचाव कार्य शुरू किया, लेकिन पानी की गहराई और अंधेरे ने इस मिशन को बेहद चुनौतीपूर्ण बना दिया।

बचाव अभियान की कमान अग्निशमन सेवा, कोस्ट गार्ड, नौसेना और पुलिस की संयुक्त टीमों ने संभाली। हादसे के करीब 6 घंटे बाद देर रात करीब 11:30 बजे बचाव पोत 'हमजा' की मदद से डूबी हुई बस को क्रेन के जरिए बाहर निकाला जा सका। जैसे-जैसे बस का ढांचा पानी से बाहर आया, वहां मौजूद लोगों की रूह कांप गई। बस के भीतर से एक के बाद एक शव निकाले गए, जिनमें से अधिकांश एक-दूसरे से लिपटे हुए थे। मृतकों में 11 महिलाएं और 8 बच्चे शामिल हैं, जो अपने परिवार के साथ घर लौट रहे थे। अधिकारियों ने बताया कि खराब मौसम और बारिश के कारण रात में रेस्क्यू ऑपरेशन को कुछ समय के लिए रोकना पड़ा था, जिसे गुरुवार सुबह दोबारा शुरू किया गया।

एक पिता की बेबसी और हादसे की भयावहता

हादसे में जीवित बचे अब्दुल अजीजुल नामक एक यात्री की कहानी ने सोशल मीडिया पर सभी को भावुक कर दिया है। अजीजुल ने बताया कि जैसे ही बस पानी में गिरी, उन्होंने खिड़की का शीशा तोड़कर बाहर छलांग लगा दी और तैरकर किनारे तक पहुंचने में सफल रहे। लेकिन उनकी आंखों के सामने उनकी पत्नी और मासूम बच्चा बस के साथ पानी की गहराइयों में समा गए। वे किनारे खड़े होकर बेबस होकर देखते रहे और अपने परिवार को नहीं बचा सके। ऐसी कई कहानियां इस समय घाट पर मौजूद उन परिजनों की हैं जो अपने प्रियजनों के शवों की पहचान के लिए सिसक रहे हैं।

बांग्लादेश के प्रधानमंत्री तारिक रहमान ने इस दुखद घटना पर गहरा शोक व्यक्त किया है और मारे गए लोगों के प्रति अपनी संवेदनाएं प्रकट की हैं। उन्होंने स्थानीय प्रशासन को निर्देश दिए हैं कि बचाव कार्य में कोई कसर न छोड़ी जाए और घायलों को सर्वोत्तम इलाज मुहैया कराया जाए। प्रधानमंत्री ने इस मामले की उच्च स्तरीय जांच के भी आदेश दिए हैं ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि टर्मिनल पर सुरक्षा मानकों में कहां चूक हुई। यह पहली बार नहीं है जब बांग्लादेश के व्यस्त फेरी घाटों पर इस तरह के हादसे हुए हैं, लेकिन 23 लोगों की मौत ने एक बार फिर परिवहन और बुनियादी ढांचे की सुरक्षा पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं।

सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे इस हादसे के वीडियो में देखा जा सकता है कि बस किस तरह धीरे-धीरे पीछे की ओर लुढ़कती है और फिर अचानक पलटते हुए पानी में गिर जाती है। वीडियो में यात्रियों की चीखें और लोगों का शोर साफ सुना जा सकता है। पुलिस इंस्पेक्टर रसेल मोल्लाह ने बताया कि अब तक 23 शव बरामद किए जा चुके हैं, जिनमें से 22 की पहचान कर उन्हें उनके परिजनों को सौंप दिया गया है। हालांकि, अभी भी कुछ यात्री लापता बताए जा रहे हैं जिनकी तलाश के लिए गोताखोर नदी के तल को खंगाल रहे हैं। प्रशासन को अंदेशा है कि मरने वालों की संख्या अभी और बढ़ सकती है क्योंकि कुछ लोग तेज बहाव में बह भी गए होंगे।

Also Read- Bajpur : सुल्तानपुर पट्टी पुलिस ने दो लंबे समय से फरार वारंटियों को किया गिरफ्तार

What's Your Reaction?

like

dislike

love

funny

angry

sad

wow

INA News_Admin आई.एन. ए. न्यूज़ (INA NEWS) initiate news agency भारत में सबसे तेजी से बढ़ती हुई हिंदी समाचार एजेंसी है, 2017 से एक बड़ा सफर तय करके आज आप सभी के बीच एक पहचान बना सकी है| हमारा प्रयास यही है कि अपने पाठक तक सच और सही जानकारी पहुंचाएं जिसमें सही और समय का ख़ास महत्व है।