दिल्ली के विवेक विहार में एसी ब्लास्ट के बाद मौत का तांडव, आग की लपटों में झुलसकर 9 लोगों ने तोड़ा दम

बताया जा रहा है कि रविवार तड़के करीब 3:15 से 3:45 बजे के बीच जब लोग गहरी नींद में थे, तभी अचानक इमारत की दूसरी मंजिल पर लगे एक एसी में ब्लास्ट हुआ। धमाका इतना जबरदस्त था कि आसपास के घरों की खिड़कियां तक थर्रा

May 3, 2026 - 12:19
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दिल्ली के विवेक विहार में एसी ब्लास्ट के बाद मौत का तांडव, आग की लपटों में झुलसकर 9 लोगों ने तोड़ा दम
दिल्ली के विवेक विहार में एसी ब्लास्ट के बाद मौत का तांडव, आग की लपटों में झुलसकर 9 लोगों ने तोड़ा दम

  • शाहदरा के रिहायशी इलाके में तड़के सुबह मची चीख-पुकार, भीषण अग्निकांड में उजड़ गए दो हंसते-खेलते परिवार
  • चार मंजिला इमारत में एयर कंडीशनर फटने से भड़की आग, मासूम बच्चे सहित नौ जिंदगियां सो गईं मौत की नींद

देश की राजधानी दिल्ली के शाहदरा जिले के अंतर्गत आने वाले विवेक विहार इलाके में रविवार की तड़के सुबह एक ऐसा दर्दनाक हादसा हुआ, जिसने पूरे शहर को झकझोर कर रख दिया। एक चार मंजिला रिहायशी इमारत में लगे एयर कंडीशनर (एसी) में जोरदार धमाका होने के कारण भीषण आग लग गई, जिसने देखते ही देखते पूरी बिल्डिंग को अपनी चपेट में ले लिया। इस खौफनाक मंजर में अब तक नौ लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है, जिनमें एक मासूम बच्चा भी शामिल है। आग इतनी तेजी से फैली कि घर के अंदर सो रहे लोगों को बाहर निकलने तक का मौका नहीं मिला। घटना की जानकारी मिलते ही स्थानीय पुलिस और दमकल विभाग की टीमें मौके पर पहुंचीं, लेकिन तब तक आग विकराल रूप धारण कर चुकी थी। इस हादसे ने एक बार फिर गर्मी के मौसम में बिजली के उपकरणों के रखरखाव और सुरक्षा मानकों पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। यह हृदयविदारक घटना विवेक विहार फेज-1 स्थित एक चार मंजिला मकान की है। बताया जा रहा है कि रविवार तड़के करीब 3:15 से 3:45 बजे के बीच जब लोग गहरी नींद में थे, तभी अचानक इमारत की दूसरी मंजिल पर लगे एक एसी में ब्लास्ट हुआ। धमाका इतना जबरदस्त था कि आसपास के घरों की खिड़कियां तक थर्रा गईं। धमाके के तुरंत बाद आग की लपटें खिड़कियों से बाहर निकलने लगीं और काला धुआं पूरी बिल्डिंग की सीढ़ियों और कमरों में भर गया। स्थानीय निवासियों ने बताया कि आग ने इतनी तेजी से रफ्तार पकड़ी कि कुछ ही मिनटों में दूसरी मंजिल से शुरू हुई यह आग तीसरी और चौथी मंजिल तक पहुंच गई। घने धुएं के कारण लोग अंदर ही फंस गए और उन्हें सांस लेने में भारी कठिनाई होने लगी।

हादसे की गंभीरता को देखते हुए दमकल विभाग ने तुरंत कार्रवाई की और मौके पर 14 दमकल गाड़ियों को रवाना किया गया। दमकल कर्मियों ने कड़ी मशक्कत के बाद करीब पांच घंटे की लंबी कार्रवाई के बाद आग पर काबू पाया। संकरी गलियों और बिल्डिंग की बनावट के कारण बचाव अभियान में काफी बाधाएं आईं। दमकल कर्मियों ने सीढ़ियों और खिड़कियों के जरिए बिल्डिंग में प्रवेश किया और फंसे हुए लोगों को बाहर निकालने का काम शुरू किया। इस ऑपरेशन के दौरान लगभग 12 से 15 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला गया, लेकिन नौ बदनसीब लोग अपनी जान नहीं बचा सके। बरामद किए गए शवों की हालत इतनी खराब थी कि उन्हें पहचानना भी मुश्किल हो रहा था। पुलिस और प्रशासन की टीमें घटनास्थल पर मौजूद रहीं ताकि राहत कार्य में कोई कमी न रहे। मलबे से निकाले गए शवों में से अधिकांश दूसरी और तीसरी मंजिल से मिले हैं। मरने वालों में एक ही परिवार के कई सदस्य शामिल हैं। हादसे के बाद पूरे इलाके में मातम पसरा हुआ है और मृतकों के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। इस अग्निकांड में जान गंवाने वालों की पहचान जैन परिवारों के रूप में हुई है। दूसरी मंजिल पर रहने वाले एक ही परिवार के पांच सदस्यों की मौत हो गई, जिनमें 60 वर्षीय बुजुर्ग, उनकी पत्नी, बेटा, बहू और मात्र डेढ़ साल का पोता शामिल था। वहीं तीसरी मंजिल पर रहने वाले एक अन्य परिवार के तीन सदस्यों की भी इस आग में झुलसकर मौत हो गई। पहली मंजिल से भी एक महिला का शव बरामद किया गया है। कुछ घायल व्यक्तियों को तुरंत पास के गुरु तेग बहादुर (जीटीबी) अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनका इलाज चल रहा है। डॉक्टरों के अनुसार, कुछ लोगों की हालत अभी भी गंभीर बनी हुई है क्योंकि वे धुएं के कारण दम घुटने और बुरी तरह झुलसने की स्थिति में वहां लाए गए थे।

प्रारंभिक जांच और चश्मदीदों के बयानों के आधार पर आग लगने का मुख्य कारण एसी में हुआ विस्फोट ही माना जा रहा है। भीषण गर्मी के कारण एसी पर पड़ने वाला अतिरिक्त लोड और कंप्रेसर में खराबी अक्सर ऐसे धमाकों का कारण बनती है। इस इमारत में आग लगने के बाद बचाव का रास्ता भी बंद हो गया था क्योंकि सीढ़ियों के पास वाला हिस्सा पूरी तरह आग और धुएं की चपेट में था। कुछ लोग जान बचाने के लिए बालकनी की तरफ भागे, जहां से उन्हें दमकल कर्मियों ने क्रेन और सीढ़ियों की मदद से नीचे उतारा। बिल्डिंग के अंदर रखे घरेलू सामान और बिजली के तारों ने आग को और अधिक भड़काने का काम किया, जिससे नुकसान का दायरा बढ़ गया। घटनास्थल से सामने आई तस्वीरें रूह कपा देने वाली हैं। पूरी बिल्डिंग काली पड़ चुकी है और खिड़कियों के शीशे टूटकर जमीन पर बिखरे पड़े हैं। घर के अंदर का कीमती सामान, फर्नीचर और कपड़े सब कुछ जलकर राख हो चुके हैं। फॉरेंसिक टीम ने भी मौके पर पहुंचकर साक्ष्य जुटाए हैं ताकि धमाके के सही कारणों का पता लगाया जा सके। यह जांच की जा रही है कि क्या बिल्डिंग में सुरक्षा नियमों का पालन किया गया था या नहीं। प्रशासन ने मृतकों के परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की है और घायलों को हर संभव चिकित्सा सहायता प्रदान करने का भरोसा दिया है। इस हादसे ने पूरी दिल्ली में डर का माहौल पैदा कर दिया है, खासकर उन रिहायशी इलाकों में जहां पुरानी वायरिंग और एसी का अत्यधिक उपयोग होता है।

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