Lucknow: ग्रामीण महिलाओं का वित्तीय समावेशन महिला सशक्तिकरण एवं समावेशी विकास का आधार: मंत्री असीम अरुण
प्रदेश के समाज कल्याण राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) असीम अरुण ने कहा कि ग्रामीण महिलाओं का वित्तीय समावेशन
लखनऊ: प्रदेश के समाज कल्याण राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) असीम अरुण ने कहा कि ग्रामीण महिलाओं का वित्तीय समावेशन महात्मा गांधी के सपनों के अनुरूप महिला सशक्तिकरण और समावेशी विकास की मजबूत नींव है। उन्होंने कहा कि जब महिलाओं को आर्थिक रूप से सक्षम बनाया जाता है, तो समाज में सतत विकास और पर्यावरण संरक्षण दोनों को बल मिलता है।
उन्होंने यह विचार लखनऊ के गोमतीनगर स्थित होटल मरक्योर में लाल सखी फाउंडेशन द्वारा आयोजित ग्रामीण महिला उद्यमियों के सम्मान समारोह में व्यक्त किए। इस अवसर पर स्टॉकहोल्डिंग के एमडी एवं सीईओ अतुल सक्सेना की उपस्थिति में संस्था की “धृति शक्ति” इम्पैक्ट रिपोर्ट का विमोचन किया गया। रिपोर्ट में बताया गया कि किस प्रकार ग्रामीण महिलाओं को सशक्त बनाकर पर्यावरण संरक्षण तथा सतत एवं समावेशी विकास को सुनिश्चित किया जा सकता है।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मंत्री असीम अरुण ने कहा कि लाल सखी फाउंडेशन ने समुदाय को संगठित करने, वित्तीय साक्षरता बढ़ाने तथा क्षमता निर्माण के माध्यम से महिलाओं को आजीविका से जोड़ने में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। संस्था द्वारा ग्रामीण महिलाओं को विभिन्न सरकारी योजनाओं की जानकारी देकर उन्हें आत्मनिर्भर बनाने का सराहनीय प्रयास किया जा रहा है, जिससे उत्तर प्रदेश के कमजोर वर्गों की महिलाओं का सामाजिक एवं आर्थिक सशक्तिकरण सुनिश्चित हो रहा है।
लाल सखी फाउंडेशन की संस्थापक एवं निदेशक प्रीति जांगड़ ने सभी अतिथियों एवं प्रतिभागियों का आभार व्यक्त किया तथा कार्यक्रम के सफल आयोजन में सहयोग देने वाले सभी भागीदारों को धन्यवाद ज्ञापित किया।
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