भारतीय पूर्व कप्तान महेंद्र सिंह धोनी को झारखंड हाउसिंग बोर्ड से मिला नोटिस।

झारखंड राज्य आवास बोर्ड ने भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान और विश्व कप विजेता महेंद्र सिंह धोनी को एक महत्वपूर्ण नोटिस जारी

Feb 28, 2026 - 13:55
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भारतीय पूर्व कप्तान महेंद्र सिंह धोनी को झारखंड हाउसिंग बोर्ड से मिला नोटिस।
भारतीय पूर्व कप्तान महेंद्र सिंह धोनी को झारखंड हाउसिंग बोर्ड से मिला नोटिस।
  • रांची के हरमू इलाके में आवासीय प्लॉट पर कथित व्यावसायिक गतिविधियों का आरोप
  • 15 दिनों में जवाब मांगते हुए नियम उल्लंघन की जांच शुरू

झारखंड राज्य आवास बोर्ड ने भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान और विश्व कप विजेता महेंद्र सिंह धोनी को एक महत्वपूर्ण नोटिस जारी किया है। यह नोटिस रांची शहर के हरमू क्षेत्र में स्थित उनके आवासीय प्लॉट के कथित दुरुपयोग से जुड़ा हुआ है। बोर्ड के अनुसार, यह प्लॉट विशेष रूप से आवासीय उपयोग के लिए आवंटित किया गया था, लेकिन जांच में पाया गया कि यहां व्यावसायिक गतिविधियां चल रही हैं। बोर्ड के अध्यक्ष संजय लाल पासवान ने इसकी पुष्टि की है कि नियमों के उल्लंघन की शिकायतों के आधार पर जांच की गई और इसके बाद अंतिम नोटिस जारी किया गया है। इस प्लॉट को धोनी के नाम पर आवंटित किया गया था और यह सरकारी नियमों के तहत केवल रहने के उद्देश्य से दिया गया था।

नोटिस में स्पष्ट रूप से उल्लेख किया गया है कि प्लॉट पर एक पैथोलॉजी लैब संचालित की जा रही है, जो आवासीय भूमि के उपयोग के नियमों का स्पष्ट उल्लंघन है। झारखंड राज्य आवास बोर्ड के नियमों के मुताबिक, आवंटित आवासीय भूखंडों पर किसी भी प्रकार की व्यावसायिक या गैर-आवासीय गतिविधि की अनुमति नहीं है। यदि ऐसा किया जाता है तो यह allotment के शर्तों का उल्लंघन माना जाता है। जांच के दौरान अधिकारियों ने पाया कि प्लॉट संख्या H-10A पर यह लैब चल रही है, जो आसपास के निवासियों की शिकायतों के बाद ध्यान में आई। बोर्ड ने इस मामले को गंभीरता से लिया और धोनी को कारण बताओ नोटिस भेजा है ताकि वे अपनी स्थिति स्पष्ट कर सकें।

यह प्लॉट रांची के हरमू हाउसिंग कॉलोनी में स्थित है, जो एक उच्च श्रेणी का आवासीय क्षेत्र माना जाता है। झारखंड सरकार द्वारा धोनी को यह भूमि एक उपहार के रूप में दी गई थी, जिसमें लगभग पांच कट्ठा क्षेत्र शामिल है। आवंटन के समय स्पष्ट शर्तें रखी गई थीं कि भूमि केवल आवासीय प्रयोजनों के लिए इस्तेमाल की जाएगी। बोर्ड के नियमों में यह प्रावधान है कि यदि कोई आवंटी नियमों का पालन नहीं करता तो allotment रद्द किया जा सकता है या अन्य कानूनी कार्रवाई की जा सकती है। इस नोटिस के बाद मामला कानूनी प्रक्रिया में प्रवेश कर गया है और बोर्ड ने धोनी को 15 दिनों के भीतर लिखित जवाब देने का निर्देश दिया है।

बोर्ड के अधिकारियों ने बताया कि जांच पूरी तरह से तथ्यों पर आधारित है और शिकायतों के बाद ही कार्रवाई शुरू की गई। पैथोलॉजी लैब के संचालन से संबंधित सबूत इकट्ठा किए गए हैं, जिसमें स्थानीय स्तर पर गतिविधियों का अवलोकन शामिल है। यदि धोनी जवाब में संतोषजनक स्पष्टीकरण नहीं दे पाते या उल्लंघन सिद्ध होता है तो बोर्ड आगे की कार्रवाई कर सकता है, जिसमें प्लॉट की वापसी या जुर्माना शामिल हो सकता है। यह मामला धोनी के व्यक्तिगत जीवन से जुड़ा होने के साथ-साथ झारखंड में भूमि आवंटन नियमों की सख्ती को भी दर्शाता है। बोर्ड ने ऐसे मामलों में कोई भेदभाव नहीं करने की बात कही है।

यह पहली बार नहीं है जब धोनी की रांची संपत्ति पर सवाल उठे हैं। पहले भी कुछ वर्षों पहले इसी तरह की जांच हुई थी, लेकिन उस समय मामला आगे नहीं बढ़ा। वर्तमान नोटिस को अंतिम अवसर के रूप में वर्णित किया गया है, जिसमें धोनी को अपनी स्थिति स्पष्ट करने का मौका दिया गया है। बोर्ड के अनुसार, नियम सभी के लिए समान हैं और कोई भी व्यक्ति चाहे वह कितना भी प्रसिद्ध क्यों न हो, नियमों का पालन करना आवश्यक है। इस घटना ने स्थानीय स्तर पर चर्चा शुरू कर दी है, क्योंकि धोनी झारखंड के लिए गौरव का प्रतीक हैं और उनकी संपत्ति पर यह विवाद अप्रत्याशित है।

धोनी की ओर से अभी तक इस नोटिस पर कोई सार्वजनिक प्रतिक्रिया नहीं आई है। वे वर्तमान में आईपीएल 2026 की तैयारी में व्यस्त हैं और इस मामले पर चुप्पी साधे हुए हैं। यदि वे जवाब देते हैं तो बोर्ड उसकी समीक्षा करेगा और आवश्यक निर्णय लेगा। यदि उल्लंघन साबित होता है तो प्लॉट allotment रद्द करने की प्रक्रिया शुरू हो सकती है। बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि जांच निष्पक्ष है और सभी पक्षों को सुनने के बाद फैसला होगा। यह मामला भूमि उपयोग नियमों के पालन की महत्वपूर्णता को रेखांकित करता है। झारखंड राज्य आवास बोर्ड नियमित रूप से आवासीय प्लॉटों की निगरानी करता है ताकि कोई दुरुपयोग न हो। इस मामले में भी शिकायत मिलने पर तुरंत जांच शुरू की गई और नोटिस जारी किया गया। बोर्ड के अनुसार, ऐसे उल्लंघनों पर सख्त कार्रवाई आवश्यक है ताकि अन्य आवंटियों को भी संदेश जाए। धोनी के मामले में आगे क्या होता है, यह उनके जवाब पर निर्भर करेगा। फिलहाल, जांच जारी है और स्थिति स्पष्ट होने में समय लग सकता है।

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