Pilibhit News: गंगोत्री, यमुनोत्री की तरह विकसित होगा गोमती उद्गम स्थल - जिलाधिकारी ज्ञानेंद्र  सिंह

आर्ट गैलरी, जैव विविधता केंद्र, गोमती रिवरफ्रंट, म्यूजिक वॉटर फाउंटेन, नेचर पार्क, नौका विहार, माया ट्रेन स्टेशन का भी होगा निर्माण...

May 31, 2025 - 17:28
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Pilibhit News: गंगोत्री, यमुनोत्री की तरह विकसित होगा गोमती उद्गम स्थल - जिलाधिकारी ज्ञानेंद्र  सिंह

रिपोर्ट- कुँवर निर्भय सिंह , आईएनए पीलीभीत 
 उत्तर प्रदेश

पीलीभीत। गोमती नदी के उद्गम स्थल माधोटांडा से अब जल्द ही नदी को अविरल धारा मिलेगी जिससे जनपद में कल कल करती हुई नदी जनपद में बहती हुई पड़ोसी जनपद में प्रवेश करेगी इसके लिए भारत सरकार के जल शक्ति मंत्रालय एवं उत्तर प्रदेश सरकार के जल शक्ति मंत्रालय व जिला प्रशासन ने  मंथन करना शुरू कर दिया इसी  क्रम  में शुक्रवार को  पीलीभीत के जिलाधिकारी ज्ञानेंद्र सिंह ने गोमती उद्गम तीर्थ स्थल माधोटांडा पहुंच कर नवनिर्मित मल्टीपरपज हॉल में भारत सरकार के जल शक्ति मंत्रालय  नेशनल मिशन क्लीन फर गंगा,वैपकोश टीम, सिंचाई विभाग, जल जीवन मिशन विभाग, ग्राम विकास विभाग, पंचायत राज विभाग, उद्यान विभाग, समाज कल्याण विभाग, सहित कई विभागों के अधिकारियों के साथ चर्चा की इसके बाद गोमती परिसर का स्थलीय निरीक्षण किया एवं  क्रिटिकल गैप से विकास कार्य कराए जाने की भी बात कही।

ज्ञात हो लखनऊ की लाइफ लाइन अवध की शान आदि गंगा माँ गोमती नदी का उद्गम तीर्थ स्थल जनपद पीलीभीत के माधोटांडा गांव के गाटा संख्या 980 गोमत सरोवर जिसे फुल्हर झील भी कहा जाता है से हुआ है। गोमती नदी गंगा की एक प्रमुख सहायक नदी है और प्रदेश के लाखों लोगों की जीवन रेखा है गोमती नदी के पुनरुद्धार के लिए गोमती भक्त योगेश्वर सिंह, निर्भय सिंह आदि कई वर्षों से प्रयास कर रहे हैं उद्गम तीर्थ स्थल को विकसित कराने के लिए इसके लिए शासन प्रशासन एवं जनप्रतिनिधियों से गुहार लगा चुके हैं इसी क्रम में गोमती  भक्तों ने जब सांसद एवं केन्द्रीय राज्यमंत्री जितिन प्रसाद से गोमती नदी एवं उद्गम तीर्थ स्थल का दुखड़ा सुनाया।

तो उन्होंने इसे गंभीरता से लेते हुए  भारत सरकार के जल शक्ति मंत्री सी आर पाटिल को गोमती उद्गम तीर्थ स्थल माधोटांडा को विकसित कराने के लिए पत्र लिखा जिसमें उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश के पीलीभीत जिले के माधोटांडा गांव में गोमती उद्गम स्थल है जहां से गोमती उद्गमित होती है गोमती गंगा की एक प्रमुख सहायक नदी है और प्रदेश के लाखों लोगों की जीवन रेखा है ।यह स्थल केवल धार्मिक और एतिहासिक से ही महत्वपूर्ण नहीं बल्कि पर्यावरणीय दृष्टि से इसका महत्व है। वर्तमान में यहां स्वच्छता हरियाली,जल संरक्षण उपायों और पर्यटन सुविधाओं का अभाव है यदि इस स्थल का समुचित सौन्दर्यीकरण, पुनरुद्धार एवं संरक्षण किया जाये तो पर्यटक और श्रद्धालुओं के लिए एक आकर्षण केन्द्र बन सकता है जिससे स्थानीय अर्थव्यवस्था को गति मिलेगी।  गोमती उद्गम स्थल के सौंदर्य करण, पुनरुद्धार जल संरक्षण और पर्यटन विकास के लिए आवश्यक कदम उठाने की कृपा करें जिससे यह स्थल प्रदेश और जिले को सांस्कृतिक धरोहर के रूप में उभर सकें।

भारत सरकार के जल शक्ति मंत्रालय की नेशनल मिशन क्लीन फार गंगा की तीन सदस्यीय टीम जिसमें प्रोजेक्ट ऑफिसर कीर्ति वर्मा, ग्राउंड अंडरवाटर एक्सपर्ट आलोक श्रीवास्तव, एसटीपी एक्सपर्ट मुर्शीद अली शेर एवं जल शक्ति मंत्रालय के उपक्रम वाटर एंड पावर कंसलटेंसी सर्विसेज की दो सदस्यीय टीम के दीपेंद्र लांबा एवं अमित शर्मा ने गोमती उद्गम स्थल माधोटांडा पहुंच कर स्थल का भौगोलिक निरीक्षण कर अपनी रिपोर्ट बनाई।

शुक्रवार को गोमती उद्गम स्थल माधोटांडा पहुंच कर जिलाधिकारी ज्ञानेंद्र सिंह ने नवनिर्मित मल्टीपरपज हाल में जल शक्ति मंत्रालय की टीम, ट्रस्ट के पदाधिकारी आदि के साथ मीटिंग की जिसमें  उन्होंने गोमती उद्गम स्थल के बारे में विस्तार से जाना  जिस पर  गोमती ट्रस्ट के अध्यक्ष महिपाल सिंह,  ट्रस्टी योगेश्वर सिंह और निर्भय सिंह ने  नदी के उद्गम एवं  उद्गम स्थल के पौराणिक महत्व को बताया, जल शक्ति मंत्रालय टीम के आलोक श्रीवास्तव ने  परियोजनाओं के बारे में विस्तार से बताया, वैप कोश के दीपेंद्र लांबा ने जिलाधिकारी को बताया कि यहां पर जैव विविधता केंद्र, गोमती रिवर फ्रंट, म्यूजिक फाउंटेन, नेचर पार्क, ढाई किलोमीटर लंबा आस्था पथ  आदि की अपार संभावनाएं हैं।

जिनके प्रोजेक्ट तैयार किये जा रहे हैं।  जिलाधिकारी ज्ञानेंद्र सिंह ने मीटिंग में बताया की गोमती नदी की अविरल धारा को बहने का हर संभव प्रयास किया जाएगा क्योंकि जल शक्ति मंत्रालय भारत सरकार एवं उत्तर प्रदेश सरकार के जल शक्ति मंत्रालय इसको लेकर सजग है तो   वहीं जिला प्रशासन भी इसके लिए पूरी तरह से तैयार है नदी की धारा अविरल और कलकल करके  बहेगी एवं उद्गम तीर्थ स्थल का पर्यटन के रूप में विकास होगा आज गंगोत्री यमुनोत्री आदि पर लाखों श्रद्धालु पहुंच रहे हैं ऐसे ही जब गोमती उद्गम स्थल का विकसित होगा तो यहां भी गंगोत्री और यमुनोत्री की तरह श्रद्धालु आएंगे।  

उन्होंने कहा गोमती उद्गम तीर्थ स्थल  को  सोलर सिस्टम से जगमग किया  जाएगा इसके लिए सोलर सिस्टम लगवाया जायेगा। जिलाधिकारी ने गोमती नदी में गांव का गंदा पानी ना आए इसके लिए सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट तत्काल लगाने के निर्देश दिए। गोमती की शोभा बढ़ाने वाले गोमती झरना दुरुस्त करने एवं एक और शौचालय की निर्माण कराने को अधीनस्थ अधिकारियों को निर्देशित किया।

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आयोजित कार्यक्रम में गोमती ट्रस्ट के उप जिलाधिकारी कलीनगर महिपाल सिंह, तहसीलदार वीरेंद्र कुमार, नायब तहसीलदार अक्षय कुमार यादव, शारदा सागर के अधिशासी अभियंता बृजेश पोरवाल, एसडीओ मुकेश चंद्रा, जल जीवन मिशन अधिशासी अभियंता मनीष कुमार, पूरनपुर खंड विकास अधिकारी लक्ष्मण प्रसाद, सचिव रामकिशोर रामौतार सिंह, रमेश गिरी, महिपाल सिंह, अमरनाथ गिरी, शक्ति सहित बड़ी संख्या के लोग मौजूद रहे

  • धूमधाम से मनाया जाएगा मां गोमती महोत्सव

गोमती उद्गम स्थल पर जिला अधिकारी से आयोजित कार्यक्रम में लोगों ने विगत वर्षों की भांति  ज्येष्ठ गंगा दशहरा के अवसर पर ट्रस्ट के द्वारा आयोजित होने वाले ग्रीष्मकालीन मां गोमती महोत्सव के बारे में भी बतलाया जिस पर जिलाधिकारी महोदय ने ट्रस्ट के अध्यक्ष एसडीएम कलीनगर को मां गोमती महोत्सव आयोजित करवाने का निर्देश दिया। और उन्होंने मौजूद लोगों से महोत्सव को अच्छा  आयोजित करवाने की बात कही।

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