Sambhal: सम्भल में शफ़ी वारसी के काव्य-संग्रह 'सब्ज़ उजाले' का भव्य विमोचन, अमेरिका से आईं जेबा वारसी बनीं कार्यक्रम का केंद्र।

अंजुमन बाग़-ए-अदब सराय तरीन के तत्वावधान में गुलशन-ए-मक़बूल बारादरी, सराय तरीन में मशहूर शायर शफ़ी वारसी के नए काव्य-संग्रह

By INA News Desk
Nov 19, 2025 - 19:24
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Sambhal: सम्भल में शफ़ी वारसी के काव्य-संग्रह 'सब्ज़ उजाले' का भव्य विमोचन, अमेरिका से आईं जेबा वारसी बनीं कार्यक्रम का केंद्र।
सम्भल में शफ़ी वारसी के काव्य-संग्रह 'सब्ज़ उजाले' का भव्य विमोचन, अमेरिका से आईं जेबा वारसी बनीं कार्यक्रम का केंद्र।

उवैस दानिश, सम्भल 

सम्भल: अंजुमन बाग़-ए-अदब सराय तरीन के तत्वावधान में गुलशन-ए-मक़बूल बारादरी, सराय तरीन में मशहूर शायर शफ़ी वारसी के नए काव्य-संग्रह “सब्ज़ उजाले” का भव्य विमोचन हुआ। इस बार समारोह का सबसे बड़ा आकर्षण रहीं अमेरिका से विशेष रूप से पहुँचीं साहित्यप्रेमी और शोधकर्ता जेबा वारसी, जिनकी अंतरराष्ट्रीय उपस्थिति ने पूरे कार्यक्रम को अलग ही ऊँचाई दे दी।

विशिष्ट अतिथि जेबा वारसी ने अपने संबोधन में कहा कि भारत की धरती से उठने वाली उर्दू की खूशबू अब दुनिया भर में फैल रही है। उन्होंने “सब्ज़ उजाले” को सिर्फ़ कविताओं का संग्रह नहीं, बल्कि मानवीय रिश्तों, सामाजिक सरोकारों और समकालीन हालात का जीवंत आईना बताया। जेबा ने अमेरिका में उर्दू साहित्य के बढ़ते प्रभाव का उल्लेख करते हुए कहा कि ऐसे संग्रह वैश्विक मंच पर उर्दू की पहचान को और मजबूत कर रहे हैं। मुख्य अतिथि प्रोफेसर आबिद हुसैन हैदरी ने अपने संबोधन में कहा कि जेबा वारसी का सम्भल आना इस बात का संकेत है कि शफ़ी वारसी की कविताएँ अब सरहदों से परे भी पाठकों से संवाद कर रही हैं। उन्होंने इसे “ग्लोबल उर्दू आइडेंटिटी” की दिशा में अहम कदम बताया। इसके बाद डॉ. इक़बाल क़ासिम कैफ़ी, नूर आलम नूर (दिल्ली), निदा वारसी (मुंबई) सहित कई प्रतिष्ठित साहित्यकारों ने संयुक्त रूप से पुस्तक का विमोचन किया।

जिया उर रहमान बरकाती ने शफ़ी वारसी की ग़ज़लों और नज़्मों का खूबसूरत पाठ किया, जिसे श्रोताओं ने लंबे समय तक तालियों से सराहा। कार्यक्रम की अध्यक्षता सुल्तान मुहम्मद ख़ान कलीम ने की, जबकि संचालन शफ़ीक़ बरकाती और हकीम बुरहान संभली ने सँभाला। स्वागत वक्तव्य में शकील वारसी ने कहा कि “सब्ज़ उजाले” शफ़ी वारसी की साहित्यिक यात्रा का महत्वपूर्ण मुकाम है, जिसे जेबा वारसी जैसी वैश्विक प्रतिनिधि की उपस्थिति ने और प्रतिष्ठित बना दिया है। समारोह में शहर और बाहर से बड़ी संख्या में साहित्य-प्रेमी शामिल हुए। अमेरिका से आई अतिथि की उपस्थिति के चलते “सब्ज़ उजाले” का यह विमोचन न केवल सम्भल में, बल्कि अंतरराष्ट्रीय उर्दू जगत में भी चर्चा का विषय बन गया।

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