हरदोई: 2000 रु. रिश्वत न देने पर जिंदा व्यक्ति का ही डेथ सर्टिफिकेट बनाया, डीएम ने सचिव को सस्पेंड किया

मामले पर डीएम ने सख्त रुख दिखाया। रात के आठ बजते-बजते कोथावां के खंड विकास अधिकारी महेश चंद्र अटवा पहुंचे और विश्वनाथ को उसकी पत्नी शांती देवी का मृत्यु प्रमाण पत्र सौंपा। डीएम के आदेश पर ग्राम सचिव सरिता देवी को निलंबित कर दिया गया है। ग्राम सचिव के खिलाफ एफआईआर...

Jan 8, 2025 - 21:30
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हरदोई: 2000 रु. रिश्वत न देने पर जिंदा व्यक्ति का ही डेथ सर्टिफिकेट बनाया, डीएम ने सचिव को सस्पेंड किया
जिलाधिकारी मंगला प्रसाद सिंह

By INA News Hardoi.

जिले में हीलाहवाली कर अलग-अलग सर्टिफिकेट बनाने के एवज में रिश्वत लेने के मामले सामने आते रहते हैं। इसी बीच ऐसा ही मामला हरदोई जिले से सामने आया है, जिसमें अपनी मृत पत्नी का डेथ सर्टिफिकेट(Death Certificate) बनवाने के लिए 2000 रू. की रिश्वत न देने पर जिम्मेदारों ने जीवित पति का ही डेथ सर्टिफिकेट(Death Certificate) बना डाला।

मामले की भनक जब जिलाधीश मंगला प्रसाद सिंह को हुई तो उन्होंने तत्काल कार्रवाई कर सचिव को सस्पेंड कर दिया और FIR के निर्देश दे दिए। बता दें कि अभी कुछ दिन पहले ही एक जीवित बुजुर्ग को सरकारी दस्तावेजों में मृत घोषित कर देने का मामला सामने आया था। जिसके बाद सभी को हैरान कर देने वाली अब यह कारस्तानी सामने आई है। आरोप है कि सचिव को दो हजार रुपये नहीं दिए गए। इस वजह से सचिव ने ऐसा किया। अब जिंदा युवक अपनी मौत का प्रमाण पत्र लेकर मंगलवार को जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचा। डीएम ने कड़ा रुख अपनाया और बीडीओ को फटकार लगाई। साथ ही शाम तक प्रमाण पत्र जारी करने के साथ ही डीपीआरओ को पंचायत सचिव को निलंबित कर एफआइआर दर्ज कराने का आदेश दिया।

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मामले पर डीएम ने सख्त रुख दिखाया। रात के आठ बजते-बजते कोथावां के खंड विकास अधिकारी महेश चंद्र अटवा पहुंचे और विश्वनाथ को उसकी पत्नी शांती देवी का मृत्यु प्रमाण पत्र सौंपा। डीएम के आदेश पर ग्राम सचिव सरिता देवी को निलंबित कर दिया गया है। ग्राम सचिव के खिलाफ FIR भी दर्ज कराई है। बता दें कि कोथावां विकासखंड के अटवा निवासी विश्वनाथ ने बताया कि उसकी पत्नी शांति का 19 दिसंबर 2024 को निधन हो गया था। मृत्यु प्रमाण पत्र के लिए उसने आवेदन किया। आरोप है कि पंचायत सचिव सरिता देवी ने उससे दो हजार रुपये मांगे। रुपये न देने पर वह उसे टरकातीं रहीं। ज्यादा दौड़भाग करने पर पंचायत सचिव ने नाराज होकर तीन जनवरी को पत्नी के स्थान पर उसका ही (विश्वनाथ) मृत्यु प्रमाण पत्र जारी कर दिया। रिश्वत के 2000 रूपये देने से मना करने पर रुपये देने से मना कर दिया तो पत्नी की जगह युवक का ही मृत्यु प्रमाण पत्र बना दिया।

मामला डीएम तक पहुंचा तो महिला ग्राम सचिव को निलंबित कर दिया गया और उसके खिलाफ रिपोर्ट भी दर्ज की गई है। युवक को पत्नी का मृत्यु प्रमाण पत्र सौंपा गया है। खास बात यह कि सरिता ने मृत्यु प्रमाण पत्र पर खुद के हस्ताक्षर नहीं किए, बल्कि डेढ़ माह पहले स्थानांतरित हो चुके ग्राम सचिव धर्मवीर गौतम के हस्ताक्षर कर दिए। पूरे मामले पर डीएम ने सख्त रुख दिखाया। रात के आठ बजते-बजते कोथावां के खंड विकास अधिकारी महेश चंद्र अटवा पहुंचे और विश्वनाथ को उसकी पत्नी शांती देवी का मृत्यु प्रमाण पत्र सौंपा।

डीएम के आदेश पर जिला पंचायत राज अधिकारी विनय कुमार सिंह ने ग्राम सचिव सरिता देवी को निलंबित कर दिया है। ग्राम सचिव के खिलाफ FIR भी दर्ज कराई है। बहरहाल, पति की शिकायत पर ऐक्शन लेते हुए DM ने ग्राम पंचायत अधिकारी के खिलाफ जांच बैठा दी है। इसके साथ ही ADO पंचायत से मामले रिपोर्ट मांगी गयी है।

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