Hardoi : पकरी गांव में प्राइमरी स्कूल की राह को गंदे पानी ने डुबोया, बच्चे बोले- हमें भी पढ़ना है लेकिन स्कूल तक आखिर कैसे पहुंचे

पकरी गांव के प्राइमरी स्कूल तक पहुंचने वाला लगभग 50 मीटर का रास्ता जलभराव और कीचड़ से ग्रस्त है। स्कूल के सीनियर अध्यापक ने कई बार ग्राम सभा के प्रधान

Jul 17, 2025 - 00:14
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Hardoi : पकरी गांव में प्राइमरी स्कूल की राह को गंदे पानी ने डुबोया, बच्चे बोले- हमें भी पढ़ना है लेकिन स्कूल तक आखिर कैसे पहुंचे
गंदे पानी से होकर स्कूल जाते बच्चे

  • हरदोई के पकरी गांव में प्राइमरी स्कूल तक पहुंचने का रास्ता जलमग्न, बच्चों की शिक्षा पर संकट

Hardoi : जिले के बावन विकास खंड के पकरी गांव में प्राइमरी स्कूल तक पहुंचने वाला रास्ता गंदे पानी और कीचड़ से भरा हुआ है, जिसके कारण बच्चे और शिक्षक रोजाना मुश्किलों का सामना कर रहे हैं। यह समस्या लंबे समय से बनी हुई है, और ग्राम सभा के प्रधान द्वारा बार-बार शिकायत के बावजूद कोई समाधान नहीं किया गया। गंदे पानी में कीड़े-मकोड़े होने के कारण बच्चों को स्कूल जाने में जोखिम उठाना पड़ता है, और कई बच्चे इस रास्ते पर गिरकर चोटिल भी हो जाते हैं। यह स्थिति बच्चों की शिक्षा और सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा बन रही है।पकरी गांव के प्राइमरी स्कूल तक पहुंचने वाला लगभग 50 मीटर का रास्ता जलभराव और कीचड़ से ग्रस्त है। स्कूल के सीनियर अध्यापक ने कई बार ग्राम सभा के प्रधान से इस समस्या के समाधान के लिए अनुरोध किया, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। बारिश के मौसम में स्थिति और खराब हो जाती है, क्योंकि रास्ते में गंदा पानी जमा हो जाता है, जिसमें कीड़े-मकोड़े और गंदगी होती है। बच्चे, शिक्षक, और शिक्षामित्र पैदल या साइकिल/मोटरसाइकिल से इस रास्ते से गुजरने को मजबूर हैं। रोजाना 3-4 बच्चे इस गंदे पानी में गिर जाते हैं, जिससे उनकी सुरक्षा और स्वास्थ्य पर खतरा मंडराता है। साइकिल या मोटरसाइकिल से आने वाले शिक्षामित्रों के लिए यह रास्ता और भी मुश्किल है, क्योंकि कीचड़ और पानी के कारण वाहन फिसलने का डर रहता है। बच्चों के स्कूल तक की राह को गंदे पानी ने धुंधला कर रखा है। आखिर बच्चे स्कूल तक कैसे पहुंचे। घर से निकलने के बाद कीड़े मकोड़े वाले इस गंदे पानी के भीतर से स्वयं को सुरक्षित कर आखिर बच्चे शिक्षा गृह तक कैसे जाएं।यह समस्या बच्चों की शिक्षा पर भी गंभीर असर डाल रही है। गंदे पानी और असुरक्षित रास्ते के कारण कई बच्चे स्कूल आने से कतराने लगे हैं, जिससे उनकी पढ़ाई प्रभावित हो रही है। यह स्थिति शिक्षा के प्रति उत्साह रखने वाले बच्चों के भविष्य पर एक बड़ा खतरा बन रही है।

स्कूल के सीनियर अध्यापक और स्थानीय लोगों ने इस समस्या को कई बार ग्राम सभा और स्थानीय प्रशासन के सामने उठाया है। ग्रामीणों का कहना है कि मात्र 50 मीटर के रास्ते पर खड़ंजा और नाली बनाकर इस समस्या का समाधान किया जा सकता है, लेकिन ग्राम प्रधान और प्रशासन की उदासीनता के कारण कोई कदम नहीं उठाया गया। यह समस्या न केवल पकरी गांव में, बल्कि जिले के अन्य ग्रामीण क्षेत्रों में भी देखी जा रही है, जहां जलभराव और खराब सड़कों के कारण बच्चों को स्कूल पहुंचने में दिक्कत होती है।हरदोई जिले के अन्य हिस्सों में भी जलभराव और खराब सड़कों की समस्या आम है। उदाहरण के लिए, टड़ियावां विकास खंड के अलीनगर ग्राम पंचायत के सरंगापुर गांव में भी 20 साल से अधिक समय से सड़क और नाली निर्माण का कार्य नहीं हुआ है। ग्रामीणों ने इसकी शिकायत मुख्यमंत्री पोर्टल पर दर्ज की, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। इसी तरह, पकरी गांव में भी ग्रामीणों ने प्रशासन से बार-बार गुहार लगाई, लेकिन केवल आश्वासन ही मिले।गंदे पानी में कीड़े-मकोड़े और गंदगी होने के कारण बच्चों और शिक्षकों को त्वचा रोग, मच्छर जनित बीमारियां, और अन्य स्वास्थ्य समस्याओं का खतरा है। बारिश के मौसम में जलभराव बढ़ने से स्थिति और गंभीर हो जाती है। बच्चे गंदे पानी में गिरने से चोटिल हो रहे हैं, और साइकिल या मोटरसाइकिल से आने वाले शिक्षामित्रों को भी दुर्घटना का डर बना रहता है। यह स्थिति बच्चों की शिक्षा के साथ-साथ उनकी शारीरिक और मानसिक सेहत पर भी बुरा असर डाल रही है।

हरदोई जिले में ग्रामीण विकास के लिए कई योजनाएं चल रही हैं, जैसे प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (पीएमजीएसवाई) और स्वर्ण जयंती ग्राम स्वरोजगार योजना (एसजीएसवाई), जो ग्रामीण क्षेत्रों में सड़क, नाली, और अन्य बुनियादी सुविधाओं के विकास के लिए हैं। इसके बावजूद, पकरी गांव जैसे क्षेत्रों में इन योजनाओं का लाभ नहीं पहुंच पा रहा है। जिला प्रशासन और ग्राम पंचायत की जिम्मेदारी है कि स्कूल तक पहुंचने वाले रास्ते को ठीक किया जाए, ताकि बच्चों की शिक्षा और सुरक्षा सुनिश्चित हो।

पकरी गांव में प्राइमरी स्कूल तक पहुंचने वाला रास्ता अभी भी जलमग्न और कीचड़ से भरा हुआ है। ग्रामीणों और शिक्षकों की शिकायतों के बावजूद ग्राम सभा या स्थानीय प्रशासन ने कोई ठोस कदम नहीं उठाया। बच्चों को रोजाना गंदे पानी से होकर स्कूल जाना पड़ रहा है, जिससे उनकी शिक्षा और स्वास्थ्य पर बुरा असर पड़ रहा है। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही इस समस्या का समाधान नहीं किया गया, तो वे बड़े स्तर पर प्रदर्शन कर सकते हैं। पकरी गांव के बच्चों का भविष्य शिक्षा पर निर्भर है, और इस समस्या का तुरंत समाधान करना जिला प्रशासन और ग्राम पंचायत की नैतिक जिम्मेदारी है।

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