हरदोई: विश्व ध्यान दिवस पर कायाकल्पकेन्द्रम् में प्रारम्भ हुआ एकादश दिवसीय ध्यान शिविर
उन्होंने कहा कि ध्यान से पहले व्यायाम तथा प्राणायाम कर लेने से ध्यान में मन लगता है। कहा कि हर देश में ध्यान की विभिन्न पद्धतियां हैं लेकिन भारत में आदि काल से ही ऋषि-मुनि ध्यान करते आ रहे हैं। उन्होंने बताया कि अहिंसा, सत्य, अस्तेय आदि का व्रत लेकर ध्यान की...
By INA News Hardoi.
रिपोर्ट: अम्बरीष कुमार सक्सेना
विश्व में पहली बार इक्कीस दिसम्बर को विश्व ध्यान दिवस मनाया गया। शहीद उद्यान स्थित कायाकल्पकेन्द्रम् में 'विश्व ध्यान दिवस' पर आयोजित एकादश दिवसीय ध्यान शिविर में साधकों ने ध्यान का अभ्यास किया। सीनियर नेचरोपैथ डॉ० राजेश मिश्र ने कहा कि ध्यान के लिए सुखासन में बैठकर सांसों पर मन को लगाया जाता है।
उन्होंने कहा कि ध्यान से पहले व्यायाम तथा प्राणायाम कर लेने से ध्यान में मन लगता है। कहा कि हर देश में ध्यान की विभिन्न पद्धतियां हैं लेकिन भारत में आदि काल से ही ऋषि-मुनि ध्यान करते आ रहे हैं। उन्होंने बताया कि अहिंसा, सत्य, अस्तेय आदि का व्रत लेकर ध्यान की गहराई तक पहुंच सकते हैं।
कहा कि झूठ और ध्यान साथ नहीं चल सकते। गलत काम करने वाला जब ध्यान के लिए बैठेगा तो सारी गलतियां उसके सामने उपस्थित हो जाएंगी। कहा ध्यान के साथ-साथ यम-नियम का पालन करना आवश्यक है।
उन्होंने बताया कि साधक, ध्यान शिविर में इकतीस दिसम्बर तक नित्य प्रातः दो बार 5:30 बजे और हवनोपरान्त 7 बजे ध्यान कर सकेंगे। ध्यान शिविर के प्रथम दिन डॉक्टर मिश्र के साथ डॉ सरल कुमार, डॉ अभिषेक पाण्डेय, शिवकुमार और अनामिका आदि सहित अनेक अभ्यासियों ने ध्यान किया।
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