Hardoi : शाहाबाद हरदोई में शारदीय नवरात्र समापन पर मां दुर्गा का भव्य विसर्जन

नवरात्रि के अंतिम दिन महानवमी पर दुर्गा पूजा पंडाल में हवन और आरती का आयोजन हुआ। वैदिक मंत्रों के साथ किया गया हवन पूजन इतना प्रभावशाली था कि पूरा कस्बा भक्ति

Oct 2, 2025 - 22:44
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Hardoi : शाहाबाद हरदोई में शारदीय नवरात्र समापन पर मां दुर्गा का भव्य विसर्जन
Hardoi : शाहाबाद हरदोई में शारदीय नवरात्र समापन पर मां दुर्गा का भव्य विसर्जन

हरदोई जिले के शाहाबाद कस्बे में शारदीय नवरात्रि के समापन पर विजयादशमी के दिन मां दुर्गा की प्रतिमा का विसर्जन धूमधाम से किया गया। श्री नव दुर्गा पूजन महोत्सव समिति ने नौ दिनों तक चली पूजा-अर्चना के बाद मां की विदाई का आयोजन किया। भक्तों ने मां से प्रार्थना की कि वे अगले वर्ष फिर से पधारें और सुख-समृद्धि का आशीर्वाद दें। यह विसर्जन न केवल धार्मिक आयोजन था, बल्कि बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक भी बना। शारदीय नवरात्रि 2025 में 22 सितंबर से शुरू होकर 1 अक्टूबर को समाप्त हुई, जबकि विजयादशमी 2 अक्टूबर को मनाई गई। इस अवसर पर पूरे क्षेत्र में भक्ति का माहौल छा गया।

नवरात्रि के अंतिम दिन महानवमी पर दुर्गा पूजा पंडाल में हवन और आरती का आयोजन हुआ। वैदिक मंत्रों के साथ किया गया हवन पूजन इतना प्रभावशाली था कि पूरा कस्बा भक्तिमय हो उठा। पंडाल में भक्तों की भारी भीड़ उमड़ी। लोग अपने परिवारों के साथ पहुंचे और मां दुर्गा से सुख-समृद्धि की प्रार्थना की। हवन के बाद प्रसाद वितरण किया गया, जिसमें सभी ने भाग लिया। इसके बाद कन्या भोजन का विशेष आयोजन हुआ। नौ कन्याओं को देवी रूप में पूजने की परंपरा निभाई गई। उन्हें प्रसाद और दक्षिणा भेंट की गई। भक्तों ने कन्याओं के चरण स्पर्श कर आशीर्वाद लिया। यह आयोजन महिला सशक्तिकरण का संदेश भी देता है, क्योंकि कन्या पूजन से बालिकाओं के महत्व को रेखांकित किया जाता है। समिति के सदस्यों ने बताया कि महानवमी पर सैकड़ों परिवारों ने भाग लिया, जो स्थानीय संस्कृति की जीवंतता दर्शाता है।

महानवमी के अगले दिन विजयादशमी पर मां जगतजननी की विदाई के लिए विशेष तैयारियां की गईं। दिलेरगंज शाहाबाद में नौ दिनों तक विधि-विधान से मां की पूजा-अर्चना चली। समिति ने मां की प्रतिमा को आकर्षक ढंग से सजाया था। यह प्रतिमा नौ दुर्गाओं के रूप में स्थापित की गई थी, जो प्रत्येक दिन अलग-अलग रूपों में पूजी गईं। विसर्जन से पहले भक्तों ने मां की आरती उतारी और विदाई गीत गाए। मां दुर्गा का विसर्जन बुराई पर अच्छाई की विजय का प्रतीक है। पौराणिक कथा के अनुसार, मां ने महिषासुर का संहार किया, जिसकी याद में यह पर्व मनाया जाता है। उत्तर प्रदेश जैसे राज्यों में यह राम की रावण पर विजय से भी जुड़ता है, लेकिन शाहाबाद में दुर्गा पूजा पर अधिक जोर रहा।

विसर्जन यात्रा धूमधाम से निकाली गई। मां की प्रतिमा को ट्रॉली पर रखकर दिलेरगंज से सदर बाजार होते हुए पिपरिया घाट तक ले जाया गया। यात्रा में हजारों भक्त शामिल हुए। वे 'जय माता दी' के नारे लगाते हुए आगे बढ़े। बैंड-बाजों की धुन पर लोग नाचे-गाए। महिलाएं सिर पर कलश लेकर चलीं, जबकि पुरुषों ने ढोल-नगाड़ों के साथ उत्सव मनाया। यात्रा मार्ग पर दुकानदारों ने पुष्प वर्षा की। बच्चे रंग-बिरंगे झंडे लहराते हुए शामिल हुए। पिपरिया घाट पर पहुंचने के बाद पूरे विधान से प्रतिमा का विसर्जन किया गया। घाट पर वेद मंत्रों का पाठ हुआ और मां को नदी में विलीन किया गया। समिति ने पर्यावरण संरक्षण का ध्यान रखा और मिट्टी से बनी इको-फ्रेंडली प्रतिमा का उपयोग किया। इससे जल प्रदूषण की रोकथाम हुई। विसर्जन के बाद भक्तों को प्रसाद बांटा गया।

इस आयोजन में स्थानीय नेता और सामाजिक कार्यकर्ता सक्रिय रहे। पूर्व प्रमुख नवनीत गुप्ता आर्य ने यात्रा का नेतृत्व किया। सभासद रमाकांत मौर्य, रचित गुप्ता, संजय मिश्रा, मानू मिश्रा, नितांत रस्तोगी, बसंत गुप्ता, मंगल मिश्रा, राजीव बाजपेयी, वैभव मिश्रा, अग्निवेश बाथम, असित गुप्ता, गौतम रस्तोगी, ज्ञान प्रकाश गुप्ता सहित कई लोग उपस्थित रहे।

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