Hardoi : हरदोई में गांधी जयंती समारोह के दूसरे दिन भव्य कार्यक्रम, गांधी विचारों पर जोर
कार्यक्रम की शुरुआत के बाद जिलाधिकारी अनुनय झा ने गांधी जी के जीवन से जुड़ी चित्र प्रदर्शनी का फीता काटकर उद्घाटन किया। प्रदर्शनी में स्वतंत्रता संग्राम के प्रमुख प्र
हरदोई शहर में गांधी जयंती समारोह समिति ने गांधी जी के जीवन और आदर्शों को याद करने के लिए कई दिवसीय कार्यक्रम आयोजित किए। समारोह का दूसरा दिन गांधी भवन में ध्वजारोहण और माल्यार्पण से शुरू हुआ। जिलाधिकारी अनुनय झा, भाजपा जिलाध्यक्ष अजीत सिंह बब्बन और भाजपा महिला जिलाध्यक्ष अलका गुप्ता ने गांधी प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धा सुमन चढ़ाए। इस अवसर पर उपस्थित लोगों ने गांधी जी के अहिंसा, सत्य और स्वदेशी के सिद्धांतों को याद किया। समिति के सदस्य जोगिंदर गांधी ने अतिथियों का पुष्प गुच्छ भेंट कर स्वागत किया। यह कार्यक्रम न केवल गांधी जी के योगदान को स्मरण करने का माध्यम बना, बल्कि युवाओं को उनके मूल्यों से जोड़ने का प्रयास भी था।
कार्यक्रम की शुरुआत के बाद जिलाधिकारी अनुनय झा ने गांधी जी के जीवन से जुड़ी चित्र प्रदर्शनी का फीता काटकर उद्घाटन किया। प्रदर्शनी में स्वतंत्रता संग्राम के प्रमुख प्रसंग, गांधी जी के सत्याग्रह आंदोलन, नमक सत्याग्रह और चरखा से जुड़ी तस्वीरें लगाई गईं। इन चित्रों के माध्यम से दर्शकों को गांधी जी के संघर्षपूर्ण जीवन की झलक मिली। इसके बाद जिलाधिकारी ने खादी ग्राम उद्योग प्रदर्शनी का भी अवलोकन किया। यहां खादी से बने वस्त्र, हस्तशिल्प उत्पाद और ग्रामीण स्वावलंबन से जुड़े सामान प्रदर्शित थे। यह प्रदर्शनी गांधी जी के स्वदेशी आंदोलन को जीवंत करने का प्रयास थी, जो आज भी ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने में प्रासंगिक है। उपस्थित लोगों ने इन प्रदर्शनियों को देखकर गांधी जी के विचारों पर चिंतन किया।
सर्वधर्म प्रार्थना सभा का आयोजन भी किया गया, जिसमें ईसाई, सिख और बौद्ध धर्म के गुरुओं ने अपनी परंपराओं के अनुसार प्रार्थना की। इस सभा ने गांधी जी के सर्वधर्म समभाव के सिद्धांत को साकार किया। सभी धर्मों के लोग एक साथ बैठकर शांति और एकता का संदेश दिया। भूरज सेवा संस्थान के सदस्यों ने चरखे पर सूत कातने का जीवंत प्रदर्शन किया। यह प्रदर्शन गांधी जी के ग्राम स्वराज और आत्मनिर्भरता के विचार को दर्शाता था। दर्शकों, खासकर युवाओं ने इसमें रुचि दिखाई और सूत कातने की प्रक्रिया सीखी। वरिष्ठ सदस्य अरुणेश बाजपेयी ने गांधी विचारों पर अपने विचार रखे। उन्होंने कहा कि गांधी जी का अहिंसा का मार्ग आज के संघर्षपूर्ण समय में भी प्रासंगिक है। हमें उनके सत्य और शांति के पथ पर चलना चाहिए, ताकि समाज में सद्भाव बढ़े।
सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने कार्यक्रम को रंगीन बना दिया। स्प्रिगडेल्स, सनबीम और न्यू हाइट्स स्कूल के बच्चों ने गीत, भजन और नृत्य प्रस्तुत किए। बच्चों ने 'रघुपति राघव राजा राम' जैसे भजन गाए, जो गांधी जी का प्रिय भजन था। इन प्रस्तुतियों में स्वतंत्रता संग्राम के गीत भी शामिल थे, जिन्होंने दर्शकों को भावुक कर दिया। बच्चे पारंपरिक वेशभूषा में सजे हुए थे और उनके प्रदर्शन ने युवा पीढ़ी को गांधी जी के आदर्शों से जोड़ा। सेवा पखवाड़ा के तहत आयोजित चित्रकला और रंगोली प्रतियोगिता के विजेताओं को पुरस्कार दिए गए। विजेताओं को प्रशस्ति पत्र और स्मृति चिन्ह भेंट किए गए। यह प्रतियोगिता बच्चों को रचनात्मकता के माध्यम से गांधी विचारों को समझने का अवसर प्रदान करती है।
कार्यक्रम का समापन समिति के सचिव और नगर मजिस्ट्रेट सुनील कुमार त्रिवेदी के आभार प्रदर्शन से हुआ। उन्होंने सभी अतिथियों, कलाकारों और उपस्थित लोगों का धन्यवाद किया। संचालन मनीष मिश्रा ने कुशलता से किया। कार्यक्रम में जोगिंदर गांधी, विजय मिश्र, करुणाशंकर द्विवेदी, आलोकिता श्रीवास्तव, वरुण द्विवेदी, देवेंद्र विक्रम सिंह, सुयश बाजपेयी, नवल किशोर सहित कई सदस्यों का सहयोग रहा। समिति के जोगिंदर गांधी ने बताया कि अगले दिन शाम को चित्रकला और वेश परिवर्तन प्रतियोगिता आयोजित होगी। इसमें बच्चे गांधी जी के जीवन पर आधारित चित्र बनाएंगे और वेश बदलकर स्वतंत्रता सेनानियों का अभिनय करेंगे। यह प्रतियोगिता युवाओं में राष्ट्रीय चेतना जगाने का माध्यम बनेगी।
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