Hardoi : हरदोई में मिशन शक्ति 5.0 के तहत 110 आंगनबाड़ी केंद्रों का कायाकल्प, प्रमुखों ने किया उद्घाटन
महिला और बालिका हितैषी पंचायत बनाने के लिए कई क्षेत्रों पर काम हो रहा है। इनमें स्वास्थ्य व पोषण, शिक्षा व कौशल विकास, आर्थिक अवसरों तक पहुंच, लिंग आधारित हिं
हरदोई : जिले में मिशन शक्ति 5.0 अभियान के तहत महिला सशक्तिकरण और बाल विकास को मजबूत बनाने के लिए 110 आंगनबाड़ी केंद्रों का कायाकल्प किया गया। ये केंद्र ग्राम पंचायतों में स्थित हैं और इन्हें नया रूप देकर बालिकाओं व महिलाओं के लिए सुरक्षित व आकर्षक स्थान बनाया गया। पंचायती राज मंत्रालय ने स्थानीय स्तर पर सतत विकास लक्ष्यों को पूरा करने के लिए नौ मुख्य क्षेत्र चुने हैं। इनमें लिंग समानता को बढ़ावा देना प्रमुख है। इसी कड़ी में ग्राम पंचायतों को महिला और बालिका हितैषी बनाने का लक्ष्य रखा गया है। यह अभियान महिलाओं व बालिकाओं को सशक्त बनाने का महत्वपूर्ण कदम है, जो ग्रामीण क्षेत्रों में उनकी भागीदारी बढ़ाएगा।
मिशन शक्ति 5.0 उत्तर प्रदेश सरकार का प्रमुख कार्यक्रम है, जो महिलाओं की सुरक्षा, सम्मान और स्वावलंबन पर केंद्रित है। यह अभियान नवरात्रि से शुरू होकर 30 दिनों तक चलता है। हर जिले में थानों पर मिशन शक्ति केंद्र स्थापित किए जाते हैं। जागरूकता रैलियां, नुक्कड़ नाटक और स्कूलों में विशेष सत्र आयोजित होते हैं। बालिकाओं को उनके अधिकारों और सरकारी योजनाओं की जानकारी दी जाती है। उदाहरण के लिए, प्रदेशभर के उच्च प्राथमिक व कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालयों में 5 लाख से अधिक बालिकाओं को जागरूक किया गया। आंगनबाड़ी केंद्रों का कायाकल्प इसी अभियान का हिस्सा है, जो स्वास्थ्य, शिक्षा और पोषण पर जोर देता है। हरदोई जैसे जिलों में यह ग्रामीण महिलाओं को सशक्त बनाने में मदद कर रहा है।
महिला और बालिका हितैषी पंचायत बनाने के लिए कई क्षेत्रों पर काम हो रहा है। इनमें स्वास्थ्य व पोषण, शिक्षा व कौशल विकास, आर्थिक अवसरों तक पहुंच, लिंग आधारित हिंसा व हानिकारक रूढ़ियों का अंत, शासन में भागीदारी, लिंग संवेदी योजना व बजट निर्धारण शामिल हैं। जिलाधिकारी ने इन लक्ष्यों को हासिल करने के लिए पहले चरण में 164 ग्राम पंचायतों के आंगनबाड़ी केंद्रों में सुधार कार्य शुरू करवाया। इन केंद्रों को चित्रित किया गया, खेल सामग्री लगाई गई, पोषण कक्ष बनाए गए और बालिकाओं के लिए विशेष कोना तैयार किया गया। इससे बच्चों का विकास बेहतर होगा और महिलाओं को जागरूकता सत्रों के लिए उपयुक्त स्थान मिलेगा। अब दूसरे चरण में 110 केंद्रों का उद्घाटन हुआ, जो ग्रामीण स्तर पर सकारात्मक बदलाव लाएगा।
हर ग्राम पंचायत में ग्राम सभा से पहले महिला और बाल सभा का आयोजन अनिवार्य किया गया है। इन सभाओं से ग्रामीण क्षेत्रों में महिलाओं की सक्रिय भागीदारी बढ़ेगी। महिलाएं अपनी जरूरतों व समस्याओं पर चर्चा करेंगी और विकास प्राथमिकताएं तय करेंगी। सफल आयोजन के लिए ग्राम पंचायत की कम से कम 10 प्रतिशत महिला मतदाताओं की उपस्थिति जरूरी है। इससे ग्रामीण सुशासन मजबूत होगा और महिलाओं को निर्णय लेने में आवाज मिलेगी। हरदोई जिले में 164 ग्राम पंचायतों में आंगनबाड़ी केंद्रों का कायाकल्प इसी दिशा में कदम है। इन केंद्रों से बालिकाओं को शिक्षा व पोषण मिलेगा, जो भविष्य में उन्हें सशक्त बनाएगा।
उद्घाटन समारोह में स्थानीय नेता सक्रिय रहे। भरावन ब्लॉक प्रमुख ने ग्राम पंचायत सिकंदरपुर के आंगनबाड़ी केंद्र का उद्घाटन किया। उन्होंने कहा कि ये केंद्र बालिकाओं का भविष्य संवारेंगे। साण्डी विधायक प्रभावश कुमार ने विक्टोरियागंज केंद्र का लोकार्पण किया। अहिरोरी ब्लॉक प्रमुख ने ग्राम पंचायत खड़ा खेड़ा का केंद्र खोला। जिला पंचायत अध्यक्ष प्रेमा वाती ने खजुराहा ग्राम पंचायत के केंद्र का उद्घाटन किया। सवायजपुर विधायक मानवेंद्र सिंह ने मुंडेर केंद्र को शुरू किया। विधान परिषद सदस्य अशोक अग्रवाल ने बेगमगंज केंद्र का उद्घाटन किया। इन उद्घाटनों में सैकड़ों ग्रामीण, आंगनबाड़ी कार्यकत्री और बच्चे शामिल हुए। सभी ने महिलाओं की सुरक्षा व सशक्तिकरण पर चर्चा की।
Also Click : Hardoi : हरदोई में अग्रवाल धर्मशाला में भव्य डांडिया नाइट महोत्सव का आयोजन
What's Your Reaction?











