Hardoi News: शिक्षा ज्ञान, कौशल और समझ विकसित करती है, जिससे व्यक्ति बेहतर जीवन जी सकता है : डॉ अवधेश कुमार 

कहा कि शिक्षा वह माध्यम है, जिससे व्यक्ति ज्ञान, मूल्य और कौशल प्राप्त करता है, जो हर इंसान को आत्मनिर्भर और समाज का एक जिम्मेदार नागरिक बनाता है। शिक्षा न केवल रोजगार के अवसर प्रदान करती है, बल्कि जीवन में सही निर्णय लेने और चुनौतियों का सामना करने की क्षम....

Mar 29, 2025 - 13:02
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Hardoi News: शिक्षा ज्ञान, कौशल और समझ विकसित करती है, जिससे व्यक्ति बेहतर जीवन जी सकता है : डॉ अवधेश कुमार 

 

रिपोर्ट: अम्बरीष कुमार सक्सेना

हरदोई: शील सम्मान समारोह- 2025 का शुभारंभ मुख्य अतिथि द्वारा मां सरस्वती के समक्ष दीप प्रज्जवलित एवं पुष्पार्चन कर किया गया। इस अवसर पर महाविद्यालय के स्नातक( बी.ए., बी.एस-सी. बी.कॉम.) तथा बी.एड. के अपनी कक्षा में प्रथम 10 विद्यार्थियों को मुख्य अतिथि द्वारा प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया गया। मुख्य अतिथि डॉ अवधेश कुमार त्रिपाठी सी.डी.सी. लखनऊ विश्वविद्यालय, लखनऊ ने कहा कि शिक्षा ज्ञान, कौशल और समझ विकसित करती है, जिससे व्यक्ति बेहतर जीवन जी सकता है और समाज में योगदान कर सकता है। शिक्षा राष्ट्र के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है, क्योंकि यह नागरिकों को शिक्षित और सक्षम बनाती है, जिससे वे राष्ट्र के विकास में योगदान कर सकते हैं।

समारोह के विशिष्ट अतिथि डॉ राहुल पांडे हिंदी विभाग, लखनऊ विश्वविद्यालय, लखनऊ ने कहा शिक्षा समाज को ज्ञानवान, सशक्त, समृद्ध, और सुखी बनाती है। शिक्षा समाज में सामाजिक न्याय, समानता, एकता, और शांति को बढ़ावा देती है। शिक्षा समाज में गरीबी, अशिक्षा, अज्ञानता, अन्धविश्वास, और अन्य सामाजिक बुराइयों को दूर करने में मदद करती है। शिक्षा के बिना हमारा जीवन अधूरा लगता है। समारोह के अध्यक्ष डॉ. निखिलेश शरण प्राचार्य राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय, हरदोई ने अपने उद्बोधन शिक्षा का हमारे जीवन में अत्यधिक महत्व है। शिक्षा न केवल व्यक्ति के मानसिक और बौद्धिक विकास को बढ़ाती है, बल्कि समाज और राष्ट्र की प्रगति में भी अहम भूमिका निभाती है।

शिक्षा वह माध्यम है, जिससे व्यक्ति ज्ञान, मूल्य और कौशल प्राप्त करता है, जो हर इंसान को आत्मनिर्भर और समाज का एक जिम्मेदार नागरिक बनाता है। शिक्षा न केवल रोजगार के अवसर प्रदान करती है, बल्कि जीवन में सही निर्णय लेने और चुनौतियों का सामना करने की क्षमता भी विकसित करती है। डॉ.सुशील चंद्र त्रिवेदी "मधुपेश" अध्यक्ष अखिल भारतीय साहित्य परिषद तथा संस्थापक-प्रबंधक सार्वजनिक शिक्षोन्नयन संस्थान ने कहा पुरस्कार छात्रों के सामाजिक और भावनात्मक विकास में भी योगदान करते हैं, क्योंकि वे उन्हें लक्ष्य निर्धारित करने, कड़ी मेहनत करने और सफलता प्राप्त करने के लिए प्रेरित करते हैं. इस संस्थान का उद्देश्य किस प्रकार के आयोजनों में बच्चों को बढ़ता देख पूर्ण होता नजर आता है, महाविद्यालय प्राचार्य डॉ. अर्चना पांडे ने सभी आगंतुक अतिथियो धन्यवाद ज्ञापन किया।कार्यक्रम का संचालन आनंद विशारद द्वारा किया गया। इस अवसर पर पुरस्कार पाने वाले विद्यार्थियों में बी.एड. प्रथम सेमेस्टर में श्वेता सिंह प्रथम श्रुति शर्मा द्वितीय तथा अंकिता टंडन ने तृतीय स्थान प्राप्त किया बीकॉम प्रथम सेमेस्टर मे अमिता यादव प्रथम, सरबजीत कौर द्वितीय तथा अंशिका मिश्रा तृतीय स्थान प्राप्त किया बीकॉम तृतीय सेमेस्टर में रचित गुप्ता प्रथम रितिक शर्मा द्वितीय तथा कोमल गौतम ने तृतीय स्थान प्राप्त किया एवं बीकॉम पंचम सेमेस्टर में अर्जुन गुप्ता प्रथम लखबीर सिंह द्वितीय तथा महावत फातिमा ने तृतीय स्थान प्राप्त किया एवं बी.एस-सी. प्रथम सेमेस्टर में आयुष कुमार सिंह ने प्रथम स्थान अक्षत दीक्षित द्वितीय तथा अधिकृत सिंह नेतृत्व स्थान प्राप्त किया बी.एस-सी. तृतीय सेमेस्टर में कार्तिकेय सिंह ने प्रथम एस्शवी आजाद ने द्वितीय एवं दिव्या पांडे ने तृतीय स्थान प्राप्त किया और बी.एस-सी. पंचम सेमेस्टर में अंशिका मिश्रा ने प्रथम जानवी कश्यप ने द्वितीय तथा अलीशा फातिमा ने तृतीय स्थान प्राप्त किया बी.ए प्रथम सेमेस्टर में रिमझिम सैनी ने प्रथम रोशनी ने द्वितीय तथा प्रिया राजपूत ने तृतीय पुरस्कार प्राप्त किया एवं बी.ए. तृतीय सेमेस्टर में श्रुति सिंह ने प्रथम श्रद्धा अवस्थी ने द्वितीय एवं श्रद्धा मिश्रा ने तृतीय पुरस्कार प्राप्त किया और बी.ए. पंचम सेमेस्टर में उपेंद्र सिंह ने प्रथम रितु देवी ने द्वितीय तथा विद्यावती देवी ने तृतीय पुरस्कार प्राप्त किया। समारोह में डॉ.शशिकांत पांडे, डॉ. रश्मि द्विवेदी, डॉ.जागृति पारुल गुप्ता, मेघा गुप्ता,सुमन कुशवाहा , सुहानी गुप्ता, अनूप सिंह आदि अध्यापक तथा विद्यार्थी उपस्थित रहे।

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