हरदोई: प्रधान व उसके समर्थकों ने पूरे परिवार पर लगवाए फर्जी मुकदमे, एसपी को पत्र देकर लगाया आरोप
बघौली पुलिस ने कहा, हम भी ढूंढ रहे हैं आप लोग भी ढूंढो। 15 दिसंबर को थाने से फोन आया तुम्हारी बहन मिल गई है जब मैं अपने परिवार के साथ गई तो वहां मुझे अपनी बहन से नहीं मिलने दिया गया और पता नहीं कहां किसके साथ मेरी बहन को भेज दिया गया और ...
कहा, फर्जी मुकदमे लगाकर बदनाम करने की साजिश, लडकी को भगा दिया और जबरन बयान लिया
By INA News Hardoi.
थाना बघौली क्षेत्र के ग्राम पंचायत बरौली के मजरा पटकुइयां निवासी महिला ने बहुत ही संगीन आरोप कोटेदार श्रीश मिश्रा, वर्तमान प्रधान राजेंद्र गौतम पर लगाए हैं। महिला ने पुलिस अधीक्षक को दिए गए प्रार्थना पत्र में बताया गया कि मेरे माता-पिता मेरी बहन मुझ पर बार-बार प्रधान राजेंद्र गौतम कोटेदार श्रीश मिश्रा के द्वारा सुलह करने का दबाव बनाया जा रहा था।
जिससे मेरे परिवार ने सुलह समझौता करने से इनकार कर दिया। इसी बात के खुन्नस निकालने के लिए मेरी बहन मोनी को गांव के ही विनीत पुत्र मांगलू (पासी) बिरादरी के साथ चोरी छुपे भगवा दिया और मुझे पता भी ना चला काफी खोजबीन के बाद पुलिस को सूचना दी।
बघौली पुलिस ने कहा, हम भी ढूंढ रहे हैं आप लोग भी ढूंढो। 15 दिसंबर को थाने से फोन आया तुम्हारी बहन मिल गई है जब मैं अपने परिवार के साथ गई तो वहां मुझे अपनी बहन से नहीं मिलने दिया गया और पता नहीं कहां किसके साथ मेरी बहन को भेज दिया गया और उल्टा ही प्रधान और कोटेदार के कहने पर मेरे चाचा और पापा दो भाइयों पर मारपीट और एससी एसटी का मुकदमा भी दर्ज कर दिया गया।
सबसे बड़ी बात यह है जिस मां ने बेटी को 9 महीने पेट में रखा जी पिता ने 20 वर्षों तक उसको पाला पुलिस की नजरों में उनका अधिकार खत्म हो गया और पुलिस ने माता-पिता को सपना के बजाय उल्टा दूसरी बिरादरी के लड़के को सौंप दिया यह है बघौली पुलिस का न्याय।
आगे बताया कि 18 अक्टूबर को मेरी बहन मोनी को वर्तमान प्रधान की गाड़ी में डालकर अगवा किया गया था जब वह शाम को शौच के लिए गई थी। थाने पर नहीं हुई थी सुनवाई जिसकी शिकायत पुलिस अधीक्षक हरदोई से की गई थी उनके निर्देशानुसार तीन लोगों पर मुकदमा लिखा गया था 24 10 2024 को पुलिस अधीक्षक हरदोई के संज्ञान में लेने के कारण 164 के बयान भी हुए थे।
पुराने मुकदमे में फंसे वर्तमान प्रधान ने अजीब तरीका निकाला है, उन्होंने लड़के के मां-बाप की ना तो इज्जत की परवाह की और ना ही अपने पद की गरिमा रखी 15 दिसंबर को जब लड़की थाने पर बरामद हुई ना तो उसके मां-बाप से मिलने दिया गया और ना ही मां बाप के साथ भेजा गया। थाना बघौली एसएचओ वर्जन के मुताबिक लड़की को लड़के के साथ भेज दिया गया अगर लड़की लड़के के साथ गई है तो कहां गई लड़का तो गांव में रह ही नहीं रहा।
सबसे बड़ी बात यह है किसी को पता नहीं लड़की कहां है और लड़की का वीडियो बनवाकर भी वायरल कर दिया गया और वायरल वीडियो में यह भी कहलाया गया पूर्व प्रधान के पैसे मेरे पापा पर थे मेरी बहन की शादी में लिए गए थे उनके दबाव में मैंने बयान दिए थे लेकिन सबसे बड़ी बात यह है जब लड़की के माता-पिता उसकी बड़ी बहन से बात की गई तो उन्होंने बताया पूर्व प्रधान ओमप्रकाश से मैंने कभी पैसे लिए ही नहीं ना ही उनके मुझ पर रुपए थे मोनी पर दबाव बनाकर जबरदस्ती करवाया गया।
महिला ने आरोप लगाते हुए बताया कि प्रधान राजेंद्र गौतम ने एक तीर से कई निशाने लगाए पहले उसे पर लिखा गया मुकदमे में लड़की को भगवा कर उसके बयानों को बदलवाया गया दूसरा लड़की के मां-बाप की इज्जत को समझ में उछाला गया तीसरा उसके विरोधी पूर्व प्रधान की बेज्जती करवाना बदनाम करना। इस मामले में निष्पक्ष जांच न होने और निर्दोषों को दोषारोपण कर फर्जी मुकदमे दर्ज करने संबंधी यह घटना हरदोई पुलिस की न्यायप्रिय और निष्पक्षता पर एक कटाक्ष है।
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