हरदोई: SDM द्वारा छुट्टियों के दिन भी लेखपालों को भत्ते दिए गये, आडिट में खुल गयी पोल

मित ब्रिक फील्ड, पर 94 हजार से अधिक, सूरज ब्रिक फील्ड पर 10 हजार से अधिक, सिंघल ईंट उद्योग पर एक लाख 70 हजार से अधिक का बकाया था जो वसूला ही नहीं गया। राजस्व परिषद की ओर से 2019-20 से 2024 तक के अभिलेखों की जांच में कई चौंकाने वाली जानकारी मिली हैंं। 2...

Jan 10, 2025 - 23:57
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हरदोई: SDM द्वारा छुट्टियों के दिन भी लेखपालों को भत्ते दिए गये, आडिट में खुल गयी पोल

By INA News Hardoi.

बिलग्राम तहसील में तैनात लेखपाल कन्हैया लाल ने जून 2018 में 15 दिन का उपर्जित अवकाश लिया, पर तहसील से उन्हें इस अवधि का साइकिल एवं स्टेशनरी भत्ता जारी कर दिया गया। संजीव कुमार सैनी को 30 दिन के अवकाश की अवधि का एवं सर्वेश कुमार को 15 दिन के अवकाश के दौरान साइकिल एवं स्टेशनरी भत्ता जारी कर दिया गया। यही नहीं तहसील में तैनात लेखपाल नवनीत कुमार को जनवरी 2023 एवं जनवरी 2024 में बिना उपजिलाधिकारी के आदेश के ही वेतन वृद्धि दे दी गई। राजस्व परिषद द्वारा तहसील के किए गए आडिट में मिली अनियमितताओं पर अपर आयुक्त वित्त (राजस्व परिषद ) प्रवीण कुमार त्रिपाठी ने कठोर कार्रवाई एवं वित्तीय अनियमितताओं पर संबंधित अधिकारी कर्मचारी से वसूली के आदेश जारी किए हैं। वहीं देवीपुरवा बक्टावपुरवा के बकायादार बल्लू राजपूत पर 40 068 रुपये की वसूली की जानी थी, वसूली कालम में 33075 रुपये जमा किए गए, इसी तरह खुर्द पुरवा निवासी जाहिद के विरुद्ध 57453 की आरसी थी, पर उनसे 43404 रुपये ही जमा करवाए गए।

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इसी तरह अमित ब्रिक फील्ड, पर 94 हजार से अधिक, सूरज ब्रिक फील्ड पर 10 हजार से अधिक, सिंघल ईंट उद्योग पर एक लाख 70 हजार से अधिक का बकाया था जो वसूला ही नहीं गया। राजस्व परिषद की ओर से 2019-20 से 2024 तक के अभिलेखों की जांच में कई चौंकाने वाली जानकारी मिली हैंं। 2019-20 में तालाब पट्टा, लगान, ग्राम समाज वसूली से संबंधित जमा राशि के एक चौथाई धनराशि 61776 के वाउचर ही गायब हैं। तालाब पट्टा के लगान से संबंधित तीन चौथाई धनराशि 99855 रुपये तहसील से ग्राम सभा फंड में जमा दिखाया गया पर जिम्मेदार बार बार कहने के बावजूद जमा चालान नहीं दिखा सके। तहसील में जनरेटर लाग बुक नहीं बनी मिली, जिससे पुष्टि नहीं हो सकी वहां कितना डीजल खर्च किया जा रहा है। तहसील में वृक्ष पंजिका नहीं बनी मिली जिससे पुष्टि नहीं हो सकी फलदार पौधों की नीलामी का पैसा कहां गया। प्रयोक्ता प्रभार मद में भी 20 हजार से अधिक की धनराशि के वाउचर नहीं मिले। धोंधी गांव में मनोज कुमार को दस हजार रुपये वार्षिक एवं अनूप कुमार को पांच हजार रुपये वार्षिक पर मतस्य पालन के लिए तालाब का पट्टा किया गया, पर पट्टाधारकों से लगान नहीं जमा करवाया गया।

अब संबंधित अधिकारियों कर्मचारियों की संलिप्तता की जांच के साथ ही वसूली के निर्देश दिए गए हैं। ग्राम समाज की भूमि पर झोपड़ी डाल कर गुजर बसर करने वाले हों या खूंटा गाड़ कर जानवर बांधने वाले किसान, उन पर अतिक्रमण के नाम पर भारी भरकम जुर्माना लगा कर पाई पाई वसूलने वाले तहसीलों के जिम्मेदारों का दामन भी पाक साफ नहीं है। तहसीलों के अधिकारी अपने चहेते लेखपालों एवं अन्य कर्मचारियों को अवकाश में भी भत्ता दे रहे हैं। शतप्रतिशत वसूली करने के बाद भी अमीन वसूली का हिसाब किताब नहीं दे रहे हैं। राजस्व परिषद की ओर से किए गए आडिट (लेखा परीक्षा) में तहसीलों के काम काज में तमाम अनियमितताओं के साथ ही वित्तीय अनियमितताएं मिली हैं, जिन पर अब वसूली की कार्रवाई की जा रही है।

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