कार्यक्रम के लिए निमंत्रण नहीं मिला है, 'कार्ड के इंतजार में बैठा हूं, सपा सांसद अवधेश प्रसाद को न्योता न मिलने से सियासत गरमाई।
अयोध्या की पावन नगरी में आज विवाह पंचमी का विशेष पर्व मनाया जा रहा है। मार्गशीर्ष मास के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि पर भगवान राम
अयोध्या की पावन नगरी में आज विवाह पंचमी का विशेष पर्व मनाया जा रहा है। मार्गशीर्ष मास के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि पर भगवान राम और माता सीता के त्रेता युगीन विवाह की स्मृति ताजा हो रही है। इसी शुभ अवसर पर श्री राम जन्मभूमि मंदिर का निर्माण कार्य पूर्ण होने का प्रतीक बने ध्वजारोहण समारोह आयोजित हो रहा है। पिछले साल 22 जनवरी 2024 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हाथों गर्भगृह में प्राण प्रतिष्ठा के बाद यह समारोह मंदिर को पूर्ण रूप से सक्रिय करने का कार्य है। 25 नवंबर 2025 को अभिजीत मुहूर्त में मंदिर के मुख्य शिखर पर भगवा धर्म ध्वजा फहराई जाएगी। सबसे पहले हनुमान गढ़ी मंदिर में दर्शन करेंगे। उसके बाद राम मंदिर परिसर में प्रवेश कर सप्त मंदिर, शेषावतार मंदिर और माता अन्नपूर्णा मंदिर के दर्शन करेंगे। राम दरबार गर्भगृह और राम लला गर्भगृह में पूजन-अर्चना के बाद दोपहर करीब बारह बजे शिखर पर ध्वजा फहराएंगे। यह ध्वजारोहण मंदिर निर्माण की पूर्णता का संकेत है। श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने विभिन्न क्षेत्रों से लगभग आठ हजार विशिष्टजनों को निमंत्रण भेजा है। लेकिन इस आयोजन को लेकर सियासत भी गरमा गई है। समाजवादी पार्टी के सांसद अवधेश प्रसाद ने दावा किया कि उन्हें न्योता नहीं मिला। उन्होंने कहा कि कार्ड के इंतजार में बैठे हैं। यह बयान राजनीतिक बहस छेड़ रहा है।
मंदिर का निर्माण कार्य तेजी से पूरा हुआ है। प्राण प्रतिष्ठा के बाद शिखर और बाहरी दीवारें बन गईं। मंदिर 2.7 एकड़ क्षेत्र में फैला है। मुख्य शिखर 161 फीट ऊंचा है। ध्वजा 22 फीट लंबी और 11 फीट चौड़ी है। इसमें भगवान राम की आभा का प्रतीक सूर्य चिन्ह, ओम अक्षर और कोविदार वृक्ष की आकृति बनी है। ध्वजा 42 फीट ऊंचे दंड पर लगेगी, जिसमें 21 किलोग्राम सोना जड़ा है। वैदिक परंपरा में ध्वजारोहण मंदिर को देवालय बनाने का अंतिम चरण है। भक्तों का मानना है कि ध्वजा के दर्शन से सभी देवताओं का पुण्य प्राप्त होता है। समारोह के दौरान वेद मंत्रोच्चार, शंखनाद और घंटाध्वनि गूंजेगी। उसके बाद आरती होगी। प्रधानमंत्री संबोधन भी देंगे। ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने कहा कि यह वैश्विक भक्तों को संदेश है कि मंदिर पूर्ण हो गया। निर्माण समिति के अध्यक्ष नृपेंद्र मिश्रा ने बताया कि ध्वजारोहण राम जन्म नक्षत्र अभिजीत मुहूर्त में हो रहा है, जो विशेष महत्व रखता है। मंदिर की नींव 15 फीट गहरी और भूकंप प्रतिरोधी है। पत्थर राजस्थान के बांसवाड़ा से लाए गए। मूर्तियां मकराना संगमरमर से बनीं। परिसर में 14 अतिरिक्त मंदिर हैं। बाहरी दीवारों पर वाल्मीकि रामायण के 87 प्रसंग उकेरे गए हैं।
आयोजन के लिए अयोध्या को भव्य रूप से सजाया गया है। 100 टन फूलों से सजावट की गई। शहर में लेजर शो, रंगोली और रोशनी की जगमगाहट है। 20 नवंबर से कलश यात्रा शुरू हुई, जिसमें सरयू जल से भरी 551 कलशों का शोभायात्रा निकाली गई। विभिन्न संतों ने भाग लिया। मोरारी बापू, चिन्मयानंद, धीरेंद्र शास्त्री और देवकीनंदन ठाकुर जैसे धार्मिक नेता मुख्य समारोह में शामिल होंगे। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक मोहन भागवत भी उपस्थित रहेंगे। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को स्थलीय निरीक्षण किया। उन्होंने व्यवस्थाओं को परखा। ट्रस्ट ने पूर्वांचल और अवध क्षेत्र से 6000 मध्यम और निम्न मध्यम वर्ग के लोगों को आमंत्रित किया। कुल 8000 अतिथि होंगे। स्थानीय 3000 और अन्य क्षेत्रों से 5000। वनवासी क्षेत्रों के संतों को प्राथमिकता दी गई। अमिताभ बच्चन, अक्षय कुमार, सचिन तेंदुलकर जैसे हस्तियां भी आएंगी। ट्रस्ट ने 1800 कमरों का होटल और होमस्टे व्यवस्था की। भंडारों में प्रसाद वितरण होगा। कार्यक्रम दूरदर्शन और अन्य चैनलों पर लाइव दिखाया जाएगा। लाखों भक्त घर बैठे जुड़ सकेंगे।
सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम हैं। 10,000 से अधिक पुलिसकर्मी, अर्धसैनिक बल, एनएसजी कमांडो और स्नाइपर तैनात हैं। पांच स्तर की सुरक्षा व्यवस्था में 14 एसपी, 30 एएसपी और 90 डीएसपी लगे। एंटी ड्रोन सिस्टम, सीसीटीवी और जामर से निगरानी हो रही। भारत-नेपाल सीमा पर सतर्कता बढ़ाई गई। ट्रैफिक डायवर्जन लागू है। मंदिर दोपहर दो बजे तक बंद रहेगा। दर्शन शाम को या बुधवार सुबह शुरू होंगे। हवाई अड्डे पर विशेष व्यवस्था है। हेलीपैड तैयार। मुख्यमंत्री ने पुलिसकर्मियों के लिए विशेष भंडारा आयोजित कराया। संतों ने कहा कि यह राम राज्य की शुरुआत है। हनुमान गढ़ी मंदिर के पुजारी महंत राजू दास ने कहा कि ध्वजारोहण से विश्व में सनातन धर्म की भावना फैलेगी। गोरखपुर विश्व हिंदू परिषद के सह सचिव सागुन श्रीवास्तव ने कहा कि 500 वर्षों के संघर्ष का यह फल है। ध्वजा जितनी ऊंची, गर्व उतना ही अधिक।
इस बीच, सपा सांसद अवधेश प्रसाद का बयान चर्चा में है। फैजाबाद-अयोध्या से सांसद अवधेश प्रसाद ने कहा कि उन्हें ध्वजारोहण कार्यक्रम का निमंत्रण नहीं मिला। वे कार्ड के इंतजार में हैं। उन्होंने कहा कि यहां जन्मे होने के बावजूद अनदेखी हुई। अगर न्योता न मिला तो नंगे पांव जाऊंगा। यह बयान बीजेपी पर हमला है। सपा ने इसे राजनीतिकरण का आरोप लगाया। अवधेश प्रसाद ने कहा कि कार्यक्रम सभी का है, लेकिन विचारधारा के कारण अनदेखी हो रही। बीजेपी ने इसका जवाब दिया कि निमंत्रण विशिष्ट आधार पर भेजे गए। ट्रस्ट के चंपत राय ने कहा कि मध्यम वर्ग को प्राथमिकता दी गई। यह विवाद अयोध्या की राजनीति को गर्मा रहा। अवधेश प्रसाद पहले भी दीपोत्सव पर न्योता न मिलने का मुद्दा उठा चुके। उन्होंने कहा कि बीजेपी त्योहारों को राजनीति बना रही। लेकिन वे अपनी विधानसभा जाएंगे। यह दावा विपक्ष की रणनीति का हिस्सा लगता है।
प्रधानमंत्री ने एक्स पर लिखा कि भगवान राम भारत की आत्मा हैं। यह सौभाग्य का क्षण है कि मैं ध्वजारोहण का साक्षी बनूंगा। राम लला स्वर्ण पीतांबर धारण करेंगे। योगी आदित्यनाथ ने कहा कि अयोध्या वैदिक दर्शन से प्रेरित स्मार्ट शहर बनेगी। सौर ऊर्जा, पर्यटन और विकास से वैश्विक पहचान मिलेगी। यह 2019 सुप्रीम कोर्ट फैसले का फल है। लाखों श्रद्धालुओं ने दान दिया। ट्रस्ट को 3000 करोड़ रुपये मिले, आधे खर्च हो चुके। मंदिर धार्मिक स्थल के साथ पर्यटन केंद्र बनेगा। अयोध्या में रेल, सड़क और हवाई संपर्क मजबूत हुआ। अयोध्या धाम जंक्शन वास्तुशिल्पीय चमत्कार है। समारोह से स्थानीय अर्थव्यवस्था को बल मिलेगा। होटल, दुकानें और परिवहन सेवाएं भरी पड़ीं। व्यापारी उत्साहित हैं। संतों ने कहा कि यह एकता का संदेश है। विभिन्न धर्मों के प्रतिनिधि एक मंच पर। आज ही सिख गुरु तेग बहादुर का शहादत दिवस है। उन्होंने अयोध्या में ध्यान किया था। सिख समुदाय शामिल हुआ। विवाह पंचमी पर सामूहिक विवाह भी हुए। भविष्य में नृत्य मंडप जैसे सभागार आयोजनों के लिए उपयोग होंगे।
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