भारत का नया ‘ब्रह्मास्त्र’ है 'लॉइटरिंग म्यूनिशन', ‘आत्मघाती ड्रोन’ बाज की तरह सटीक निशाने पर करता है वार

लॉइटरिंग म्यूनिशन (Loitering Munition) का उपयोग भारत की बढ़ती सैन्य तकनीक और आत्मनिर्भरता का सबूत है। कुछ रिपोर्ट्स के अनुसार, भारत ने स्वदेशी और पोलैंड निर्मित WB इलेक्ट्रॉ...

May 7, 2025 - 23:14
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भारत का नया ‘ब्रह्मास्त्र’ है 'लॉइटरिंग म्यूनिशन', ‘आत्मघाती ड्रोन’ बाज की तरह सटीक निशाने पर करता है वार

7 मई 2025 की रात भारत ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के तहत पाकिस्तान और पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (PoK) में आतंकी ठिकानों को नेस्तनाबूद कर दिया। यह सैन्य कार्रवाई 22 अप्रैल 2025 को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले का जवाब थी, जिसमें 25 भारतीय और एक नेपाली नागरिक शहीद हुए थे। इस ऑपरेशन की सबसे बड़ी खासियत थी भारत का नया ‘ब्रह्मास्त्र’—लॉइटरिंग म्यूनिशन (Loitering Munition), जिसे पहली बार युद्ध में इस्तेमाल किया गया। ये ‘आत्मघाती ड्रोन’ बाज की तरह आसमान में मंडराते हैं और सटीक निशाने पर वार करते हैं। आइए, विस्तार से जानते हैं कि कैसे इस घातक हथियार ने आतंकियों की कमर तोड़ी और भारत ने दुनिया को अपनी ताकत दिखाई।

लॉइटरिंग म्यूनिशन (Loitering Munition): भारत का नया युद्ध सितारा

लॉइटरिंग म्यूनिशन (Loitering Munition), जिसे ‘कामिकaze ड्रोन’ या ‘आत्मघाती ड्रोन’ भी कहा जाता है, एक ऐसा हथियार है जो निगरानी और हमले की दोहरी क्षमता रखता है। ऑपरेशन सिंदूर में पहली बार इसका इस्तेमाल कर भारत ने अपनी तकनीकी श्रेष्ठता का परचम लहराया।

  • क्या है लॉइटरिंग म्यूनिशन (Loitering Munition)?: यह एक मानवरहित हवाई वाहन (UAV) है, जो लक्ष्य क्षेत्र के ऊपर मंडराता है, दुश्मन की गतिविधियों पर नजर रखता है और सही समय पर सटीक हमला करता है। यह ड्रोन स्वायत्त (ऑटोनॉमस) या मानव नियंत्रित हो सकता है। लक्ष्य पर लॉक होने के बाद यह खुद को विस्फोट के साथ नष्ट कर देता है।
  • खासियतें:
    • सटीकता: 1-10 मीटर की सटीकता के साथ लक्ष्य को भेदने की क्षमता।
    • लचीलापन: मिशन के दौरान लक्ष्य बदलने या हमला रद्द करने की सुविधा।
    • निगरानी: वास्तविक समय में लक्ष्य और उसके आसपास की जानकारी ऑपरेटर को प्रदान करता है।
    • चुपके से हमला: छोटा आकार और शांत उड़ान इसे रडार से बचाने में मदद करती है।
  • ऑपरेशन में उपयोग: भारतीय सेना, नौसेना और वायुसेना ने इस हथियार का समन्वित उपयोग किया। खुफिया एजेंसियों द्वारा दिए गए निर्देशांकों के आधार पर सभी हमले भारतीय क्षेत्र से किए गए, बिना हवाई सीमा पार किए।

ऑपरेशन सिंदूर: आतंक पर सर्जिकल स्ट्राइक

‘ऑपरेशन सिंदूर’ 7 मई 2025 को रात 1:05 से 1:30 बजे के बीच अंजाम दिया गया, जिसमें 9 आतंकी ठिकानों को नष्ट किया गया। इनमें जैश-ए-मोहम्मद का बहावलपुर मुख्यालय, लश्कर-ए-तैयबा का मुरीदके ठिकाना और हिजबुल मुजाहिदीन का सियालकोट कैंप शामिल थे।

  • लक्ष्य: ऑपरेशन का उद्देश्य आतंकी ढांचे को नष्ट करना था, न कि पाकिस्तानी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाना। रक्षा मंत्रालय ने इसे “सटीक, संयमित और गैर-उकसावे वाली” कार्रवाई बताया।
  • हथियारों का उपयोग:
    • लॉइटरिंग म्यूनिशन (Loitering Munition): आतंकी ठिकानों की निगरानी और सटीक हमले के लिए।
    • SCALP क्रूज मिसाइल: 250 किमी से अधिक रेंज के साथ बंकर और कमांड पोस्ट को नष्ट करने के लिए।
    • HAMMER बम: मल्टी-स्टोरी इमारतों और प्रशिक्षण मॉड्यूल को निशाना बनाने के लिए।
  • परिणाम: अनुमानित 70-90 आतंकी मारे गए, जिनमें जैश-ए-मोहम्मद के प्रमुख मौलाना मसूद अजहर के 10 परिवारजन और 4 सहयोगी शामिल थे।

पहलगाम हमले का बदला: ‘सिंदूर’ की गूंज

22 अप्रैल 2025 को पहलगाम के बैसारन घाटी में आतंकियों ने पर्यटकों पर हमला किया, जिसमें 25 भारतीय और एक नेपाली नागरिक की जान गई। आतंकियों ने पुरुषों को अलग कर, खासकर गैर-मुस्लिम पुरुषों को निशाना बनाया, जिससे कई महिलाएं विधवा हो गईं। इस क्रूरता ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ का नाम प्रेरित किया, जो पीड़ित महिलाओं के मांग के सिंदूर और उनके दर्द का प्रतीक है।

  • प्रधानमंत्री का वादा: हमले के बाद PM नरेंद्र मोदी ने कहा था, “आतंकियों को ढूंढकर सजा दी जाएगी।” उन्होंने रातभर ऑपरेशन की निगरानी की और सेना को खुली छूट दी।
  • न्याय का संदेश: भारतीय सेना ने ऑपरेशन के बाद सोशल मीडिया पर लिखा, “न्याय हुआ। जय हिंद!”

कर्नल सोफिया कुरैशी की प्रेस कॉन्फ्रेंस: पाकिस्तान बेनकाब

ऑपरेशन के बाद नई दिल्ली में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में कर्नल सोफिया कुरैशी, विंग कमांडर व्योमिका सिंह और विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने दुनिया को ऑपरेशन की जानकारी दी। कर्नल सोफिया ने पाकिस्तान के आतंकी ढांचे को बेनकाब करते हुए कहा:

  • आतंकी ठिकानों का खुलासा: मुरीदके में लश्कर-ए-तैयबा का प्रशिक्षण कैंप, जहां 26/11 मुंबई हमले के आतंकी अजमल कसाब और डेविड हेडली को प्रशिक्षित किया गया था, नष्ट कर दिया गया।
  • पाकिस्तान का झूठ: पाकिस्तान ने दावा किया कि भारत ने नागरिक क्षेत्रों को निशाना बनाया, लेकिन सोफिया ने वीडियो और नक्शों के साथ साबित किया कि केवल आतंकी ठिकाने नष्ट किए गए।
  • सटीकता का सबूत: किसी भी पाकिस्तानी सैन्य ठिकाने या नागरिक को नुकसान नहीं पहुंचा, जो भारत की संयमित नीति को दर्शाता है।

पाकिस्तान की हताशा और जवाबी कार्रवाई

ऑपरेशन सिंदूर ने पाकिस्तान को हक्का-बक्का कर दिया। पाकिस्तानी सेना ने दावा किया कि उन्होंने पांच भारतीय विमानों को मार गिराया, लेकिन भारत ने इस दावे का खंडन नहीं किया, क्योंकि सभी हमले भारतीय क्षेत्र से किए गए।

  • सीजफायर उल्लंघन: ऑपरेशन के कुछ घंटों बाद पाकिस्तान ने जम्मू-कश्मीर के भिंबर गली क्षेत्र में गोलीबारी की, जिसमें तीन नागरिक मारे गए। भारतीय सेना ने इसका “संयमित जवाब” दिया।
  • प्रचार युद्ध: सूचना और प्रसारण मंत्रालय ने खुलासा किया कि पाकिस्तान ने सोशल मीडिया पर “झूठी खबरें” और “मनगढ़ंत जीत” की कहानियां फैलाईं।

वैश्विक समर्थन और भारत की कूटनीति

ऑपरेशन के बाद भारत ने अमेरिका, ब्रिटेन, रूस, सऊदी अरब और यूएई जैसे देशों को कार्रवाई की जानकारी दी। एनएसए अजीत डोभाल ने अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो से बात की, जिससे भारत को वैश्विक समर्थन मिला।

  • अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रिया: अमेरिका और ब्रिटेन ने दोनों देशों से संयम बरतने को कहा, जबकि रूस और सऊदी अरब ने भारत के आतंकवाद विरोधी रुख का समर्थन किया।
  • चीन की चिंता: चीन ने “बढ़ते तनाव” पर चिंता जताई, लेकिन भारत की कूटनीतिक तैयारी ने उसे अलग-थलग कर दिया।

भारत की तकनीकी उन्नति का प्रतीक

लॉइटरिंग म्यूनिशन (Loitering Munition) का उपयोग भारत की बढ़ती सैन्य तकनीक और आत्मनिर्भरता का सबूत है। कुछ रिपोर्ट्स के अनुसार, भारत ने स्वदेशी और पोलैंड निर्मित WB इलेक्ट्रॉनिक्स के “वार्मेट” ड्रोन का उपयोग किया।

  • AI और स्टील्थ तकनीक: ये ड्रोन कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI), वास्तविक समय निगरानी और स्टील्थ तकनीक से लैस हैं, जो इन्हें छिपे या गतिशील लक्ष्यों के लिए आदर्श बनाते हैं।
  • स्वदेशी योगदान: सोशल मीडिया पर दावे किए गए कि भारत ने ‘मेड इन इंडिया’ लॉइटरिंग म्यूनिशन (Loitering Munition) का उपयोग किया, जो आत्मनिर्भर भारत की दिशा में बड़ा कदम है।

आतंक पर भारत की हुंकार

‘ऑपरेशन सिंदूर’ ने न केवल पहलगाम हमले का बदला लिया, बल्कि भारत की सैन्य ताकत, तकनीकी उन्नति और आतंकवाद के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति को दुनिया के सामने रखा। लॉइटरिंग म्यूनिशन (Loitering Munition) का पहला उपयोग इस बात का प्रमाण है कि भारत अब युद्ध के मैदान में नई तकनीकों के साथ तैयार है। कर्नल सोफिया कुरैशी की प्रेस कॉन्फ्रेंस ने पाकिस्तान के झूठ को बेनकाब किया, जबकि PM मोदी और गृह मंत्री अमित शाह के नेतृत्व ने देश को एकजुट किया। यह ऑपरेशन सिर्फ एक सैन्य कार्रवाई नहीं, बल्कि भारत की नई ताकत और आत्मविश्वास का प्रतीक है, जो आतंकियों को चेतावनी देता है—“भारत अब चुप नहीं रहेगा!”

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