Lucknow : सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने के लिए सभी विभाग मिलकर करें काम, हर स्तर पर तय हो जवाबदेही- योगी आदित्यनाथ
बैठक में अधिकारियों ने मुख्यमंत्री को बताया कि प्रशासनिक मुस्तैदी के चलते इस साल जनवरी से अप्रैल के बीच सड़क हादसों में 21 प्रतिशत और इन हादसों में जान गंवाने वालों की संख्या में 22 प्रतिशत की बड़ी कमी दर्ज की गई है। मुख्यमंत्री ने इस सुधार को और बेहतर करने के लि
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में हुई सड़क सुरक्षा की उच्च स्तरीय बैठक में यातायात व्यवस्था को सुधारने और हादसों को रोकने के लिए कई जरूरी निर्देश दिए गए। मुख्यमंत्री ने हाल ही में लखीमपुर खीरी, अमरोहा, आगरा और अलीगढ़ जैसे जिलों में हुए सड़क हादसों पर गहरी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि हमारे लिए हर नागरिक की जान बेहद कीमती है और हादसों में होने वाली मौतें पूरे समाज की क्षति हैं। ज्यादातर दुर्घटनाएं जागरूकता की कमी के कारण होती हैं, इसलिए सभी जिलों में सड़क सुरक्षा को लेकर विशेष अभियान चलाया जाना चाहिए। इसके लिए शासन स्तर के अधिकारियों से लेकर फील्ड में तैनात कर्मचारियों तक, हर स्तर पर जवाबदेही तय की जाएगी।
बैठक में अधिकारियों ने मुख्यमंत्री को बताया कि प्रशासनिक मुस्तैदी के चलते इस साल जनवरी से अप्रैल के बीच सड़क हादसों में 21 प्रतिशत और इन हादसों में जान गंवाने वालों की संख्या में 22 प्रतिशत की बड़ी कमी दर्ज की गई है। मुख्यमंत्री ने इस सुधार को और बेहतर करने के लिए कहा कि स्टंटबाजी, ओवर स्पीडिंग, शराब पीकर गाड़ी चलाने और लापरवाही बरतने वालों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाए। साथ ही ओवरलोडिंग, डग्गामार बसों और अवैध डंपरों के खिलाफ भी अभियान चलाया जाए। उन्होंने प्रदेश की जनता से भी अपील की कि वे हेलमेट, सीट बेल्ट और यातायात के अन्य सभी नियमों का कड़ाई से पालन करें।
मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि सड़कों से अवैध स्टैंड और बेतरतीब पार्किंग को तुरंत हटाया जाए। यदि किसी वाहन का बार-बार चालान होता है, तो उसका लाइसेंस या परमिट रद्द करने की कार्रवाई की जाए। परिवहन निगम की बसों की फिटनेस और चालकों-परिचालकों के नियमित स्वास्थ्य परीक्षण पर भी विशेष ध्यान दिया जाए। स्कूली बच्चों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए बिना फिटनेस के कोई भी स्कूल वाहन सड़क पर नहीं चलना चाहिए। चौराहों, टोल प्लाजा और व्यस्त मार्गों पर पब्लिक एड्रेस सिस्टम के जरिए लोगों को नियमों के प्रति जागरूक किया जाए। हाईवे और एक्सप्रेसवे पर नियमित पेट्रोलिंग के साथ-साथ एंबुलेंस की भी पुख्ता व्यवस्था हो ताकि घायलों को समय पर इलाज मिल सके। सड़कों के दुर्घटना संभावित क्षेत्रों को ठीक करने और चौराहों पर स्पीड ब्रेकर बनाने के निर्देश भी दिए गए। यातायात पुलिस ने बताया कि सड़क सुरक्षा को मजबूत करने के लिए जिलों को आधुनिक इंटरसेप्टर वाहन और स्पीड लेजर गन उपलब्ध कराए जा रहे हैं, जिससे हादसों को रोकने में और मदद मिलेगी।
Also Click : Saharanpur : गागलहेड़ी में चोरों के हौसले बुलंद, किसानों के खेतों से काटे 11 पॉपुलर के पेड़
What's Your Reaction?




