Lucknow : मुख्यमंत्री गोरखपुर में 69वीं राष्ट्रीय विद्यालयीय कुश्ती (ग्रीको रोमन) प्रतियोगिता (अण्डर-17 एवं 19 वर्ष आयु बालक वर्ग) के विजेता खिलाड़ियों को पुरस्कृत किया

मुख्यमंत्री ने ग्रीको रोमन कुश्ती प्रतियोगिता अण्डर-17 व अण्डर-19 में प्रतिभाग करने वाले खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि प्रत्येक खिलाड़ी की सबसे बड़ी प्रतिस्पर्धा स्व

Dec 5, 2025 - 20:38
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Lucknow : मुख्यमंत्री गोरखपुर में 69वीं राष्ट्रीय विद्यालयीय कुश्ती (ग्रीको रोमन) प्रतियोगिता (अण्डर-17 एवं 19 वर्ष आयु बालक वर्ग) के विजेता खिलाड़ियों को पुरस्कृत किया
Lucknow : मुख्यमंत्री गोरखपुर में 69वीं राष्ट्रीय विद्यालयीय कुश्ती (ग्रीको रोमन) प्रतियोगिता (अण्डर-17 एवं 19 वर्ष आयु बालक वर्ग) के विजेता खिलाड़ियों को पुरस्कृत किया

मुख्यांश-

  • निरन्तर अभ्यास, निरन्तर सीख, अनुशासित जीवन, चुनौतियों को अवसर में बदलने की क्षमता खिलाड़ी को महान बनाती है और नई ऊर्जा प्रदान करती : मुख्यमंत्री
  • प्रधानमंत्री ने प्रत्येक भारतवासी को खेल और खेलकूद से जोड़ने के प्रयास किए 
  • वर्ष 2030 में अहमदाबाद, भारत में कॉमनवेल्थ गेम्स के आयोजन की घोषणा की गई, हमारे खिलाड़ी अभी से उसकी तैयारी प्रारम्भ कर दें
  • सरकार ओलम्पिक, पैरालम्पिक, कॉमनवेल्थ गेम्स, एशियन गेम्स और वर्ल्ड चैम्पियनशिप में प्रतिभाग करने वाले खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करने के लिए सहायता प्रदान करती
  • राज्य सरकार ने तय किया कि प्रत्येक मण्डल पर एक स्पोर्ट्स कॉलेज, प्रत्येक जनपद में 01 स्टेडियम तथा विकास खण्ड में 01 मिनी स्टेडियम हो
  •  प्रदेश सरकार प्रत्येक सरकारी कॉलेज में 01 मिनी स्टेडियम के निर्माण को आगे बढ़ा रही, 18 जनपदों के राजकीय विद्यालयों में मिनी स्टेडियम का निर्माण कराया जा रहा
  • देश के लिए मेडल जीतने वाले 500 से अधिक खिलाड़ियों को सरकारी नौकरी उपलब्ध करायी गयी
  • स्पोर्ट्स कॉलेजों तथा आवासीय क्रीड़ा छात्रावास में प्रशिक्षण लेने वाले खिलाड़ियों के भोजन आदि दैनिक भत्ते को बढ़ाकर 375 रु0 प्रतिदिन प्रति खिलाड़ी किया गया
  • आवासीय क्रीड़ा छात्रावासों में उत्कृष्ट प्रशिक्षण की आवश्यकता के दृष्टिगत 50 अन्तरराष्ट्रीय खिलाड़ियों को 1.50 लाख रु0 प्रतिमाह के मानदेय पर आबद्ध किये जाने की व्यवस्था 
  • राज्य स्तर के वृद्ध, अशक्त खिलाड़ियों को 4,000 रु0, राष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ियों को 6,000 रु0 तथा अन्तरराष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ियों को 10,000 रु0 प्रतिमाह वित्तीय सहायता प्रदान की जाती

लखनऊ : उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि विगत 11 वर्षों में देश में खेल और खेलकूद की गतिविधियों में एक नई स्फूर्ति देखी गयी है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने प्रत्येक भारतवासी को खेल और खेलकूद से जोड़ने के प्रयास किए हैं। खेलो इण्डिया, फिट इण्डिया मूवमेण्ट, सांसद खेलकूद प्रतियोगिता, विधायक खेलकूद प्रतियोगिता या ग्रामीण खेलकूद लीग की प्रतियोगिताएँ इन प्रयासों का हिस्सा हैं। देश में खेलकूद गतिविधियों का परिणाम है कि आज ओलम्पिक, पैरालम्पिक, कॉमनवेल्थ गेम्स, एशियन गेम्स और वर्ल्ड चैम्पियनशिप में हमारे खिलाड़ी प्रतिभाग कर मेडल प्राप्त कर रहे हैं।

मुख्यमंत्री आज वीर बहादुर सिंह स्पोर्ट्स कॉलेज, गोरखपुर में स्कूल गेम्स फेडरेशन ऑफ इण्डिया के तत्वावधान में 69वीं राष्ट्रीय विद्यालयीय कुश्ती (ग्रीको रोमन) प्रतियोगिता (अण्डर-17 एवं 19 वर्ष आयु बालक वर्ग) के पुरस्कार वितरण कार्यक्रम में अपने विचार व्यक्त कर रहे थे। उन्होंने विजेता खिलाड़ियों को पुरस्कृत किया। उन्होंने कहा कि यह उनके लिए आनन्द का क्षण है कि ग्रीको रोमन के कुश्ती प्रतियोगिता के रोमांचक मुकाबले में भारत की ऊर्जा के प्रतीक इन युवा प्रतिभाओं के खेल को देखने का अवसर प्राप्त हुआ है। गोरखपुर में 30 नवम्बर से प्रारम्भ हुई इस प्रतियोगिता में विभिन्न प्रदेशों की 23 टीमों के कुल 393 खिलाड़ियों एवं 81 कोच/मैनेजर द्वारा प्रतिभाग किया गया। प्रदेश के 19 खिलाड़ियों ने इस ग्रीको रोमन कुश्ती प्रतियोगिता में प्रतिभाग किया। आज यहाँ मेडल प्राप्त करने वाले सभी खिलाड़ियों को सम्मानित किया गया है। इसके तहत स्वर्ण पदक विजेता को 75,000 रुपये, रजत पदक विजेता को 50,000 रुपये तथा कांस्य पदक विजेता को 30,000 रुपये की पुरस्कार राशि प्रदान की गई है।मुख्यमंत्री ने ग्रीको रोमन कुश्ती प्रतियोगिता अण्डर-17 व अण्डर-19 में प्रतिभाग करने वाले खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि प्रत्येक खिलाड़ी की सबसे बड़ी प्रतिस्पर्धा स्वयं से होती है। जब खिलाड़ी स्वयं को विजेता मान लेते हैं, तो अवश्य विजयी होते हैं, परन्तु अन्दर से हार मान लेने से जीत के नजदीक आने के बाद भी आप हार जाते हैं। इसलिए मजबूत आत्मबल और इच्छाशक्ति के साथ विजयी होने के लिए आगे बढ़ें। निरन्तर अभ्यास, निरन्तर सीख, अनुशासित जीवन, चुनौतियों को अवसर में बदलने की क्षमता खिलाड़ी को महान बनाती है और नई ऊर्जा प्रदान करती है।

मुख्यमंत्री ने सभी प्रतिभागी खिलाड़ियों के उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएँ देते हुए कहा कि यह प्रतियोगिता उनके जीवन में नई दिशा, नया आत्मविश्वास और नई ऊँचाइयों का द्वार बने। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि आने वाले समय में सभी खिलाड़ी भारत को विश्व खेल मानचित्र पर नई पहचान देंगे। हाल ही में वर्ष 2030 में अहमदाबाद, भारत में कॉमनवेल्थ गेम्स के आयोजन की घोषणा हुई है। हमारे खिलाड़ी अभी से उसकी तैयारी प्रारम्भ कर दें।

मुख्यमंत्री ने विजेता खिलाड़ियों को बधाई एवं उप विजेता टीम के खिलाड़ियों का अभिनन्दन करते हुए कहा कि खिलाड़ियों ने खेल का बेहतरीन प्रदर्शन किया है। इस प्रतियोगिता के माध्यम से खिलाड़ियों को उन कमियों को सुधारने की सीख प्राप्त हुई है, जो इससे भी बड़ी विजय की ओर उन्हें अग्रसर करेगी। उन्होंने कहा कि जो खिलाड़ी ओलम्पिक, पैरा ओलम्पिक, कॉमनवेल्थ गेम्स, एशियन गेम्स और वर्ल्ड चैम्पियनशिप में प्रतिभाग करते हैं, उन खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करने के लिए सरकार सहायता प्रदान करती है। वह प्रोत्साहन उन्हें आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करता है। हमारे स्कूल, कॉलेज इसका केन्द्र बिन्दु है, जहां खेलकूद गतिविधियों को तेजी से आगे बढ़ाया जा सकता है।मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में अब तक 03 स्पोर्ट्स कॉलेज थे। राज्य सरकार ने तय किया कि प्रत्येक मण्डल पर एक स्पोर्ट्स कॉलेज अवश्य होना चाहिए, ताकि प्रत्येक रीजन को एक खेल से जोड़कर वहाँ बेहतर इन्फ्रास्ट्रक्चर, अच्छे कोच, टीम मैनेजर तथा बेहतर ढंग से प्रशिक्षण की सुविधा दी जा सके। उन्होंने कहा कि हॉकी के जादूगर मेजर ध्यानचन्द के नाम पर मेरठ में स्पोर्ट्स यूनिवर्सिटी का निर्माण किया जा रहा है। इस वर्ष इसका पहला सत्र प्रारम्भ हो चुका है।

राज्य सरकार ने निर्णय लिया है कि प्रत्येक जनपद में 01 स्टेडियम तथा विकास खण्ड में 01 मिनी स्टेडियम हो। प्रदेश सरकार प्रत्येक सरकारी कॉलेज में 01 मिनी स्टेडियम के निर्माण को भी आगे बढ़ा रही है। 18 जनपदों के राजकीय विद्यालयों में मिनी स्टेडियम का निर्माण कराया जा रहा है। इसके लिए सरकार की ओर से लगभग 05 करोड़ रुपये की धनराशि प्रत्येक कॉलेज को उपलब्ध करायी जा रही है। गोरखपुर व महराजगंज में माध्यमिक शिक्षा विभाग एवं खेल और युवा कल्याण विभाग की ओर से भी मिनी स्टेडियम का निर्माण कराया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रत्येक स्कूल में खेल का मैदान होना चाहिए। जब विद्यार्थी खेलेंगे, तभी अपनी प्रतिभा का लाभ देश को दे पाएंगे। भारतीय मनीषा का मानना है कि ‘शरीरमाद्यं खलु धर्म साधनम्’ अर्थात स्वस्थ शरीर ही धर्म के सभी साधनों को पूरा कर सकता है। प्रधानमंत्री ने विकसित भारत की संकल्पना भारतवासियों को दी है, इसके लिए प्रत्येक नौजवान का स्वस्थ रहना आवश्यक है। यह सभी कार्यक्रम ‘स्वस्थ भारत-सशक्त भारत’ और आत्मनिर्भर व विकसित भारत की दिशा में उठाये गये कदम व प्रयासों का हिस्सा हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि खेलकूद की गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए प्रदेश सरकार राजकीय माध्यमिक विद्यालयों में अध्ययनरत छात्र-छात्राओं को खेल के प्रति प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से प्रति विद्यालय 25,000 रुपये, बेसिक शिक्षा परिषद द्वारा संचालित प्राथमिक विद्यालयों को 5,000 रुपये एवं जूनियर विद्यालयों को 10,000 रुपये की दर से धनराशि प्रदान कर रही है। खेल जीवन के सर्वांगीण विकास का माध्यम बन चुका है। जिन खिलाड़ियों ने देश के लिए मेडल जीते, ऐसे 500 से अधिक खिलाड़ियों को सरकारी नौकरी उपलब्ध करायी गयी है। डिप्टी एस0पी0 जैसे पद खिलाड़ियों को दिये जा रहे हैं। हाल ही में कैबिनेट में यह निर्णय लिया है कि यदि सरकारी नौकरी करने वाले खिलाड़ी देश के लिए कहीं खेलने जाएंगे, तो यह अवधि ड्यूटी का हिस्सा मानी जाएगी। खिलाड़ियों के नियमित प्रशिक्षण के लिए भी सरकार ने प्रोत्साहन दिया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार द्वारा स्पोर्ट्स कॉलेजों तथा आवासीय क्रीड़ा छात्रावास में प्रशिक्षण लेने वाले खिलाड़ियों के भोजन आदि दैनिक भत्ते को बढ़ाकर 375 रुपये प्रतिदिन प्रति खिलाड़ी किया गया है। आवासीय क्रीड़ा छात्रावासों में उत्कृष्ट प्रशिक्षण की आवश्यकता के दृष्टिगत 50 अन्तरराष्ट्रीय खिलाड़ियों को 1.50 लाख रुपये प्रतिमाह के मानदेय पर आबद्ध किये जाने की व्यवस्था की गयी है। राज्य सरकार ने ओलम्पिक गेम्स, कॉमनवेल्थ गेम्स, विश्वकप, एशियन गेम्स में पदक विजेता खिलाड़ियों के प्रोत्साहन हेतु पुरस्कृत करने की व्यवस्था की है। 

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा विभिन्न राष्ट्रीय एवं अन्तरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में मेडल प्राप्त करने वाले खिलाड़ियों को 50 हजार से लेकर 06 करोड़ रुपये तक की प्रोत्साहन राशि उपलब्ध करायी जाती है। राज्य स्तर के वृद्ध, अशक्त खिलाड़ियों को 4,000 रुपये, राष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ियों को 6,000 रुपये तथा अन्तरराष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ियों को 10,000 रुपये प्रतिमाह वित्तीय सहायता प्रदान की जाती है।

इस अवसर पर विधान परिषद सदस्य डॉ0 धर्मेन्द्र सिंह, विधायक फतेह बहादुर सिंह व प्रदीप शुक्ल, गोरखपुर के महापौर डॉ0 मंगलेश श्रीवास्तव तथा कृषि उत्पादन आयुक्त दीपक कुमार, खेल सचिव सुहास एल0वाई0 सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।

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