Lucknow : बाल श्रम उन्मूलन पर मंडलीय कार्यशाला, 2027 तक यूपी को बाल श्रम मुक्त बनाने पर जोर

अजय जैन ने प्रायोजन योजना, मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना और विधवा पेंशन जैसी सामाजिक सुरक्षा योजनाओं के माध्यम से बाल श्रम उन्मूलन पर जोर दिया। उन्होंने श्रम

Sep 18, 2025 - 20:33
 0  28
Lucknow : बाल श्रम उन्मूलन पर मंडलीय कार्यशाला, 2027 तक यूपी को बाल श्रम मुक्त बनाने पर जोर
बाल श्रम उन्मूलन पर मंडलीय कार्यशाला, 2027 तक यूपी को बाल श्रम मुक्त बनाने पर जोर

लखनऊ : उत्तर प्रदेश को 2027 तक बाल श्रम मुक्त बनाने के मुख्यमंत्री के संकल्प के तहत लखनऊ में यूनिसेफ के सहयोग से श्रम विभाग ने मंडलीय बाल श्रम उन्मूलन कार्यशाला का आयोजन किया। मुख्य विकास अधिकारी अजय जैन के नेतृत्व में आयोजित इस कार्यशाला का उद्देश्य बाल श्रम के रुझानों को समझना, उच्च जोखिम वाले क्षेत्रों की पहचान करना और प्रभावित बच्चों का पुनर्वास करना था।

अजय जैन ने प्रायोजन योजना, मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना और विधवा पेंशन जैसी सामाजिक सुरक्षा योजनाओं के माध्यम से बाल श्रम उन्मूलन पर जोर दिया। उन्होंने श्रम, महिला कल्याण, पुलिस, बाल कल्याण समिति और गैर-सरकारी संगठनों को मिलकर संयुक्त बचाव अभियान चलाने का सुझाव दिया।

डॉ. हेलेन आर. सेकर, पूर्व वरिष्ठ फेलो, वी.वी. गिरी राष्ट्रीय श्रम संस्थान, ने बाल श्रम से जुड़े मुद्दों, खासकर उत्तर प्रदेश के पीतल, ताला, कालीन और कांच उद्योगों में इसके प्रसार पर विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बाल श्रम के खिलाफ संवैधानिक और कानूनी ढांचे पर भी प्रकाश डाला।

यूनिसेफ के बाल संरक्षण विशेषज्ञ सैयद मंसूर कादरी ने पंचायती राज विभाग के माध्यम से स्कूल न जाने वाले और प्रवासी बच्चों का डेटा एकत्र करने की जरूरत बताई। उन्होंने कहा कि बाल श्रम उन्मूलन माता-पिता, समुदाय और सरकार की साझा जिम्मेदारी है।

श्रम विभाग के सैयद रिजवान अली ने बाल और किशोर श्रम अधिनियम 2016 के प्रावधानों और 2027 तक बाल श्रम मुक्त यूपी के लक्ष्य को प्राप्त करने में विभिन्न विभागों की भूमिकाओं पर प्रकाश डाला। महिला कल्याण की उपनिदेशक प्रवीन त्रिपाठी ने एकीकृत दृष्टिकोण और समुदाय में व्यवहार परिवर्तन की जरूरत पर जोर दिया।

लखनऊ पुलिस कमिश्नरेट की एसीपी सौम्या पांडे ने विभिन्न विभागों के बीच सूचना आदान-प्रदान और महिला बीट प्रणाली को पुनर्वास में शामिल करने का सुझाव दिया। अपर श्रमायुक्त कल्पना श्रीवास्तव ने अतिथियों का स्वागत किया और कार्यशाला के उद्देश्यों को स्पष्ट किया।

कार्यशाला में लखनऊ, सीतापुर, हरदोई, खीरी, उन्नाव और रायबरेली के शिक्षा, महिला कल्याण, श्रम, पुलिस, कौशल विकास, अल्पसंख्यक कल्याण, ग्रामीण विकास, बाल कल्याण समिति, जिला बाल संरक्षण इकाइयों, बाल हेल्पलाइन और मानव तस्करी विरोधी इकाइयों के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया। समूह चर्चा के जरिए जिला कार्य योजना तैयार की गई, जिसमें बाल श्रम की रोकथाम, बचाव, पुनर्वास और सामाजिक सुरक्षा योजनाओं पर ध्यान केंद्रित किया गया। सहायक श्रम आयुक्त सुमित कुमार सहित अन्य अधिकारी और कर्मचारी भी मौजूद रहे।

Also Click : Lucknow : पहली अक्टूबर से शुरू होगी 'मोटे अनाज' की खरीद, मोटे अनाज (श्रीअन्न) मक्का, बाजरा व ज्वार की खरीद के लिए चल रहा किसानों का पंजीकरण

What's Your Reaction?

like

dislike

love

funny

angry

sad

wow