Lucknow : लखनऊ जम्बूरी में सूर्यदर्शन और रात्रि आकाश दर्शन से स्काउट्स-गाइड्स में बढ़ रहा खगोल ज्ञान
जम्बूरी में देशभर से आए करीब 35 हजार स्काउट्स और गाइड्स को सूर्यदर्शन का मौका मिल रहा है। जम्बूरी स्थल पर दो सोलर टेलीस्कोप और सौर चश्मे लगाए गए हैं। इनकी मदद से बच्चे
लखनऊ। भारत स्काउट्स एंड गाइड्स की डायमंड जुबली ग्रैंड फिनाले और 19वीं राष्ट्रीय जम्बूरी में इंदिरा गांधी नक्षत्रशाला ने खगोलीय जागरूकता फैलाने के लिए सूर्यदर्शन और रात्रि आकाश दर्शन के कार्यक्रम शुरू किए हैं। ये आयोजन 23 से 29 नवंबर तक रोजाना डिफेंस एक्सपो ग्राउंड, वृंदावन योजना में हो रहे हैं। नक्षत्रशाला और उत्तर प्रदेश एमेच्योर एस्ट्रोनॉमर्स क्लब के सहयोग से ये कार्यक्रम चल रहे हैं।
जम्बूरी में देशभर से आए करीब 35 हजार स्काउट्स और गाइड्स को सूर्यदर्शन का मौका मिल रहा है। जम्बूरी स्थल पर दो सोलर टेलीस्कोप और सौर चश्मे लगाए गए हैं। इनकी मदद से बच्चे सुरक्षित तरीके से सूर्य देख रहे हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि सूर्य पर दिखने वाली प्रोमिनेंस, सनस्पॉट और अन्य गतिविधियां बच्चों को बहुत पसंद आ रही हैं। ये दर्शन दिन में हो रहे हैं।
कार्यक्रम संकल्प मोहन और अनुराग अवस्थी चला रहे हैं। रात्रि आकाश दर्शन में नक्षत्रशाला के बड़े टेलीस्कोप से चंद्रमा, शनि के छल्ले, बृहस्पति का लाल धब्बा और शुक्र की कलाएं दिखाई जा रही हैं। बच्चे इन ग्रहों को देखकर उत्साहित हो रहे हैं। विशेषज्ञ उन्हें ग्रहों की बनावट और खास बातों की छोटी जानकारी भी दे रहे हैं।
उत्तर प्रदेश एमेच्योर एस्ट्रोनॉमर्स क्लब के अनुराग सिंह, काव्या, वंशिका, आराधना, राहिल, गरिमा, कोमल, आदित्य कश्यप, दीपशिखा, अक्षत पाल जैसे सदस्य सहायता कर रहे हैं। नक्षत्रशाला ने समन्वय के लिए दिनेश जोशी और संदीप यादव को लगाया है। सभी गतिविधियां डॉक्टर सुमित कुमार श्रीवास्तव के नेतृत्व में हो रही हैं।
आयोजन समिति के अनुसार, ये कार्यक्रम पूरी तरह मुफ्त हैं। जम्बूरी के प्रतिभागियों को खगोल विज्ञान का असली अनुभव मिल रहा है। विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग ने अस्थायी प्लैनेटेरियम भी लगाया है, जहां बच्चे दिन में सूर्य की गति और रात में तारों को टेलीस्कोप से देख सकते हैं। यह पहल युवाओं में विज्ञान के प्रति रुचि जगाने का अच्छा माध्यम बनेगी।
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