Ghaziabad : सीएम ने जनपद गाजियाबाद में पंचकल्याणक महामहोत्सव में भगवान पार्श्वनाथ जन्मकल्याणम् तथा गुफा मन्दिर का लोकार्पण किया
योगी ने कहा कि तीन दिन पहले अयोध्या में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने प्रभु श्रीराम मंदिर के शिखर पर धर्मध्वजा स्थापित की। देश-दुनिया ने भारत की सनातन परंपरा
- भारत की परम्परा ऋषियों, सन्तों, मुनियों और महापुरुषों के त्याग और बलिदान की एक महागाथा से परिपूर्ण, युगों-युगों से विश्व मानवता इस महागाथा से प्रेरणा प्राप्त कर अपने भविष्य को तय करती रही : सीएम
- प्रधानमंत्री के कर कमलों द्वारा प्रभु श्रीराम के भव्य मंदिर के शिखर पर धर्मध्वजा का पुनर्स्थापन कार्यक्रम सम्पन्न हुआ, देश व दुनिया ने भारत की सनातन परम्परा के वैभव को देखा व अनुभव किया
- प्रत्येक व्यक्ति इक्ष्वाकु कुल के प्रथम राजा तथा प्रथम जैन तीर्थंकर भगवान ऋषभदेव का स्मरण श्रद्धा भाव के साथ करता
- उ0प्र0 का सौभाग्य कि यहां प्रथम जैन तीर्थंकर भगवान ऋषभदेव और चार पवित्र जैन तीर्थंकर अयोध्या की धरती पर पैदा हुए
- दुनिया की आध्यात्मिक नगरी काशी में चार जैन तीर्थंकरों का अवतरण हुआ, जैन तीर्थंकर भगवान सम्भवनाथ का जन्म श्रावस्ती की धरती पर हुआ
- प्रदेश सरकार द्वारा भगवान महावीर स्वामी के महापरिनिर्वाण स्थल फाजिल नगर का नामकरण पावानगरी के रूप में करने हेतु कार्यवाही आगे बढ़ाई जा रही
- जैन धर्म के 24 तीर्थंकरों ने समाज को नई दिशा प्रदान की, उन्होंने करुणा, मैत्री, अहिंसा तथा जियो और जीने दो की प्रेरणा विश्व मानवता को दी
- भारत की ऋषि परम्परा द्वारा दिये गये विश्व मानवता के संदेश को आत्मसात कर उसका अनुसरण करने से विश्व मानवता के कल्याण का मार्ग प्रशस्त होगा
सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा कि भारत की परंपरा ऋषियों, संतों, मुनियों और महापुरुषों के त्याग व बलिदान की महागाथा से भरी है। युगों से विश्व मानवता इसी से प्रेरणा लेती रही है। हमारे ऋषि-मुनि श्रद्धा से पवित्र उपासना पद्धतियों के जरिए इस व्यवस्था को आज भी मजबूत कर रहे हैं।
सीएम गुरुवार को गाजियाबाद के तरुण सागर तीर्थ, मुरादनगर में पंचकल्याणक महोत्सव के दौरान भगवान पार्श्वनाथ जन्मकल्याणक तथा गुफा मंदिर का उद्घाटन करने के बाद बोल रहे थे। इस मौके पर उन्होंने जैन धर्म पर आधारित पुस्तकों का विमोचन भी किया।
योगी ने कहा कि तीन दिन पहले अयोध्या में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने प्रभु श्रीराम मंदिर के शिखर पर धर्मध्वजा स्थापित की। देश-दुनिया ने भारत की सनातन परंपरा का वैभव देखा। हर व्यक्ति इक्ष्वाकु कुल के पहले राजा व पहले जैन तीर्थंकर भगवान ऋषभदेव को श्रद्धा से याद करता है। यूपी का सौभाग्य है कि यहां भगवान ऋषभदेव व चार पवित्र जैन तीर्थंकरों का जन्म अयोध्या में हुआ।
सीएम ने बताया कि आध्यात्मिक नगरी काशी में चार जैन तीर्थंकरों का अवतरण हुआ। भगवान सम्भवनाथ का जन्म श्रावस्ती में हुआ। भगवान महावीर का जन्म वैशाली में था, लेकिन उनका महापरिनिर्वाण यूपी के कुशीनगर के पावागढ़ में हुआ। प्रदेश सरकार फाजिलनगर का नाम पावानगरी करने की प्रक्रिया तेज कर रही है।
योगी ने कहा कि जैन धर्म के 24 तीर्थंकरों ने समाज को नई राह दिखाई। उन्होंने करुणा, मैत्री, अहिंसा व जीयो और जीने दो का संदेश दिया। न सिर्फ मनुष्य, बल्कि हर जीव-जंतु को दिशा दी। यह संदेश आज भी उतना ही महत्वपूर्ण है।
यदि मानव सभ्यता को विकास की नई ऊंचाइयों तक ले जाना है, तो अध्यात्म की ओर लौटना जरूरी है।
अध्यात्म के साथ भौतिक विकास व सांस्कृतिक उन्नति के लिए सुरक्षित, सुसंस्कृत व स्वच्छ वातावरण चाहिए। भारत ने दुनिया को पहले ही ऐसा माहौल दिया है। ऋषि परंपरा के संदेश को अपनाकर विश्व कल्याण का रास्ता खुलेगा।
सीएम ने नवकार महामंत्र का जाप किया। उन्होंने कहा कि अप्रैल में प्रधानमंत्री ने दिल्ली में विश्व नवकार महामंत्र दिवस पर वन वर्ल्ड-वन चैंट कार्यक्रम शुरू किया। इसमें नौ संकल्प दिए गए, जैसे पानी बचाना, एक पेड़ मां के नाम, स्वच्छता मिशन, वोकल फॉर लोकल, देश-दर्शन, प्राकृतिक खेती, योग व खेल से स्वस्थ जीवन व गरीब कल्याण के लिए समर्पण।
योगी ने कहा कि जैन मुनियों की परंपरा साधना की पवित्रता को बढ़ावा दे रही है। आज आचार्य प्रसन्न सागर महाराज व उपाध्याय पीयूष सागर महाराज की 557 दिनों की कठोर साधना व 496 दिनों का निर्जल उपवास, तप, अनुशासन व आत्मसंयम का अद्भुत उदाहरण मिला। यह बताता है कि संकल्प से पिंड में ब्रह्मांड समा सकता है।
आचार्य प्रसन्न सागर महाराज व उपाध्याय पीयूष सागर महाराज ने भी संबोधित किया। कार्यक्रम में प्रवर्तक मुनि महत सागर महाराज, निर्यापक मुनि नव पद्म सागर महाराज, मुनि अप्रत्य सागर महाराज, मुनि परिमल सागर महाराज, इलेक्ट्रॉनिक्स व आईटी मंत्री सुनील कुमार शर्मा, पिछड़ा वर्ग कल्याण व दिव्यांगजन सशक्तिकरण राज्यमंत्री नरेंद्र कुमार कश्यप सहित कई गणमान्य लोग मौजूद रहे।
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