Lucknow : दीनदयाल उपाध्याय राज्य ग्राम्य विकास संस्थान में विभिन्न विषयों पर प्रशिक्षण जारी
डॉ मधुसूदन स्वामी और किशन वीर सिंह शाक्य ने मिशन कर्मयोगी तथा विकसित भारत 2047 के लक्ष्यों के संदर्भ में ज्ञान, कौशल, दक्षता, सकारात्मक सोच, सामाजिक समरसता
उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य के नेतृत्व में दीनदयाल उपाध्याय राज्य ग्राम्य विकास संस्थान, बख्शी का तालाब, लखनऊ में सरकारी, अर्धसरकारी विभागों के अधिकारियों, कर्मचारियों और रचनात्मक कार्यों से जुड़े लोगों को प्रशिक्षण देकर उन्हें अधिक कुशल और सक्षम बनाने का काम लगातार चल रहा है।
संस्थान के महानिदेशक एल वेंकटेश्वर लू के संरक्षण और अपर निदेशक सुबोध दीक्षित के मार्गदर्शन में विभिन्न प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित हो रहे हैं। इनमें राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन, सामाजिक अंकेक्षण, उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम, अर्थ एवं संख्या, तथा प्राथमिक और उच्च प्राथमिक शिक्षा विभाग में नवनियुक्त जिला और ब्लॉक समन्वयकों के लिए प्रशिक्षण शामिल हैं।
एक कार्यक्रम में मिशन कर्मयोगी और विकसित भारत 2047 पर वेबिनार आयोजित किया गया। इसमें सभी प्रतिभागियों को बुद्धा सभागार में बुलाया गया। मुख्य अतिथि और विशेषज्ञों ने विषय पर विस्तार से विचार रखे। प्रोफेसर डॉ मधुसूदन स्वामी (वरिष्ठ विजिटिंग फैकल्टी, लाल बहादुर शास्त्री राष्ट्रीय प्रशासनिक अकादमी, मसूरी), डॉ किशन वीर सिंह शाक्य (प्रख्यात शिक्षाविद् और पूर्व वरिष्ठ सदस्य, लोक सेवा आयोग उत्तर प्रदेश), योगेंद्र सिंह (सेवानिवृत्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश) तथा विजय कृष्ण भागवत (अपर निदेशक, सोशल आडिट, उत्तर प्रदेश) ने भाग लिया।
डॉ मधुसूदन स्वामी और किशन वीर सिंह शाक्य ने मिशन कर्मयोगी तथा विकसित भारत 2047 के लक्ष्यों के संदर्भ में ज्ञान, कौशल, दक्षता, सकारात्मक सोच, सामाजिक समरसता, समन्वय, सहयोग और राष्ट्र विकास के लिए योजनाओं के क्रियान्वयन में निष्ठा से काम करने पर चर्चा की।
योगेंद्र सिंह ने उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम पर विस्तार से बात की और जागरूकता बढ़ाने की जरूरत बताई। विजय कृष्ण भागवत ने सामाजिक अंकेक्षण की महत्वपूर्णता और प्रशिक्षण की उपयोगिता पर व्याख्यान दिया।
कार्यक्रम के अंत में महानिदेशक एल वेंकटेश्वर लू ने प्रतिभागियों को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि ऐसे कार्यक्रमों में राष्ट्रीय और राज्य स्तर के विशेषज्ञों को इसलिए बुलाया जाता है ताकि नवाचार, ज्ञान वृद्धि, कौशल विकास और सकारात्मक सोच में बदलाव आए।
कार्यक्रम का संचालन डॉ नवीन कुमार सिन्हा ने किया और सुबोध दीक्षित ने सभी का धन्यवाद किया। आयोजन में सहायक निदेशक डॉ राज किशोर यादव, डॉ सत्येन्द्र कुमार गुप्ता, डॉ वरूण चतुर्वेदी, डॉ रंजना सिंह, संकाय सदस्य मोहित यादव, धर्मेंद्र कुमार सुमन, प्रचार सहायक मोहम्मद शहंशाह तथा कंप्यूटर प्रोग्रामिंग ऑफिसर उपेंद्र कुमार दूबे का महत्वपूर्ण योगदान रहा।
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